रेडियो कार्यक्रम
  • बगला और केकड़ा

    बगला और केकड़ा

    Apr २४, २०१६ ०९:२५

    काफ़ी समय पहले की बात है।

  • चूहा और ऊंट

    चूहा और ऊंट

    Apr २४, २०१६ ०९:२३

    एक दिन की बात है एक जवान मोटा ताज़ा चूहा एक मैदानी क्षेत्र में घूम रहा था, इस चूहे में सबसे बड़ी कमी यह थी कि वह स्वयं को विश्व के सब चूहों से अधिक शक्तिशाली और चतुर समझता था।

  • “बिल्ली का न्याय”

    “बिल्ली का न्याय”

    Apr २४, २०१६ ०९:०२

    कुछ पक्षी एक पर्वत के आंचल में रहते थे।

  • चक्की वाला और लोमड़ी

    चक्की वाला और लोमड़ी

    Apr २४, २०१६ ०९:००

    कहते हैं कि पुराने युग में एक चक्की वाला था कि जो लोगों के गेहूं पीसता था और मज़दूरी उसी आटे से ले लिया करता था कि जो वह पीसा करता था और उसे चक्की के एक कोने में इकट्ठा किया करता था।

  • कौआ और साँप

    कौआ और साँप

    Apr २४, २०१६ ०८:५७

    सुदूर क्षेत्र में स्थित एक जंगल में एक पेड़ पर एक कौआ रहता था। उसे ऐसा दुख था जिससे वह छुटकारानहीं पा रहा था।

  • ख़रगोश और प्यासे हाथी

    ख़रगोश और प्यासे हाथी

    Apr २४, २०१६ ०८:५६

    प्राचीन काल में एक सुदूर क्षेत्र में एक सोते के निकट कुछ हाथी बहुत सुखी जीवन व्यतीत करते थे।

  • कौवा और चूहा

    कौवा और चूहा

    Apr २४, २०१६ ०८:४८

    एक कौवा एक चूहे की बिल के निकट घोसला बनाकर जीवन यापन करता है।

  • राजा और वफ़ादार बाज़

    राजा और वफ़ादार बाज़

    Apr २४, २०१६ ०८:४६

    पुराने समय में संदबाद नाम का एक राजा था। उसने एक बाज़ पाल रखा था जिसे वह बहुत चाहता था और उसे स्वंय से अलग नहीं करता था।

  • लोमड़ी और चक्कीबान-2

    लोमड़ी और चक्कीबान-2

    Apr २४, २०१६ ०८:३९

    हमने बताया था कि एक लोमड़ी आटे की चक्की पर चोरी करते पकड़ी गयी और जब उसने अपनी जान खतरे में देखी तो चक्की के मालिक से कहा कि यदि वह उसे छोड़ दे तो वह अपनी गलती सुधारेगी और उसका भला करेगी।