गुरुवार- 21 मई
21 मई सन 1904 में पेरिस में फीफा की स्थापना की गयी।
21 मई सन 1904 में पेरिस में फीफा की स्थापना की गयी।
21 मई 1990 में भारत के प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलवी मोहम्मद फारूक़ की हत्या कर दी गयी।
21 मई 1991 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता, राजीव गांधी की बम धमाके में मौत हो गयी।
21 मई 1996 में प्रसिद्ध कोल्ड्रिंक कंपनी पेप्सी ने विश्व में पहली बार अंतरिक्ष में विज्ञापन फ़िल्म बनाने की घोषणा की।
21 मई 2003 में विश्व के 190 से भी अधिक देशों ने तम्बाकू के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय संधि को जेनेवा में स्वीकृति दी।
21 मई सन 1960 में विश्व प्रसिद्ध गामा पहलवान रुस्तम-ए-ज़मां पहलवान का निधन हुआ
21 मई सन 1883 ईसवी को इटली के तानाशाह और फ़ाशिस्ट दल की स्थापना करने वाले बेनीटो मसोलीनी का जन्म हुआ।
शिक्षा प्राप्ति के बाद वे पत्रकारिता करने लगे। इसी बीच उन्होंने फ़ासीवादी दल की स्थापना की जिससे उन्हें बहुत अधिक शक्ति प्राप्त हो गयी। वे इटली के प्रधान मंत्री बने। उन्होने इटली को नाज़ी जर्मनी का घटक घोषित किया और उसकी ओर से द्वितीय विश्व युद्ध में कूद पड़े। संयुक्त सेना ने इटली पर सफल आक्रमण किया और इस देश की सेना को पराजित कर दिया जिसके बाद मसोलीनी की सरकार भी गिर गयी। अंतत: मोसोलीनी को उन्हें इटली के एक गुट ने उस समय पकड़ कर मार दिया जब वे स्वीटज़रलैंड भाग रहे थे।
21 मई सन 1921 ईसवी को रूस के विख्यात भौतिकशास्त्री आंद्रे साख़ारोफ़ का जन्म हुआ। सन 1941 ईसवी को मॉस्को विश्व विद्यालय से उन्होंने भौतिकशास्त्र की शिक्षा पूरी की। और फिर धीरे धीरे परमाणु उर्जा के अध्ययन में लग गये। सोवियत संघ को हाईड्रोजन बम से लैस करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे परमाणु हथियारों को नष्ट कर दिए जाने के पक्ष में थे जिसके लिए सन 1975 में शंति के नोबल पुरुस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया। वे सोवियत संघ की कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के विरोधी थे अत: उन्हें मॉस्को के पूरब में गोरकी नगर की ओर देश निकाला दे दिया गया था। किंतु सोवियत संघ में गोरबाचोफ़ के सत्ता में पहुँचने के बाद साख़ारोफ को मॉस्को वापस बुलाया गया। वे 1989 की बसंतु ऋतु में पूर्वी सोवियत संघ की जन कांग्रेस के प्रतिनिधि चुने गये किंतु इसी वर्ष के दिसम्बर महीने में उनका निधन हो गया।

21 मई सन 1954 ईसवी को फ्रांस के गणितज्ञ और भौतिकशास्त्री हेनरी पेवन्करे का नेन्सी नगर में जन्म हुआ। उन्हे गणित का व्यापाक ज्ञान था उन्होंने इस विषय का गहन अध्ययन किया था। उन्होने इसी प्रकार बिजली और प्रकाश के बारे में व्यापक अध्ययन किया था की। दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में भी उनका ज्ञान सराहनीय है। वे इस विषय में अपने काल के विख्यात लोगों में गिने जाते थे। उन्होने विभिन्न विषयों पर कई पुस्तकें लिखी हैं। सन 1912 में उनका निधन हुआ।
21 मई सन 1998 ईसवी को जनरल सोहार्तो को इंडोनेशिया पर 33 वर्ष के अत्याचारपूर्ण शासन के बाद त्यागपत्र देने पर विवश होना पड़ा। उन्होंने सन 1965 ईसवी में , विद्रोह करके इंडोनेशिया की स्वतंत्रता के संस्थापक और इस देश के निर्वासित राष्ट्रपति अहमद सुकारनो की सरकार को गिरा दिया था और सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। सोहारतो के शासन काल में इंडोनेशिया में राजनैतिक स्वतंत्रता बिलकुल सीमित हो गयी थी। किंतु इस देश ने आर्थिक क्षेत्र में विशेषकर 80 और 90 के दशक के दौरान भारी प्रगति की। 1997 के पूर्वी एशिया के आर्थिक संकट ने अपने आर्थिक दुष्परिणामों के साथ ही इंडोनेशिया में छात्रों के आंदोलन को भी बल दिया और धीरे धीरे जनता की आर्थिक इच्छाइएं राजनैतिक मांगों में बदल गयीं और प्रदर्शनों में जनरल सोहार्तो को हटाए जाने की मांग होने लगी। अंतत: सोहार्तो और उनके परिवार के आर्थिक घोटाले के सामने आने के बाद सोहारतो सरकार के पतन की भूमि प्रशस्त हो गयी। और सोहारतो त्यागपत्र देने पर विवश हो गये।

