शांति का नोबेल पुरस्कार ज़ायोनी विरोधी संस्था को दिया जाएः नार्वे
नार्वे के एक सांसद ने ज़ायोनी विरोधी अन्तर्राष्ट्रीय संस्था को शांति का नोबेल पुरस्कार देने की मांग की है।
नार्वे के सांसद Bjørnar Moxnes ने कहा है कि वर्ष 2018 का नोबल पुरस्कार, ज़ायोनियों की अन्तर्राष्ट्रीय बहिष्कार, विनिवेष तथा प्रतिबंध संस्था बीडीएस को दिया जाए। उनके अनुसार अन्तर्राष्ट्रीय बीडीएस संस्था, फ़िलिस्तीनियों के लिए इस्राईल के विरुद्ध संघर्षरत है।नार्वे के सांसद Bjørnar Moxnes बाएरनर माॅक्सनेस के आधिकारिक बयान के अनुसार बीडीएस के लिए सन 2018 का शांति का नोबल पुरस्कार, पीड़ित ग्रस्त फ़िलिस्तीनियों के अन्तर्राष्ट्रीय समर्थन के अर्थ में होगा।
ज्ञात रहे कि अन्तर्राष्ट्रीय बहिष्कार, विनिवेश तथा प्रतिबंध संस्था बीडीएस एेसी अहिंसावादी अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है जो फ़िलिस्तीनियो को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। इसका गठन दक्षिणी अफ्रीका के नस्लभेदी आन्दोलन से प्रभावित होकर लगभग 11 वर्ष पूर्व किया गया था। वर्तमान समय में 50 से अधिक देशों में सामाजिक संगठन, विश्वविद्यालय और गिरजाघरों से संबन्धित संस्थाएं इसका समर्थन करती हैं। बीडीएस, अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की भूमि में ज़ायोनियों की ओर से बनाई जाने वाली अवैध कालोनियों के निर्माण और पश्चिम की ओर से उसके समर्थन का विरोध करती है।