यूरोप को पुतीन ने दी कड़ी चेतावनी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने सेंट पीटर्सबर्ग में पत्रकारों के साथ एक विशेष बैठक में यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है कि वे रूस की रेड लाइन पार करने का प्रयास न करें और रूस के हितों का ध्यान रखें।
रूस के राष्ट्रपति पुतीन ने ब्रिटेन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह अपनी आत्मघाती ग़लतियों के लिए स्वयं ज़िम्मेदार है, रूस को उसका ज़िम्मेदार बताने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि रूस के ख़िलाफ़ झूठे आरोप लगाए गए हैं, जिनमें ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से निकलने से लेकर लंदन में रूस के डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिपाल पर हुआ हमला और मलेशिया के यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला शामिल है।
रूसी राष्ट्रपति का यह बयान, ब्रिटिश विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें रूस से मलेशियाई विमान दुर्घटना के प्रति जवाबदेह होने की अंतर्राष्ट्रीय मांग का समर्थन किया गया है। दूसरी ओर, हॉलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने भी घोषणा की है कि अंतर्राष्ट्रीय जांच के परिणाम के बाद यह बात सिद्ध हो गई है कि यूक्रेन में मलेशियाई विमान जिस हथियार से निशाना था वह रूसी सैन्य इकाई से संबंधित है।
इस बीच क्रेमलिन हाउस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोफ़ ने रूस पर लगाए जा रहे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि मलेशियाई विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने में रूस की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में रूस को शामिल होने से रोका गया इसलिए रूस अतंर्राष्ट्रीय जांच समिति के जांच परिणामों को स्वीकार नहीं कर सकता।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन ने अपने बयान में कहा कि देश की पूर्वी सीमाओं के पास नेटो की तेज़ होती गतिविधियां और साथ ही नेटों में यूक्रेन की संभावित सदस्यता, रूस की रेड लाइन है, जिसे यूरोप को पार नहीं करना चाहिए। (RZ)