Jun १९, २०१६ ०६:०८ Asia/Kolkata

19 जून सन 1867 ईसवी को आस्ट्रिया के राजकुमार मैक्सीमिलियन को जिन्होंने मैक्सिको पर क़ब्ज़ा कर लिया था इस देश के स्वतंत्रताप्रेमियों ने फांसी पर चढ़ दिया।

1269, फ्रांस के राजा लुई ने सभी यहुदियों को शर्म का बिल्ला पहनने का फऱमान जारी कर दिया।

1865, यूनियन जनरल ग्रैनर ने टेक्सास के सभी ग़ुलामों को आजाद किया।

1991, सोवियत संघ ने हंगरी को अपने क़ब्जे से आज़ाद कर दिया।

1910, पहला फ़ादर्स डे वाशिंगटन में मनाया गया।

1968, मार्टिन लूथर किंग के नेतृत्व में आर्थिक न्याय के लिए 50,000 लोगों ने प्रदर्शन किया।

1843, 'दास कैपिटल' के लेखक और समाजशास्त्री काल मार्क्स ने विवाह किया।

1948, सोवियत संघ ने पश्चिमी बर्लिन की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया।

 

19 जून सन 1867 ईसवी को आस्ट्रिया के राजकुमार मैक्सीमिलियन को जिन्होंने मैक्सिको पर क़ब्ज़ा कर लिया था इस देश के स्वतंत्रताप्रेमियों ने फांसी पर चढ़ा दिया। मैक्सिको में वर्ष 1855 में बेनीटो ख़वारेज़ ने राष्ट्रपति पद संभाला तो उन्होंने गोरों से हर ओहदा छीन लिया तथा गिरजाघर की शक्ति को भी कम कर दिया। इस पर पूरे यूरोप में आक्रोश फैल गया तथा फ्रांस के नेतृत्व में यूरोपीय देशों ने मैक्सिको पर हमला कर दिया। वर्ष 1966 में हमलावरों ने मैक्सीमिलियन को मैक्सिको की बागडोर सौंप दी। इसके बाद बेनीटो ज्वारेज़ ने विदेशी हमलावरों के विरुद्ध अपना संघर्ष तेज़ किया तथा उन्हें पराजित करके मैक्सीमिलियन को फांसी पर चढ़ा दिया और देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली।

19 जून सन 1877 ईसवी को पहली बार हेलीकाप्टर का परीक्षण किया गया। इस प्रकार पहली बार ऐसा वायुयान बनाया गया जिसे उड़ने के लिए रनवे की आवश्यकता नहीं होती। यह परीक्षण इतलावी इंजीनियर एनरीको फ़ोरलानीनी ने मिस्र के शहर इसकंदरिया में किया था। इसके बाद पोलैंड के वैज्ञानिक सीकोरिस्की ने इस आविष्कार को अंतिम रूप दिया और यह महत्वपूर्ण आविष्कार उन्हीं के नाम से पंजीकृत हो गया।

19 जून सन 1961  ईसवी को ब्रिटेन और कुवैत के बीच वर्ष 1899 में होने वाले समझौते के रद्द होने के साथ ही फ़ार्स खाड़ी का यह तटीय देश स्वतंत्र हो गया। इस्लामी दुनिया में शामिल होने के बाद कुवैत की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। 18वीं ईसवी शताब्दी के मध्य में इस देश में आले सबाह शासन श्रंखला ने सत्ता संभाली। 19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में इस देश ने उसमानी शासन का मुक़ाबला करने के लिए ब्रिटेन से सहायता मांगी। वर्ष 1899 में कुवैत और ब्रिटेन के बीच एक समझौता हुआ जिसके तहत कुवैत ब्रिटेन के साम्राज्यवादी क़ब्ज़े में चला गया। इस समझौते का लाभ उठाकर ब्रिटेन ने कुवैत के तेल स्रोतो का जमकर इस्तेमाल किया। वर्ष 1961 में यह समझौता निरस्त कर दिया गया और कुवैत स्वतंत्र हो गया किंतु इस देश में पश्चिम का प्रभाव जारी ही रहा। स्वतंत्रता मिल जाने के बाद कुवैत पर इराक़ के शासक सद्दाम के इराक़ के  स्वामित्व का दावा कर दिया और इस देश पर हमले के लिए पर तोलने लगा किंतु ब्रिटेन के हस्तक्षेप के बाद उसने हमले का इरादा बदल दिया। वर्ष 1990 में इराक़ ने कुवैत पर क़ब्ज़ा कर लिया किंतु 7 महीने बाद संयुक्त सेना ने अतिग्रहणकारी इराक़ी शासन के विरुद्ध कार्यवाही करके कुवैत को स्वतंत्र करा लिया।

कुवैत 18 हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला छोटा देश है। यहां शाही शासन व्यवस्था है। यह देश इराक़ और सऊदी अरब के पड़ोस में स्थित है।

 

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27 शौवाल सन 381 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध दार्शनिक व विद्धान अबुल हसन आमेरी नीशापुरी का ईरान के पूर्वोत्तरी नगर ख़ुरासान में निधन हुआ। वे ऐसे दार्शनिक थे जिन्होंने ईरान के दो प्रसिद्ध दार्शनिकों फाराबी और इब्ने सीना के बीच के काल में जीवन व्यतीत किया वस्तुत: उन्हें प्राचीन काल और आधुनिक काल के दार्शनिकों के बीच की कड़ी कहा जाता है। उनके शिष्य अबू आमिर मिस्कवैह ने अपने उस्ताद आमेरी नीशापुरी की शिष्टाचारिक बिंदूओं तथा दूसरे विषयो से संबंधित बातों को अपनी पुस्तक तजारेबुल ओमम में बयान किया है। उन्होंने विख्यात दर्शनिक एरिस्टॉटल के विचरों और नियमों की व्यख्या की। उन्हें साथ ही नैतिकता शिष्टाचार और धर्म से भी बहुत लगाव था। इन क्षेत्रों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं हैं। आमेरी वे दर्शन शास्त्र को बुद्धि की उपज मानते है और उनका मत था कि बुद्धि ईश्वर की अवज्ञा नहीं कर सकती।

उनकी कई पुस्तकें आज भी ज्ञान का स्रोत समझी जाती हैं।