पकड़ा गया ट्रम्प का सफेद झूठ
कश्मीर मुद्दे पर अमरीकी राष्ट्रपति का झूठ अब सबके सामने आ गया है।
कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इंटरनेशनल झूठ से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। आजतक के अनुसार दरअसल अमरीका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मुलाकात के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता की अपील की है और इसके लिए वे तैयार है। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का खंडन किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि हमने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की यह टिप्पणी देखी है कि अगर भारत और पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे पर अपील करते हैं, तो वो मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ऐसी कोई अपील नहीं की है। इससे पता चलता है कि ट्रम्प, कश्मीर मुद्दे पर सफेद झूठ बोल रहे हैं। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने झूठ बोला हो। इससे पहले भी ट्रम्प कई बार सफेद झूठ बोल चुके हैं। ऐसा लगता है कि ट्रम्प को झूठ बोलने की आदत सी हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप ही अमेरिका के ऐसे राष्ट्रपति हैं जिनके नाम झूठ बोलने का रिकॉर्ड है.
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के फैक्ट चेकर्स डेटाबेस के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से अबतक कम से कम 10 हजार 796 बार झूठ बोल चुके हैं। इतना ही नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप ने औसतन प्रतिदिन 12 बार झूठ बोला है। वॉशिंगटन पोस्ट के फैक्ट चेकर्स डेटाबेस का कहना है कि जब भी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प का कोई बयान संदिग्ध लगा तो उसकी पड़ताल की गई। पड़ताल के बाद ट्रम्प के अधिकतर बयान झूठे पाए गए। वॉशिंगटन पोस्ट के फैक्ट चेकर्स डेटाबेस के मुताबिक़ विशेष बात तो यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने कई झूठे दावों को कई बार दोहराया भी है।