अमेरिका और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच जारी शीत युद्ध रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है और अब एक बार फिर पाकिस्तान में चुनाव के संपन्न होने के तुरंत बाद अमेरिका, पाकिस्तान के सामने खड़ा हो गया है।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान के लिए आईएमएफ़ बकाया पैकेज से चीनी ऋण के भुगतान का विरोध किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि आईएमएफ़ पैकेज से चीनी ऋण के भुगतान का कोई औचित्य नहीं बनता है। इस बीच आईएमएफ़ के प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से क़र्ज़ के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी भी अपेक्षित पैकेज के संबंध में किसी पाकिस्तानी अधिकारी से कोई वार्ता हुई है। हालांकि दूसरी ओर एक विदेशी समाचार पत्र ने दावा किया है कि पाकिस्तान, आईएमएफ़ से 12 बिलियन डॉलर उधार लेने की कोशिश कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो का कहना है कि वह पाकिस्तान की नई सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, लेकिन दूसरी तरफ़, अमेरिका ने आईएमएफ़ पैकेज से पाकिस्तान की ओर से चीन को भुगतान किए जाने वाले संभावित क़र्ज का विरोध किया है। ज्ञात रहे कि अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि वह पाकिस्तान की हर गतिविधि पर नज़र रखे हुए हैं और वॉशिंग्टन, इस्लामाबाद को कभी इस बात की इजाज़त नहीं देगा कि वह अईएमएफ़ पैकेज को चीनी ऋण के भुगतान के लिए इस्तेमाल करे।
पाकिस्तानी टीकाकारों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के इस तरह के व्यवहार से पता चलता है कि अमेरिका केवल अपने हितों के बारे में सोचता है और उसकी दोस्ती भी केवल अपने फ़ायदे के लिए होती है। (RZ)