अफ़ग़ानिस्तान में सरकारी स्तर पर आर्थिक भ्रष्टाचार से लोग चिंतित
अफ़ग़ानिस्तान में सरकारी स्तर पर आर्थिक भ्रष्टाचार समाप्त करने का प्रण लिया गया है।
अफ़ग़ानिस्तान के संसद सभापति पर आर्थिक भ्रष्टाचार की बात सामने आने के बाद इस देश के राष्ट्रपति भवन ने घोषणा की है कि जो भी क़ानून के ख़िलाफ़ काम करेगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने कहा है कि देश के संसद सभापति पर आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोप सिद्ध होने की स्थिति में उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अफ़ग़ानिस्तान के सामने जो चुनौतियां मुंह बाए खड़ी है उनमें से एक, इस देश की व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार है। अफ़ग़ानिस्तान की नई सरकार ने सन 2014 में भ्रष्टाचार से मुक़ाबले के नारे के साथ अपना काम करना आरंभ किया था।
जानकारों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार की ओर से कई बार आर्थिक भ्रष्टाचार से मुक़ाबले की बात कही जाती रही है किंतु इससे मुक़ाबले की प्रक्रिया की गति बहुत धीमी है। खेद की बात यह है कि इस भ्रष्टाचार में वे लोग लिप्त बताए जा रहे हैं जो उच्च पदों पर आसीन हैं। जानकारों का कहना है कि हालांकि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार का यह कहना है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुक़ाबले की कार्यवाही अच्छी गति से आगे बढ़ रही है और इस क्षेत्र में बहुत सी उपलब्धियां अर्जित की गई हैं किंतु वे इनको पर्याप्त नहीं मानते। राजनैतिक टीकाकार कहते हैं कि यदि अफ़ग़ानिस्तान के संसद सभापति पर आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो जाते हैं और उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार विरोधी कार्यवाही की जाती है तो इससे जनता में यह संदेश जाएगा कि वास्तव में अफ़ग़ानिस्तान की सरकार आर्थिक भ्रष्टाचार को समाप्त करने में बहुत गंभीर है। लेकिन अगर एेसी नहीं होता है तो फिर यह अफ़ग़ानिस्तान के लिए बहुत शर्म की बात होगी।