सोमवार- पहली जून
पहली जून सन 1593 ईसवी को ब्रिटेन के लेखक और कवि क्रिस्टोफ़र मार्लो का निधन हुआ।
पहली जून सन 1593 ईसवी को ब्रिटेन के लेखक और कवि क्रिस्टोफ़र मार्लो का निधन हुआ। वे सन 1564 ईसवी में जन्मे। उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की। वे दुख और दर्द से भरे शेर लिखने में विशेष दक्षता रखते थे।
- 1 जून सन् 1670 को इंग्लैंड के महाराजा किंग्स चार्ल्स द्वितीय और फ्रांस के राजा किंग लुइस 14वें ने डच विरोधी गोपनीय संधि पर हस्ताक्षर किये।
- 1 जून सन् 1746 को फ्रांसीसी सेना ने एंटवर्प पर कब्ज़ा किया।
- 1 जून सन् 1874 में ईस्ट इंडिया कंपनी को भंग कर दिया गया।
- 1 जून सन् 1880 को पहली पे-फोन सेवा शुरू की गयी।
- 1 जून सन् 1916 में जर्मनी की सेना ने वर्दुन के फोर्ट वॉक्स पर हमला किया।
- 1 जून सन् 1927 को अमेरिकी और कनाडाके बीच शांति संबंध बहाल हुई।
- 1 जून सन् 1930 को भारत की पहली डीलक्स ट्रेन डेक्कन क्वीन बॉम्बे वीटी (मुम्बई सीएसटी) से पुणे के बीच चली।
- 1 जून सन् 1941 में ब्रिटिश सेना ने इराक़ की राजधानी बग़दाद पर कब्ज़ा कर लिया।
- 1 जून सन् 1969 को कनाडा में रेडियो और टीवी पर तम्बाकू उत्पाद और उनसे संबंधित विज्ञापनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया।
- 1 जून सन् 1979 में इसी दिन रोडेशिया में 90 साल बाद अल्पसंख्यक श्वेत लोगों के शासन का अंत हुआ था और घोषणा हुई थी कि अब देश को ज़िम्बाब्वे के नाम से जाना जाएगा।
- 1 जून सन् 1980 को केबल न्यूज़ नेटवर्क (सीएनएन) टेलीविजन नेटवर्क का पहली बार प्रसारण शुरू हुआ।
- 1 जून सन् 2005 में अप्पा शेरपा ने माउंट एवरेस्ट की 15वीं बार सफल चढ़ाई की।
- 1 जून सन् 2007 से ब्रिटेन में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया।
पहली जून वर्ष 1903 ईसवी को भारतीय उपमहाद्वीप भारत और पाकिस्तान का प्राचीन और प्रसिद्ध समाचार पत्र ज़मीदार प्रकाशित हुआ। इस समाचार पत्र का प्रकाशन मौलवी सिराजुद्दीन ने किया था। इसके प्रकाशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार और विकास था। मौलवी सिराजुद्दीन के निधन के बाद ज़मीदार के प्रबंधक उनके पुत्र मौलाना ज़फ़र अली ख़ान बन गये। उनके प्रबंधक बनने से ज़मीदार समाचार पत्र में नई जान पड़ और यह अंग्रेज़ों के अत्याचारों के विरुद्ध अत्याचार ग्रस्त लोगों का प्रवक्ता बन गया। मौलाना जफ़र अली ख़ान के निधन के बाद साठ वर्षों तक हंगामा भरा जीवन व्यतीत करने के बाद इस समाचार पत्र ने दम तोड़ दिया।
पहली जून सन 1923 ईसवी को विश्व के अत्यंत भयानक भूकम्प ने जापान की राजधानी टोकियो को तहस नहस कर दिया। यह भूकम्प थोड़े से कालांतर में दो चरणों में आया। इसके चलते आधा टोकियो नगर पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गया। इस भूकम्प से शहर में भयानक आग भी लगी। इस त्रासदी में डेढ़ लाख से अधिक लोग काल के गाल में समा गए।
पहली जून वर्ष 1967 ईसवी को प्रसिद्ध लेखिका हेलेन किलर का निधन हुआ। हेलन किलर 27 जून सन 1880 ईसवी को अमरीकी प्रांत अलबामा में जन्मी थीं। जन्म के समय वे साधारण और स्वस्थ थीं किन्तु डेढ़ वर्ष की आयु में उन पर दिमाग़ी बीमारी का आक्रमण हुआ जिसके परिणाम स्वरूप उनके देखने, बोलने और सुनने की क्षमता जाती रही। हेलन के पिता इस स्थिति से बहुत परेशान हुए। उन्होंने प्रर्सिद्धआविष्कारक एलेक्ज़ेन्डर ग्राहम बेल की सलाह से एन सलिवान मेसी (Anne Sullivan macy) को हेलन किलर के प्रशिक्षण के लिए चयनित किया। उन्होंने ब्रेल की सहायता से हेलन को लिखना पढ़ना सिखाया। अपनी शिक्षिका की सहायता से हेलन किलर ने बोलना भी सीख लिया। मिस सलिवान के प्रयासों से हेलन ने अंग्रेज़ी के अतिरिक्त लैटिन, यूनानी, फ़्रांसीसी , श्रर्मन और इतालवी भाषाओं में भी दक्षता प्राप्त कर ली। वर्ष 1904में उन्होंने रेडक्लफ़ कालेज से बीए की डिग्री प्राप्त की। विभिन्न विश्वविद्यालयों से उन्हें डाक्ट्रेएट की मानद उपाधि भी दी गयी। हेलन किलर की पुस्तक " दा स्टोरी आफ़ माई लाइफ़" का विश्व की पचास से अधिक भाषा में अनुवाद हो चुका है।
