अमरीका में आपातकाल की घोषणा या ट्रम्प का विद्रोह
कई हफ़्तों से जारी धमकी के बाद अंततः अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इस देश में आपात स्थिति की घोषणा करते हुए संविधान और कांग्रेस के अधिकारों की अनदेखी कर दी है और मैक्सिको की सीमा पर विवादित दीवार के निर्माण के लिए आठ अरब डाॅलर का बजट विशेष कर दिया है।
ट्रम्प ने आपातकाल के आदेश पर हस्ताक्षर से पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारे देश पर मादक पदार्थों और तबाही फैलाने वालों के हमले हो रहे हैं जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। इस फ़ैसले के बाद ट्रम्प रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बजट से लगभग साढ़े छः अरब डाॅलर और कांग्रेस की ओर से पारित लगभग डेढ़ अरब डाॅलर का बजट, मैक्सिको की सीमा पर विवादित दीवार के निर्माण के लिए विशेष कर देंगे। ट्रम्प, केंद्र सरकार के पुनः शट डाउन को रोकने के साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान किए गए अपने एक अहम वादे को पूरा करना चाहते हैं। वे अवैध रूप से अमरीका में प्रवेश करने वाले प्रवासियों के कथित ख़तरे को हौवा बना कर अपने राजनैतिक विरोधियों पर शिकंजा कसना चाहते हैं।
इस बीच कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं, कुछ राज्यों के अटार्नी जनरलों और फेड्रल अदालतों के जजों ने कहा है कि वे ट्रम्प के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा दर्ज कराएंगे। अमरीकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नेन्सी पेलोसी और सेनेट में इस दल के नेता चक शूमर ने, ट्रम्प द्वारा अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए कांग्रेस के बजट के इस्तेमाल को सरकारी बजट की चोरी बताया है। केलीफ़ोर्निया राज्य के अटार्नी जनरल ख़ावियर बुसरा ने भी ट्रम्प के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा दर्ज कराने की घोषणा करते हुए कहा है कि अमरीका में कोई भी, चाहे वह राष्ट्रपति ही क्यों न हो, क़ानून से ऊपर नहीं है और उसे धूर्ततापूर्ण क़दम उठाने का अधिकार नहीं है।
अलबत्ता एेसा प्रतीत होता है कि ट्रम्प और उनके सलाहकारों को उच्चतम न्यायालय में कंज़रवेटिव जजों की अधिक संख्या पर विशेष भरोसा है और उन्हें आशा है कि यह अदालत अंततः वाइट हाउस के पक्ष में ही फ़ैसला करेगी जैसा कि वह कुछ मुस्लिम देशों के लोगों पर अमरीका की यात्रा पर प्रतिबंध के फ़ैसले में अमरीकी सरकार का साथ दे चुकी है। अलबत्ता इस बात की भी संभावना है कि उच्चतम न्यायालय ग़ैर क़ानूनी प्रवासियों की अमरीका यात्रा को देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा न माने और एेसी स्थिति में ट्रम्प को मुंह की खानी पड़ सकती है। (HN)