21 मई 2006 को मॉन्टेनीग्रो ने एक जनमत संग्रह द्वारा सर्बिया से अपनी स्वाधीनता की घोषणा की। मॉन्टेनीग्रो सोलहवीं शताब्दी से उन्नीसवीं शताब्दी तक उस्मानी शासन के अधीन था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उस्मानी शासन के विघटन के पश्चात मॉन्टेनीग्रो की जनता ने सर्बियाई, क्रोशियाई और स्लोवेनियाई लोगों के साथ मिलकर 1929 में यूगोस्लावी राजशाही व्यवस्था का गठन किया जिसका नाम दूसरे विश्वयुद्ध में बदल कर युगोस्लाव सोशलिस्ट गणराज्य पड़ गया। पूर्व यूगोस्लाविया के विघटन की प्रक्रिया आरंभ होने के पश्चात मॉन्टेनीग्रो में भी क्रान्तिकारी अभियान आरंभ हुए किन्तु यह देश यूगोस्लाविया संघ में बाक़ी रहा। नब्बे के दशक के अंतिम वर्षों में कोज़ोवो संकट के आरंभ होने के कारण मॉन्टेनीग्रो ने सर्बिया के साथ अपने राजनैतिक व आर्थिक संबंध तोड़ लिए और दोनों सरकारों के बीच संकट और गहराया। अंततः 2003 में दोनों देश सर्बिया और मॉन्टेनीग्रो के संघ के गठन पर सहमत हुए जिसमें मॉन्टेनीग्रो को बहुत अधिकार प्राप्त था और उसे तीन वर्षों के बाद अपनी स्वाधीनता के लिए जनमत संग्रह आयोजित करने की अनुमति प्राप्त थी। इस प्रकार यह जनमत संग्रह 21 मई 2006 को आयोजित हुआ और 55 प्रतिशत से अधिक मतों के साथ पूर्व यूगोस्लाविया से पांचवें देश के रूप में मॉन्टेनीग्रो को स्वाधीनता मिली।

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27 रमज़ान सन 560 हिजरी क़मरी को विख्यात मुसलमान धर्मगुरु इब्ने अरबी का स्पेन में जन्म हुआ। उनका पूरा नाम मुहयुद्दीन अबु बक़्र बिन मोहम्मद था। शिक्षा प्राप्त करने के बाद 30 वर्ष की आयु से उन्होंने इस्लामी देशों की यात्रा आरंभ की। उन्होंने कई बड़ी पुस्तकें लिखीं। जिन्हें बहुत ख्याति प्राप्त हुई। वर्ष 638 हिजरी क़मरी में इब्ने अरबी का दमिश्क़ में निधन हुआ।
27 रम्ज़ान सन 1110 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के सुप्रसिद्ध धर्मगुरु अल्लामा मोहम्मद बाक़िर मजलिसी का निधन हुआ। उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं जिन्हे मुसलमानों के बीच विशेष स्थान प्राप्त है। उन्होंने इस्लामी शिक्षाओं के प्रचार और नियमों को लागू करने के लिए कठिन परिश्रम किये। अल्लामा मजलिसी ने 600 से अधिक पुस्तकें लिखीं। जिन में कई वर्षों में लिखीं गयी पुस्तक बेहारूल अनवार अनवार भी शामिल है।