पहली जून सन 1986 ईसवी को विश्व भर के कुछ विद्यार्थियो ने अपने पत्र में आज के दिन को शांति से विशेष किए जाने की मांग की। विद्यर्थियों ने अपने पत्र में लिखा था। हमारे बड़ों की आस्थाएं और विश्वास स्थिर हैं वे हमें चाहते हैं क्योंकि हम उनके बच्चे हैं किंतु क्या उन्हें पता है कि उन्होने हमारे लिए संसार को कैसा बना दिया है। अगर उनके परमाणु कार्यक्रम में थोड़ी सी गलती हो जाए तो हमारे लिए विकास का कोई अवसर नहीं रहेगा। हम विकास और पालन पोषण की संभावना चाहते हैं। इस दिन के बाद से पहली जून का दिन अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष इस अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन होता है। दूसरी ओर संसार भर के बच्चों की मांगों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनो द्वारा बच्चों की समस्याओं के समाधान के प्रयासों के बावजूद अब भी संसार में प्रतिवर्ष 60 लाख बच्चे कुपोषण के चलते अपनी जान से हाथ धो रहे हैं और विश्व भर में 25 करोड़ से अधिक बच्चे कम आयु में ही काम करने पर विवश हैं जबकि दसियों लाख बच्चों की जानें चिकित्सा सुविधाओं के अभाव के कारण ख़तरे में हैं।

पहली जून सन 2001 ईसवी को नेपाल नरेश के उत्तराधिकारी दीपेन्द्र ने एक पारिवारिक झगड़े में नेपाल नरेश बीरेंद्र, रानी और राजशाही परिवार के सात सदस्यों को मार डाला और फिर आत्महत्या कर ली। सिंहासन के उत्तराधिकारी दिपेन्द्र के इस कदम का कारण उनके विवाह के संबध में राजशाही परिवार में पाया जाने वाला मतभेद बताया गया। नेपाल नरेश और उनके उत्तराधिकारी के मारे जाने के बाद नरेश के भाई ज्ञानेन्द्र को नेपाल का नरेश बनाया गया। जिन्हें बाद में जनता के दबाव के कारण सत्ता छोड़नी पड़ी।
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12 खुर्दाद सन 1379 हिजरी शम्सी को ईरान के विख्यात संघर्षकर्ता धर्मगुरु सैयद अली अकबर अबू तुराबी, अपने पिता सैयद अब्बास अबु तूराबी के साथ एक सड़क दुर्घटना में मारे गये। वे सन 1318 हिजरी शम्सी में पवित्र नगर क़ुम में जन्मे थे। उन्होंने इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह जैसे महान धर्मगुरुओं से शिक्षा प्राप्त की। सन 1342 हिजरी शम्सी में इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के नेतृत्व में क्रान्ति आंदोलन आरंभ होने के साथ ही अबू तुराबी इस आंदोलन से जुड़ गये जिसके कारण शाह के पिठ्ठुओं ने कई बार उन्हें गिरफ़तार करके जेल में डाला। इस्लामी क्रान्ति की सफलता और ईरान के विरूद्ध इराक़ द्वारा थोपे गये युद्ध के आरंभ हो जाने के बाद वे मोर्चे पर चले गये और कुछ महीने बाद इराक़ी सेना ने उन्हें गिरफ़तार कर लिया। वे 10 वर्ष तक इराक़ी सेना के कब्जे में रहे और सन 1369 हिजरी शम्सी में छूटे और फिर इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली खामेनई ने उन्हें युद्ध बंदियो के मामलो की देखभाल के लिए अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया। वे दो बार सांसद भी चुने गये। उन्होंने बड़ा ही सादा जीवन बिताया।