-
अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी- 2
May २७, २०१८ ११:४८हमने बताया था कि प्रसिद्ध इतिहासकार और क़ुरआने मजीद के समीक्षक अबू जाफर मुहम्मद बिन तबरी सन 224 हिजरी क़मरी में उत्तरी ईरान के आमुल नगर में जन्मे थे और चूंकि वह अत्याधिक तेज़ दिमाग़ के स्वामी थे इस लिए जल्दी ही आरंभिक शिक्षा इसी नगर में पूरी कर ली और मात्र 12 साल की आयु में अपने पिता के प्रोत्साहन के बाद आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपने नगर से निकल गये।
-
अबू जाफ़र मुहम्मद बिन जरीर तबरी
May २७, २०१८ १०:५६शताब्दियां पहले वर्ष 224 हिजरी क़मरी में ईरान के उत्तर में स्थित आमुल शहर में एक बच्चे ने जन्म लिया और ईश्वर ने उसके भाग्य में लिख दिया था कि वह इस्लामी जगत का पहला महान इतिहासकार व पवित्र क़ुरआन का व्याख्याकार बनेगा।
-
मार्गदर्शन- 86
May २७, २०१८ १०:०७महिला एक ऐसा जीव है जिसके बारे में पूरे इतिहास में विभिन्न प्रकार की बातें कही गयीं हैं।
-
देश की आंतरिक क्षमताओं पर भरोसा करते हुए ईरानी उत्पादों का समर्थन
May २७, २०१८ ०८:५६इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने वर्ष 1397 हिजरी शम्सी के आरंभ में पवित्र नगर मशहद में अपने भाषण में चालीस वर्ष में क्रांति की प्रफुल्लता और मज़बूती, क्षेत्र के लिए अमरीकी षड्यंत्रों के विफल होने, उसकी वजह बयान करने और जारी वर्ष के नारे अर्थात ईरानी उत्पादों के समर्थन के व्यवहारिक होने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला।
-
काट्सा क़ानून, ईरान से मुक़ाबला कड़ा करने की कोशिश- 2
May २७, २०१८ ०८:२८हमने बताया था कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ही अमरीका ने ईरानी राष्ट्र के खिलाफ बहुत से क़ानून पारित किये जिनका उद्देश्य, ईरान की सरकार और जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ाना रहा है।
-
ईश्वरीय आतिथ्य- 11
May २७, २०१८ ०७:१५पवित्र रमज़ान का महीना अपनी बरकतों और विभूतियों के साथ जारी है।
-
ईश्वरीय आतिथ्य- 10
May २६, २०१८ ०८:१७एक व्यक्ति पैग़म्बरे इस्लाम के पास आया और उसने पैग़म्बरे इस्लाम से पूछा हे ईश्वरीय दूत!
-
ईश्वरीय आतिथ्य- 9
May २४, २०१८ ११:२४हमको एक विशेष दावत अर्थात ईश्वर की दावत पर बुलाया गया है।
-
कर्नाटक विधान सभा चुनाव सोचनीय घटनाक्रम
May २४, २०१८ ११:१८कर्नाटक विधान सभा चुनाव सोचनीय घटनाक्रम
-
अफ़ग़ानिस्तान में मादक पदार्थों की समस्या
May २४, २०१८ १०:५०अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध जारी रहने और इस देश में अपनी सैन्य उपस्थिति जारी रखने में अमरीका व नैटो की रुचि का एक मुख्य कारण, उनके लिए अफ़ग़ानिस्तान का एक व्यापार केंद्र में परिवर्तित हो जाना है।