रूस ने 41 यूरोपीय कूटनयिकों को दिखाया बाहर का रास्ता
रूस ने शुक्रवार को पश्चिमी देशों द्वारा रूसी कूटनयिकों को निकालने जाने के जवाब में विभिन्न यूरोपीय देशों के 41 कूटनयिकों को देश से निकाल दिया है।
इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार रूस के विदेशमंत्रालय की ओर से जारी होने वाले बयान के अनुसार चेक गणराज्य के 3, हालैंड के 2, इटली के 2, फ़िन्लैंड के 1, पोलैंड के 4, स्टोनिया के एक सैन्य अटैची, लैटविया के 1, लिथुआनिया के 3, स्वीडन के 1, जर्मनी के 4, जार्जिया के 1, यूक्रेन के 13, मोलदाविया के 3, रोमानिया के 1 और नार्वे के एक कूटनयिक को रूस से निकाला गया है।
रूस के विदेशमंत्रालय ने इसी प्रकार ब्रिटेन से कहा है कि वह रूस में अपने कूटनयिक केन्द्रों में कर्मियों की संख्या करके ब्रिटेन में रूस के कूटनयिकों की संख्या के बराबर करे।
इससे पहले रूस ने ब्रिटेन, फ़्रांस, इटली और जर्मनी सहित कुछ पश्चिमी देशों में के राजदूतों को इन देशों से रूसी कूटनयिकों को निकालने के बारे में विवरण जानने के लिए विदेशमंत्रालय में तलब किया था ताकि रूस की बदले की कार्यवाही से इन देशों को अवगत किया जा सके।
रूस ने पश्चिमी देशों की ओर से रूसी कूटनयिकों को निकाले जाने पर जवाबी कार्यवाही करते हुए अमरीका के 60 कूटनयिकों को देश से निकलने का आदेश दिया था। रूस ने इसी प्रकार सेन्टपीटर्ज़बर्ग में अमरीकी वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया है।
पिछले महीने लंदन में रूसी मूल के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपाल पर ज़हरीले पदार्थ से हमले की घटना के बाद से रूस और ब्रिटेन के संबंध ख़राब हो गये हैं
सोमवार को अमरीका ने 60 रूसी कूटनयिकों को निकालने का एलान किया जिनमें 12 संयुक्त राष्ट्र संघ में रूसी कार्यालय के कर्मचारी हैं। योरोपीय संघ के 17 देशों ने कैनडा, ऑस्ट्रेलिया और युक्रेन के साथ लंदन के समर्थन में रूस के कुछ कूटनयिकों को निकाल दिया। कुल मिलाकर अब तक निकाले गए रूसी कूटनयिकों की संख्या 150 से अधिक हो गयी है। ब्रिटेन ने बिना सुबूत के कुछ दिन पहले रूस के 23 कूटनयिकों को निकाल दिया था। (AK)