बुधवार- 20 मई
20 मई 1750 में शेरे मैसूर टीपू सुल्तान का जन्म हुआ।
20 मई 1399 में सतं कबीर दास का जन्म हुआ।
20 मई 1677 को छत्रपति शिवाजी ने जिंजी दुर्ग पर क़ब्ज़ा किया।
20 मई 1750 में शेरे मैसूर टीपू सुल्तान का जन्म हुआ।
20 मई सन 1776 को इन्दौर के संस्थापक मल्हार राव होल्कर का निधन हो गया।
20 मई सन 1915 को महात्मा गांधी ने सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की जो बाद में साबरमती आश्रम के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
20 मई 1972 में इंदिरा गांधी ने दूसरी हावड़ा ब्रिज का नींव डाली।
20 मई सन 1995 में रूस द्वारा मानव रहित अंतरिक्ष ‘स्पेक्त्र’ का सफल प्रक्षेपण किया गया।
20 मई सन 1506 को प्रसिद्ध पर्यटक क्रिस्टोफ़र कोलंबस का देहान्त हुआ।वह इटली के जीनो नगर का निवासी था। उसे बचपन से ही समुद्री यात्रा में रूचि थी। 14 वर्ष की आयु में उसने समुद्री यात्रा आरंभ की। कोलंबस ने रूमी समुद्र के चक्कर लगाए, एटलांटिक सागर के द्वीपों की यात्रा की ओर उत्तरी समुद्र भी गया। कोलंबस ने बचपन से ही भी भारत की समृद्धता के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था इसलिए उसने भारत का समुद्री मार्ग ढूंढने के लिए 3 अगस्त 1492 को तीन छोटे जहाज़ों के साथ अपनी यात्रा आरंभ की। 12 अक्तूबर 1492 को बहामा द्वीपों के सैन सिल्वाडोर पहुंच गया जो अमरीका में उसका पहला पड़ाव था किन्तु वह उसे भारत ही समझता रहा। कोलंबस को अपने जीवन के अंत तक इस वास्तविकता का ज्ञान न हो सका कि जिस भूमि पर उसने क़दम रखा है वह भारत नहीं बल्कि एक अलग दुनिया है।
20 मई सन 1799 ईसवी को फ्रांस के विख्यात कथाकार ओनोरे डू बैलजेक का जन्म हुआ। शिक्षा प्राप्ति के बाद वे वकालत में वयस्त हो गये किंतु कुछ ही समय बाद उन्होंने यह काम छोड़ दिया और लेखन में लग गये। उन्होने अपने अधिकाश उपन्यासों में अपने समय की सामाजिक स्थिति का बड़े ही सुंदर और रोचक ढंग से चित्रण किया है। सन 1850 ईसवी में उनका निधन हुआ।
20 मई सन 1806 ईसवी को ब्रिटेन के दार्शनिक और अर्थ शास्त्री जॉन स्टीवर्ट मिल का जन्म हुआ। दर्शनशास्त्र में वे ऑगस्ट कैंट के विचारों से प्रभावित थे। अर्थ व्यवस्था में वे उत्पादन और उपभोग के लिए सहकारी संस्थाएं स्थापित किए जाने के पक्षधर थे। सन 1873 में उनका निधन हुआ।

20 मई सन 1902 ईसवी को क्यूबा ने एक स्वतंत्र गणराज्य के रुप में अपने अस्तित्व की घोषणा की और समस्त अमरीकी सेनाएं इस देश से बाहर निकलीं। सन 1492 ईसवी में विख्यात नाविक क्रिस्टोफर कोलम्बस ने क्यूबा की खोज की और उस समय से लेकर 1898 ईसवी तक यह देश स्पेन का उपनिवेश रहा किंतु अमरीका ने इस देश के स्वत्रंता संग्रामियों की सहायता के बहाने इस देश पर अपने पैर पसारे। अमरीका ने इस देश पर सैनिक चढ़ाई करके स्पेन को क्यूबा से बाहर निकला और स्वंय उसके स्थान पर बैठ गया। 1902 ईसवी में अमरीका के प्रभाव में बनने वाला क्यूबा का संविधान अमरीका को इस बात की अनूमति देता था कि वो क्यूबा के आंतरिक मामलो में व्यापक हस्तक्षेप करे। बाहरी हस्ताक्षेप और आंतरिक तानाशाही इस बात का कारण बनी कि जनता का विद्रोह फूट पड़े। यहॉ तक कि सन 1959 ईसवी में फीडेल कैस्त्रो के नेतृत्व में इस देश में क्रान्ति आई और अमरीका के प्रभाव का अंत हुआ। इसी कारण अमरीका ने फीडेल कैस्त्रो के प्रति शत्रुतापूरण नीति अपनायी है जो अब तक जारी है।

20 मई सन 1910 ईसवी को जापान ने कोरिया को औपचारिक रुप से अपना एक भाग बना लिया और इसका नाम बदल कर चोज़न रख दिया। रूस और चीन को पराजित करने के बाद जापान ने सन 1907 ईसवी में व्यवहारिक रुप से कोरिया का अतिग्रहण कर लिया था। किंतु कोरिया की जनता ने जापान साम्राज्यवाद के विरुद्ध संघर्ष किया द्वितीय विश्व युद्ध में कोरिया के स्वतंत्रता संग्रामी स्वंतत्रता की लालच में संयुक्त सेना के साथ मिलकर जापान से लड़े। युद्ध की समाप्ति के बाद कोरिया, उत्तर और दक्षिण दो भागो में और दो देशों में विभाजित हो गया। उत्तर कोरिया में कम्युनिस्ट शासन व्यवस्था लागू हो गयी और वह रूस के अधीन हो गया जबकि दक्षिण कोरिया को पश्चिमी देशों विशेषकर अमरीका का समर्थन प्राप्त हुआ। 1948 में इस बंटवारे को औपचारिकता मिली। उल्लेखनीय है कि शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से दोनो कोरियाओ के एकीकरण के विषय में वार्ता होती रही है किंतु इसका अभी तक कोई विशेष परिणाम नहीं निकल सका है।

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26 रमज़ान सन 1125 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध धर्मगुरु मोहम्मद ख़ान्सारी का निधन हुआ। वे एक धार्मिक परिवार में पैदा हुए थे। उन्होंने इस्फ़हान नगर में शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कई पुस्तकों की रचना की।