May २६, २०१६ १०:०२ Asia/Kolkata

26 मई सन 1749 ईसवी को फ्रांस के खगोलशास्त्री और गणितज्ञ साइमन लैपरस का जन्म हुआ।

2002, चीन का विमान समुद्र में गिरा, 225 लोगों की मौत।

2006, विज्ञान जगत में एक शोध के मुताबिक़, एड्स का विषाणु कैमरून में पाए जाने वाले चिपैंज़िओं से फैला है।

2007, भारत और जर्मनी के बीच रक्षा समझौता सम्पन्न।

2008, भारतीय स्टेट बैंक ने फ़सल ऋण बीमा को 50 हज़ार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया।

2008, मंगल ग्रह के अध्ययन हेतु फ़ीनिक्स यान मंगल ग्रह पर उतरा।

2008, नेपाल सरकार ने नरेश ज्ञानेन्द्र के नारायणहिती महल को प्रतिबन्धित क्षेत्र घोषित किया।

2008, कान फ़िल्म महोत्सव में फ़्रांसीसी फ़िल्म 'द क्लास एंतरे लेसमुर्स' को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का 'पाल्मे डी केयर' पुरस्कार प्रदान किया गया।

2010, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बी.एस.चौहान और न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ ने शादी किए बग़ैर एक साथ रहने वाले युगलों की संतानों को भी अपने मां-बाप की ओर से अर्जित सम्पत्ति में हिस्सा पाने का अधिकार दिया। न्यायालय ने साथ ही उन्हें परंपरागत पैतृत संपत्ति पर उनके अधिकार को अस्वीकार किया।

 

उन्होंने चंद्रमा सितारों और ग्रहों की चाल तथा समुद्र में आने वाले ज्वार भांटो के बारे में व्यापक अध्ययन किया। उनकी अधिक ख्याति विशेषकर उनके उस विचार के कारण है जो उन्होंने सौरमंडल के अस्तित्व में आने के बारे में पेश किया है। उन्होने इसी प्रकार भौतिक शास्त्र के क्षेत्र में भी इलेक्ट्रोमिनिटिज्म के आरंभिक क़ानूनो का पता लगाया। उनकी कई रचनाएं अब भी सुरक्षित हैं जिनमें कुछ के नामों का अनुवाद है सौरमंडल का प्रदर्शन, आकाश मेकैनिज़्म आदि।

26 मई सन 1881 ईसवी को फ्रांस ने टयूनिशिया को अपना उपनिवेश बना लिया फ्रांसीसियों ने इससे पहले टयूनिशिया में अपनी आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाकर अपना प्रभाव बढ़ाया। वर्षों तक यह देश फ्रांस के अधिकार में रहा किंतु 1930 के दशक में हबीब बू रक़ीबा के नेतृत्व में इस देश में स्वतंत्रता आंदोलन आरंभ हुए। और 1957 में इस देश में राजशाही शासन व्यवस्था का अंत हुआ और बूरक़ीबा इस देश के राष्ट्रपति चुने गये। किंतु सत्ता में पहुंचने के बाद उन्होंने 1987 ईसवी तक अत्यधिक अत्याचार किया। अफ्रीका महीद्वीप के उत्तरी भाग में यह देश स्थित है लीबिया और अलजीरिया इसके पड़ोसी देश हैं।

 

26 मई वर्ष 1928 को भारत ने ओलंपिक खेलों में पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया। यह स्वर्ण पदक भारतीय हाकी टीम ने प्राप्त किया था। ओलंपिक खेलों में हाकी का खेल पहली बार सन 1908 में लंदन ओलंपिक में शामिल किया गया। वर्ष 1912 ईसवी में इस खेल को शामिल नहीं किया गया और वर्ष 1916 ईसवी में प्रथम विश्व युद्ध के कारण ओलंपिक खेलों का आयोजन नहीं हो सका। वर्ष 1920 में हाकी को एक बार फिर ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया किन्तु वर्ष 1924 के ओलंपिक में इस खेल की पुनः अनदेखी कर दी गयी। फिर इस खेल की रक्षा के लिए पेरिस में फेडरेश्न इन्टरनेश्नल डी हाकी की स्थापना की गयी जिसके बाद हाकी को ओलंपिक के खेलों में शामिल किया गया। वर्ष 1928 में ओलंपिक खेल हालैंड की राजधानी एमस्टरडम में हुआ जिसमें भारतीय हाकी टीम ने भी भाग लिया और फ़ाइनल में पहुंची। फ़ाइनल में हालैंड को तीन शून्य से हराकर ओलंपिक के नये इतिहास का आरंभ किया।

 

26 मई सन 1966 ईसवी को दक्षिणी अमरीका का गुआना देश स्वतंत्र हुआ। इससे ५सौ वर्ष पहले स्पेन के नाविकों ने इस देश की खोज की और इसे अपना उपनिवेश बना लिया किंतु 18वी ईसवी शताब्दी के आरंभ में इस क्षेत्र के स्वामित्व को लेकर यूरोप की साम्राज्यवादी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा और लड़ाई आरंभ हो गयी यहां तक कि 1895में वियना कॉन्फ्रेंस में गुआना देश की सीमाएं निर्धारित की गयीं

1966 ईसवी में गुआना देश स्वाधीन और राष्ट्रमंडल का सदस्य बना किंतु 1970 में यह देश एक गणराज्य बना।

 

26 मई सन 1981 ईसवी में फ़ार्स खाड़ी सहकारिता परिषद के गठन की औपचारिक घोषणा की गयी। इस परिषद में फ़ार्स खाड़ी के दक्षिणी तटवर्ती ६ देश सउदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब इमरात ,बहरैन कतर और ओमान शामिल हैं। इस परिषद के घोषित लक्षयों में आर्थिक राजनैतिक और सागरिक सहकारिता तथा विदेशी खतरों के मुकाबले में आपसी सहयोग है किंतु चूंकि ये देश विदेशों पर निर्भर हैं और इसमें फ़ार्स खाडी के सारे तटवर्ती देश  शामिल नहीं हैं इस लिए यह परिषद संयुक्त हितों के आधार पर स्थायी सुरक्षा प्रबंध में सफल नहीं हो सकी है। इसी प्रकार सदस्य देशों को आर्थिक राजनैतिक और सैनिक सहकारिता में भी सफलता नहीं मिल सकी है। इस परिषद का शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक बार होता है इसी प्रकार इन देशों के राजनेताओं की हर 6 महीने पर भी एक विचार विमर्श बैठक होती है। इसके अतिरिक्त साल में कई बार सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठकें होती रहती हैं।

 

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6 शौवाल सन 786 हिजरी क़मरी मुसलमान धर्मगुरु और कवि इब्ने बरदिस का निधन हुआ। वे लेबनान के बअलबक नगर में पैदा हुए थे और आरंभिक शिक्षा वहीं प्राप्त की। इसके बाद वे सीरिया के नगर दमिश्क़ चले गये। जहॉ उन्होंने उस समय के वरिष्ठ धर्मगुरुओं से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने शिक्षा पूरी करने के लिए बहुत से इस्लामी देशों की यात्रा की। और फिर शिक्षा में व्यस्त हो गये। वे लोगों में अपने शिष्टाचार और अच्छे व्यवहार तथा पवित्र आचरण के लिए प्रसिद्ध थे।

उनके हाथों की लिखी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं जिनमें से एक अलएलाम फी वफ़ीयातिल आलाम है।