उत्तर कोरिया ने दी अमेरिका को चेतावनी
उत्तर कोरिया के नेता द्वारा अमेरिका को दी जाने वाली चेतावनी इस बात की सूचक है कि प्यूंगयांग ने भी इस बात को समझ लिया है कि अमेरिका भरोसे के लाएक नहीं है
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग ऊन ने नये साल के आरंभ होने पर अमेरिका को चेतावनी दी है कि प्यूंगयांग के विरुद्ध अमेरिका के प्रतिबंधों के जारी रहने की स्थिति में उत्तर कोरिया का व्यवहार परिवर्तित हो जायेगा।
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका उत्तर कोरिया के प्रति अपने वचनों के प्रति कटिबद्ध नहीं रहा तो प्यूंगयांग के सामने केवल एक रास्ता रह जायेगा और वह अपने हितों के समर्थन का नया रास्ता अपनायेगा।
किम जोंग ने इसी प्रकार दक्षिण कोरिया के साथ उत्तर कोरिया के द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाये जाने के प्रति प्यूंगयांग के संकल्प बल पर दिया और सांकेतिक रूप से अमेरिकी उल्लंघनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि एक विदेशी शक्ति को दो पड़ोसी देशों के बीच शांति स्थापित होने की दिशा में बाधा नहीं बनना चाहिये।
वास्तविकता यह है कि गत एक वर्ष से अब तक अमेरिकी व्यवहार में कोई परिवर्तन उत्पन्न नहीं हुआ है।
ट्रंप सरकार ने यद्यपि आरंभ में उत्तर कोरिया के दृष्टिकोणों का स्वागत किया था और दोनों देशों के नेताओं ने जून 2018 में सिंगापुर में एक दूसरे से मुलाकात की और एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किया था परंतु उस समय से लेकर अब तक उत्तर कोरिया की अमेरिका से कोई अपेक्षा पूरी नहीं हुई है।
यही नहीं पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अमेरिका ने उत्तर कोरिया, रूस और चीन के कुछ बैंकों और संस्थाओं पर काले धन को सफेद करने के आरोप में प्रतिबंध लगा दिया था।
ज़ोर- ज़बरदस्ती पर आधारित अमेरिका की अतार्किक कार्यवाहियों पर प्रतिक्रिया जताते हुए अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों ने अमेरिका को अविश्सनीय बताया और कहा कि वह भरोसे के लाएक नहीं है।
चीन में अंतरराष्ट्रीय अध्ययनकेन्द्र के शोधकर्ता निदेशक विक्टोर गियो ने एक साक्षात्कार में कहा कि अपने वचनों पर अमल न करने में अमेरिका का अच्छा अतीत नहीं रहा है। उन्होंने बल देकर कहा कि इराक को देखिये, लीबिया को देखिये और देखिये कि सीरिया में क्या हुआ। देखिये कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते से निकलने का फैसला किया।
बहरहाल उत्तर कोरिया के नेता द्वारा अमेरिका को दी जाने वाली चेतावनी इस बात की सूचक है कि प्यूंगयांग ने भी इस बात को समझ लिया है कि अमेरिका भरोसे के लाएक नहीं है और अमेरिका उत्तर कोरिया के पूर्ण निरस्त्रीकरण के अलावा कुछ और नहीं सोचता। MM