उत्तर कोरिया ने राष्ट्रसंघ के महासचिव के बयान की आलोचना की
https://parstoday.ir/hi/news/world-i67117-उत्तर_कोरिया_ने_राष्ट्रसंघ_के_महासचिव_के_बयान_की_आलोचना_की
अमेरिकी राजनेता सिंगापुर समझौते के प्रति वचनबद्ध नहीं है और अब भी वे एक पक्षीय दृष्टिकोण अपना कर उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग कर रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ११, २०१८ १२:५६ Asia/Kolkata

अमेरिकी राजनेता सिंगापुर समझौते के प्रति वचनबद्ध नहीं है और अब भी वे एक पक्षीय दृष्टिकोण अपना कर उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग कर रहे हैं।

उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियारों से निरस्त्रीकरण के संबंध में संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव के बयान व दृष्टिकोण की आलोचना की है।

संयुक्त राष्ट्रसंघ में उत्तर कोरिया के दूतावास ने एक विज्ञप्ति जारी करके घोषणा की है कि उत्तर कोरिया के निरस्त्रीकरण हेतु एंटोनियो गुटेरेस का आह्वान अमेरिका की हां में हां मिलाना है।

इस विज्ञप्ति में बल देकर कहा गया है कि राष्ट्रसंघ के महासचिव को वह करना चाहिये जो कोरिया प्रायद्वीप की वर्तमान परिस्थिति और क्षेत्र की शांति व सुरक्षा के हित में है और केवल एक देश की प्रसन्नता के लिए आर्थिक प्रतिबंधों की ओर संकेत नहीं करना चाहिये।

उत्तर कोरिया के अनुसार विश्व में शांति व सुरक्षा स्थापित करना राष्ट्रसंघ की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है और राष्ट्रसंघ के महासचिव को पक्षपाती दृष्टिकोण अपनाकर कोरिया प्रायद्वीप के संकट को हवा नहीं देनी चाहिये।

हालिया महीनों में उत्तर और दक्षिण कोरिया ने तनाव कम करने के लिए प्रयास आरंभ कर दिया है और अपेक्षा यह की जा रही थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ऊन के मध्य 12 मई को सिंगापुर में होने वाली भेंट के बाद कोरिया संकट के समाधान की दिशा में गम्भीर कदम उठाये जायेगें परंतु न केवल एसा नहीं हुआ बल्कि अमेरिकी राजनेता सिंगापुर समझौते के प्रति वचनबद्ध नहीं है और अब भी वे एक पक्षीय दृष्टिकोण अपना कर उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग कर रहे हैं।

वाशिंग्टन ने अभी हाल ही में इस संबंध में घोषणा की है कि उसने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों को अमेरिका या किसी तीसरे देश स्थानांतरित करने के लिए आठ महीने का एक प्रस्ताव दिया है जिसका उत्तर कोरिया ने कड़ा विरोध जताया है।

ब्रुकलिन संस्था के पूर्व विशेषज्ञ स्टीवेन पेफर के अनुसार सिंगापुर में अमेरिका और उत्तर कोरिया के नेताओं के मध्य होने वाली भेंट कोरिया प्रायद्वीप संकट के समाधान की दिशा में कम से कम एक अच्छी ख़बर थी परंतु इस प्रकार का अच्छा नतीजा अमेरिकी पक्ष या ट्रम्प में लिए दृष्टि में नहीं रखा जा सकता।

बहरहाल संयुक्त राष्ट्रसंघ अब तक उत्तर कोरिया के परमाणु संकट के समाधान में कोई विशेष सक्रिय नहीं था पंरतु उत्तर कोरिया के विरुद्ध राष्ट्रसंघ के प्रतिबंधों के कड़ा होने के बाद इस संघ को इस बात की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है कि वह उत्तर कोरिया के विरुद्ध लागू प्रतिबंधों की निगरानी भी करे।

इस आधार पर उत्तर कोरिया के परमाणु मामले में राष्ट्रसंघ के महासचिव का बयान व दृष्टिकोण उनके कार्य क्षेत्र से बाहर है। उत्तर कोरिया का मानना है कि राष्ट्रसंघ के महासचिव को हर प्रकार का दृष्टिकोण अपनाने से पहले कोरिया प्रायद्वीप में शांति व सुरक्षा स्थापित करने के मार्गों के बारे में सोचना चाहिये। MM