उत्तरी कोरिया की सुरक्षा को पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए
रूसी राष्ट्रपति पुतीन का कहना है कि अमरीका की ओर से उत्तरी कोरिया को सुरक्षा की गारेंटी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुनिश्चित करवाया जाए और इसका अंजाम परमाणु समझौते जैसा न होने पाए जिससे अमरीका एकपक्षीय रूप से निकल गया।
कोरिया प्रायःद्वीप का संकट एेसा संकट रहा है जिसपर ट्रम्प ने वाइट हाउस में पहुंचने के साथ ही ध्यान देना आरंभ कर दिया था। इस संदर्भ में ट्रम्प ने उत्तरी कोरिया के नेता के साथ सीधी वार्ता का प्रस्ताव रखा था। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य कोरिया प्रायःद्वीप के परमाणु व मिसाइल मामले का समाधान करना था। 12 जून 2018 को सिंगापुर में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प और उत्तरी कोरिया के नेता ने भेंटवार्ता की थी। इस भेंटवार्ता में जिस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे उसके अनुसार पियुंगयांग को अपने परमाणु शस्त्र नष्ट करने थे और अमरीका का दायित्व बनता था कि वह उत्तरी कोरिया के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करे। हालांकि यह समझौता अभी व्यवहारिक नहीं हो सका है।
समझौते के समय जहां रूस ने इस का स्वागत किया वहीं पर उसने यह भी कहा था कि उत्तरी कोरिया, अमरीकी वादे पर भरोसा नहीं कर सकता। अमरीका की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों के प्रति दुर्भावना के कारण रूसी राष्ट्रपति ने उत्तरी कोरिया के नेता को सचेत किया है। विलादिमीर पुतीन ने कहा है कि उत्तरी कोरिया की ओर से परमाणु निशस्त्रीकरण के बदले अमरीका द्वारा सुरक्षा की गारेंटी को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका हाल जेसीपीओए जैसा नहीं होना चाहिए। माॅस्को का मानना है कि अमरीका द्वारा एकपक्षीय रूप में परमाणु समझौते से निकलना वास्तव में अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। यही कारण है कि उत्तरी कोरिया को सुरक्षा की गैरेंटी के संबन्ध में अमरीकी आश्वासन को शंका की दृष्टि से देखा जा रहा है। इसीलिए रूसी राष्ट्रपति ने इस बारे में चेतावनी दी है। इसी बीच रूसी विदेशमंत्री ने उत्तरी कोरिया के नेता से अनुरोध किया है कि अमरीका के साथ वार्ता में इस बात को पूरी तरह से दृष्टिगत रखें कि ट्रम्प सरकार किस तरह से परमाणु समझौते जैसे अन्तर्राष्ट्रीय समझौते से एकपक्षीय रूप से बाहर निकल आया।
ज्ञात रहे कि वाइट हाउस की ओर से एलान किया गया है कि उत्तरी कोरिया ने अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दूसरी शिखर वार्ता का अनुरोध किया है।