ज़कज़की को फौरन आज़ाद किया जाए, युरोपीय संघ की मांग
अबूजा में युरोपीय संघ के कार्यालय ने शेख इब्राहीम ज़कज़की को जेल में बंद रखने पर चिंता प्रकट करते हुए नाइजेरिया की सरकार से मांग की है कि वह फेडरल अदालत के आदेश के अनुसार शेख ज़कज़की को जल्दी से जल्दी आज़ाद करे।
नाइजेरिया की फेडरल अदालत ने कुछ दिनों पहले इस देश के प्रसिद्ध धर्मगुरु शेख ज़कज़की को आज़ाद करने का आदेश दिया था लेकिन नाइजेरिया की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए, उन्हें आज़ाद करने से इन्कार कर दिया।
नाइजेरिया के राष्ट्रपति मुहम्मद बुहारी ने रविवार को बयान दिया कि जनता का हित इसी में है कि शेख ज़कज़की के बारे में अदालत के फैसले को लागू न किया जाए।
एमेनेस्टी इंटरनेशनल ने भी सोमवार को एक बयान जारी करके शेख ज़कज़की और उनकी पत्नी को जल्द आज़ाद किये जाने की मांग की थी।
नाइजेरिया में इस वरिष्ठ धर्मगुरु की आज़ादी के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में तेज़ी आ गयी है।
याद रहे नाइजेरिया की सेना ने दिसंबर सन 2015 में सैंकड़ों लोगों का जनसंहार करने के बाद शेख ज़कज़की और उनकी बीवी को गिरफ्तार कर लिया था। (Q.A.)