डोनाल्ड ट्रम्प जापान पहुंचे
शिन्ज़ो आबे अमेरिका के क्षेत्रीय घटकों के मध्य सबसे अधिक उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिकी नीतियों का समर्थन करते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशियाई देशों की यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में 5 नवंबर को जापान पहुंचे। जापान में ट्रम्प ने अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात में एक बार फिर उत्तर कोरिया के खिलाफ उत्तेजक भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि कोई अमेरिका के दृढ़ संकल्प को कम न समझे।
अमेरिका के राष्ट्रपति को अपेक्षा है कि वह जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, वियतनाम और फिलिप्पीन की यात्रा के दौरान उत्तर कोरिया को परमाणु और मिसाइल जैसे विषय के बारे में पहले से अधिक पुनर्विचार के लिए दबाव डाल सकेंगे।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति की जापान के प्रधानमंत्री शिन्ज़ो आबे के साथ मुलाकात अधिक महत्वपूर्ण है। क्योंकि शिन्ज़ो आबे अमेरिका के क्षेत्रीय घटकों के मध्य सबसे अधिक उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिकी नीतियों का समर्थन करते हैं।
जापान अपनी सुरक्षा के लिए उत्तर कोरिया को गम्भीर खतरा समझता है और हालिया महिनों के दौरान वह कई बार अपनी वायु सीमा में उत्तर कोरिया द्वारा परीक्षण किये गये मिसाइलों का साक्षी रहा है।
जापानी अधिकारियों को अपेक्षा है कि ट्रम्प सरकार उत्तर कोरिया के खिलाफ धमकी भरी भाषा का प्रयोग करके प्यूंगयांग को अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के बारे में पुनर्विचार के लिए बाध्य कर देगी जबकि इस धमकी का परिणाम अब तक उत्तर कोरिया की ओर से अधिक मिसाइलों व परमाणु परीक्षणों के अलावा कुछ नहीं रहा है।
अलबत्ता जापानी अधिकारियों के साथ ट्रम्प की वार्ता केवल सुरक्षा मामलों और उत्तर कोरिया से मुकाबले के तरीक़ों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि अपेक्षा है कि दोनों पक्ष व्यापार के संबंध में भी वार्ता करेंगे।
डोनाल्ड ट्रम्प एसी स्थिति में जापान पहुंचे हैं जब उन्होंने इससे पहले अमेरिकियों को वचन दिया था कि इस देश के साथ दूसरे देशों के साथ व्यापारिक संबंध में जो असंतुलन है उसे वह कम करेंगे।
इसी परिप्रेक्ष्य में ट्रम्प ने "पहले अमेरिकी" नारे को चुना और उन्होंने अपने पहले राष्ट्रपति आदेश में "ट्रांस पैसेफिक" समझौते से निकलने की घोषणा की।
बहरहाल जापान अमेरिका से लगभग दो अरब डालर का व्यापार करता है और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में हर प्रकार के परिवर्तन से जापान को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचेगा। MM