अमेरिका में चुनावी घमासान जारी है
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इस समय डोनल्ड ट्रंप और क्लिंटन दोनों को लोकप्रियता से अधिक अलोकप्रियता का सामना है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct २५, २०१६ १५:५५ Asia/Kolkata

इस समय डोनल्ड ट्रंप और क्लिंटन दोनों को लोकप्रियता से अधिक अलोकप्रियता का सामना है।

अमेरिका में राष्ट्रपति पद का चुनाव होने में दो सप्ताह का समय बाक़ी है और दोनों प्रतिस्पर्धियों की लोकप्रियता अब भी पचास प्रतिशत से कम है।

रियल क्लियर पॉल्टिक्स साइट के सर्वेक्षण के अनुसार डेमोक्रेटिक प्रत्याशी हिलैरी क्लिंटन और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप को क्रमशः 53 दशमलव सात प्रतिशत और 60 दशमलव 9 प्रतिशत लोकप्रियता में कमी का सामना है।

हिलैरी क्लिंटन की लोकप्रियता 43 प्रतिशत एक दशमलव है जबकि ट्रंप की लोकप्रियता 35 दशमलव सात प्रतिशत है। इस आंकड़े के दृष्टिगत स्पष्ट हो जाता है कि ट्रंप को क्लिंटन के मुकाबले में कम लोकप्रियता का सामना है यहां तक कि ट्रंप को क्लिंटन के मुकाबले में 25 प्रतिशत कम लोकप्रियता प्राप्त है।

साथ ही अमेरिका में अभूतपूर्व ढंग से दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को अलोकप्रियता का सामना है। इससे पहले अमेरिका में होने वाले चुनावों में देखा यह जाता था कि रिपब्लिकन या डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार को लोकप्रियता प्राप्त होती थी और दूसरे को नहीं होती थी और अमेरिकी लोग आम तौर पर लोकप्रिय व्यक्ति को चुनते थे किन्तु इस समय डोनल्ड ट्रंप और क्लिंटन दोनों को लोकप्रियता से अधिक अलोकप्रियता का सामना है।

यह ऐसी स्थिति में है जब दोनों पार्टियों के ताने- बाने के दृष्टिगत किसी तीसरे उम्मीदवार का चुनाव असंभव है। इस आधार पर अमेरिकी लोग आठ नवंबर को बुरे और अधिक बुरे के बीच एक के चयन पर बाध्य हैं। रिपब्लिकन क्लिंटन को और डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्षधर ट्रंप को बुरा बता रहे हैं। दोनों पार्टियों के पक्षधर अपने-2 उम्मीदवार की लोकप्रियता के लिए तर्क भी बयान करते हैं।

बहरहाल अमेरिका में दोनों उम्मीदवारों से अप्रसन्नता की प्रक्रिया भविष्य में इस देश के लिए समस्या जनक हो सकती है। अभी से यह भविष्य वाणी की जा रही है कि दोनों में से किसी भी प्रत्याशी को पचास प्रतिशत मत नहीं मिलेगा।

साथ ही अभी से यह भी स्पष्ट है कि वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को दोनों पार्टियों के पक्षधरों की ओर से स्वीकार किये जाने को समस्या का सामना होगा। डोनल्ड ट्रंप के उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा है कि विजयी होने की स्थिति में ही वह चुनाव परिणामों को स्वीकार करेंगे। MM