चीन की जासूसी से डर गए सीआईए प्रमुख
https://parstoday.ir/hi/news/world-i56911-चीन_की_जासूसी_से_डर_गए_सीआईए_प्रमुख
अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर माइक पोम्पियो ने कहा है कि अमरीका के लिए चीन, रूस से बड़ा ख़तरा है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Jan ३१, २०१८ ११:०८ Asia/Kolkata
  • चीन की जासूसी से डर गए सीआईए प्रमुख

अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर माइक पोम्पियो ने कहा है कि अमरीका के लिए चीन, रूस से बड़ा ख़तरा है।

बीबीसी को इंटरव्यू देते हुए पोम्पियो ने दावा किया कि अमरीका ही नहीं बल्कि ब्रिटेन सहित यूरोप में घुसपैठ में चीनी इंटेलीजेन्स का बहुत असर था। उन्होंने दोनों अर्थ व्यवस्थाओं के पैमाने के बारे में बोलते हुए कहा कि रूसियों के मिशन पर काम करने के लिए चीन का प्रभाव बहुत अधिक है।

सीआईए के चीफ़ ने आरोप लगाया कि अमरीका के ख़िलाफ़ चीन ने हर जगह जासूस रखे हुए हैं यहां तक कि यह जासूस असपतालो, स्कूलों और कार्पोरेट दुनिया में भी मौजूद हैं।

माइक पोम्पियो के अनुसार चीन की कार्यशैली में ख़ुफ़िया जानकारियां हासिल करना और अपने प्रभाव के लिए सांस्कृतिक जासूसी करना है ताकि वह अमरीकी अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव डाल सके और अमरीकी बाज़ार में पैठ जमा सके।

यह पहला अवसर नहीं है कि अमरीका की ओर से चीन और रूस पर अपने देश में हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया है। इससे पहले अमरीकी इंटैलीजेन्स की जांच में पता चला था कि 2016 में कथित रूप से अमरीका के चुनावों में रूस ने हस्तक्षेप किया था।

चीन और रूस का कहना है कि अमरीका की ओर से लगाए जाने वाले आरोप शीत युद्ध की सोच की उपज हैं और यह अमरीका की साम्राज्यवादी नीति का हिस्सा है।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हाचून यिंग ने कहा कि हम आशा करते हैं कि अमरीका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन के स्ट्रैटेजिक इरादे को नुक़सान पहुंचाना बंद करेगा और अपनी शीत युद्ध के समय की सोच से बाहर निकलेगा वरना दूसरी स्थिति में यह अमरीका और दूसरों के लिए नुक़सानदेह साबित होगा।

मास्को की ओर से भी एक बयान में कहा जा चुका है कि अमरीका की ओर से घोषित विदेश नीति में उसकी साम्राज्यवादी सोच साफ़ झलकती है।