फ़्रान्स में फिर आतंकवादी आक्रमण
फ़्रान्स में एक बार फिर आतंकवादी हमला हुआ है। इस हमले की ज़िम्मेदारी दाइश ने स्वीकार की है।
शनिवार की रात पेरिस में होने वाली इस हमले में आक्रमण कारी ने, चाक़ू से राहगीरों पर हमला किया जिसके दौरान दो लोग मारे गये और कई घायल हो गये। फ्रांस के राष्ट्रपति एमानोएल मैक्रां ने इस आतंकवादी हमले पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कहा कि फ़्रान्स ने एक बार फिर आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध का हर्जाना दिया है। सन 2015 से अब तक फ़्रान्स में कई बार आतंकवादी आक्रमण हो चुके हैं जिससे पर्यटन के लिए विख्यात इस देश को नुक़सान पहुंचा है और इस देश के नागरिकों में सुरक्षा का आभास भी कम हुआ है। सन 2015 के जनवरी व नवम्बर में पेरिस में हमले, जूलाई 2016 में नीस में हमला और सन 2017 के अप्रैल में पेरिस में हमला, कई लोगों के हताहत व घायल होने का कारण बना। इस समय तकफीरी आतंकवाद, जिसके दाइश प्रतीक हैं, फ़्रान्स सहित युरोपीय देशों की सब से बड़ी सुरक्षा चुनौती बन चुका है।
इस खतरे का महत्व, आतंकवादी हमलों के जारी रहने और चरमपंथियों के अपने अपने यूरोपीय देशों में वापसी की आशंका के परिप्रेक्ष्य में समझा जा सकता है। युरोप की ओर से आतंकवाद के समर्थन का नतीजा, पश्चिमी देशों के तकफ़ीरी आतंकवादियों की स्वदेश वापसी और दाइश से संबंधित आतंकवादियों द्वारा इन देशों में आतंकवादी हमलों के रूप में देखा जा सकता है। अब फ़्रान्स के अधिकारी, दाइश के खतरे के गंभीर होने की बात कर रहे हैं जिसका साफ़ अर्थ यह है कि इस देश में सुरक्षा कम हुई है। "अलोन वूल्फ़" कहे जाने वाले यह आतंकवादी बड़ी आसानी से हमले करते हैं और चूंकि यह सारी कार्यवाही अकेले करते हैं इसी लिए, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इन्हें रोकना पुलिस व सुरक्षा विभाग के लिए संभव नहीं होता। (HN)