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क्या "अमेरिकी सपना" चकनाचूर हो गया है?
Sep ०५, २०२५ १२:३१पार्स टुडे - इंग्लैंड के द इंडिपेंडेंट अखबार ने शिकागो विश्वविद्यालय द्वारा इस देश में जीवन में सुधार की उम्मीद पर किए गए एक सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए।
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रूस: यूक्रेन पश्चिम की 'नकदी गाय' बन गया है/ नॉर्डिक और बाल्टिक नेताओं की कीव को निरंतर सहायता
Sep ०४, २०२५ १५:४१पार्स टुडे: रूस ने यूक्रेन को अमेरिकी मिसाइलों की बिक्री को वाशिंगटन के यूक्रेन युद्ध के समाधान के दावों के विपरीत बताया है।
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क्या ईरान, चीन और रूस का गठबंधन पश्चिमी देशों के लिए एक डरावना सपना है?
Sep ०४, २०२५ १४:१९पार्स टुडे: शंघाई संगठन के हालिया शिखर सम्मेलन के बाद, यूरोपीय संघ को ईरान, चीन और रूस के गठबंधन से ख़तरा महसूस होने लगा है।
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अमेरिकी मीडिया: ट्रंप का मुख्य ख़तरा उनकी जेहालत है
Sep ०३, २०२५ १५:५७पार्स टुडे - अमेरिकी अख़बार हफ़पोस्ट ने लिखा: जलवायु प्रबंधन से लेकर अर्थव्यवस्था और विदेश नीति तक, विभिन्न क्षेत्रों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फ़ैसले दर्शाते हैं कि उनके फ़ैसले अक्सर ग़लतफ़हमियों और निराधार आत्मविश्वास के आधार पर लिए जाते हैं, एक ऐसा मुद्दा जिसके संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया के लिए महँगे परिणाम हो सकते हैं।
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क्या फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल यूरोज़ोन तक फैल जाएगी?
Sep ०३, २०२५ १५:२४पार्स टुडे - घरेलू राजनीतिक संकट के भारी दबाव में फ्रांसीसी प्रधानमंत्री ने इटली पर फ्रांसीसी करोड़पतियों को लुभाने का आरोप लगाया है।
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देश अमेरिकी वित्तीय दबावों से कैसे बचते हैं?
Sep ०३, २०२५ १५:२०पार्स टुडे - ब्रिटिश फ़ाइनेंशियल टाइम्स अख़बार ने एक रिपोर्ट में इस बात की पड़ताल की है कि देश अमेरिकी वित्तीय दबावों से कैसे बचते हैं।
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संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता: परमाणु समझौते के सदस्य देशों को कूटनीति को मज़बूत करने का प्रयास करना चाहिए
Sep ०३, २०२५ १४:३५पार्स टुडे – संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने ईरान, रूस और चीन के सुरक्षा परिषद और महासचिव को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु समझौते के सदस्य देशों को कूटनीति को मज़बूत करने का प्रयास करना चाहिए।
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पूर्वी एशिया में वाशिंगटन के अत्याचारों पर एक नज़र/ वियतनाम: अमेरिका की शर्मनाक हार की निशानी
Sep ०२, २०२५ १५:५०पार्स टुडे: वियतनाम युद्ध सिर्फ बीसवीं सदी की एक खूनी लड़ाई नहीं थी, यह युद्ध अमेरिका की सैन्य और नैतिक हार का प्रतीक बना और उस देश के असली चेहरे को उजागर कर दिया जो खुद को दुनिया का मसीहा बताता था।
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अफ़्रीक़ी जनता पर ज़ायोनी शासन के यमन और गज़ा के खिलाफ अत्याचारों का क्या प्रभाव पड़ा है?
Sep ०२, २०२५ १४:५०पार्स टुडे - यमन पर हमले और गज़ा में इज़राइली शासन के निरंतर अत्याचारों के जवाब में कुछ अफ़्रीक़ी देशों की जनता ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए।
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क्या अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी ज़रूरी थी?
Sep ०२, २०२५ १३:५३पार्स टुडे – एक अमेरिकी संस्थान ने अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका की वापसी की सालगिरह पर लेख प्रकाशित किया।