सोमवार- 22 जून
22 जून सन 1633 ईसवी को इटली के खगोल शास्त्री गणितज्ञ और भौतिकशास्त्री गेलीलियो ने गिरजाघर के अधिकारियों के समक्ष अपने विज्ञान संबंधी बयानों और विचारों को पूरी तरह नकार दिया।
उन्होंने सन 1632 में को सौरमंडल के संबंध में बतलमयूस के विचारों का ख़डन करते हुए एक पुस्तक लिखी और उसमें इस तथ्य का उल्लेख किया कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर काटती है। किंतु अगले ही वर्ष पोप ने उनसे रोम में हाज़िर होने को कहा और उनके विचारों को उनके नास्तिक होने का चिन्ह बताया। गिरजाघर ने उनसे कहा कि या तो वे अपने विचारों का इंकार कर दें या मौत की सज़ा के लिए तैयार हो जाएं। गेलीलियो ने वैसे तो न्यायालय में अपने नियमों का इंकार कर दिया किंतु न्यायालय से निकलते समय अपना पैर धरती पर मार कर कहा इस सब के बावजूद तू चक्कर काटती है।
- 22 जून सन् 1555 में सम्राट हुमायुं ने अपने बेटे अकबर को अपने वारिस के रूप में घोषित किया।
- 22 जून सन् 1939 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कांग्रेस से अलग होकर फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की।
- 22 जून सन् 1941 में द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी ने सोवियत रूस पर आक्रमण किया।
- 22 जून सन् 1941 को लिथुआनिया में जून विद्रोह शुरू हुआ।
- 22 जून सन् 1946 में इंग्लैंड और भारत के बीच लंदन के लॉडर्स क्रिकेट मैदान में पहला क्रिकेट टेस्ट मैच शुरू हुआ।
- 22 जून सन् 1948 में ब्रिटिश सम्राट ने इम्प्रेरर ऑफ इंडिया शीर्षक को त्यागा।
- 22 जून सन् 1957 में तत्कालीन सोवियत रूस ने पहली बार आर-12 मिसाइल का प्रक्षेपण किया।
- 22 जून सन् 2002 को इस्लामी गणतंत्र ईरान में आये भीषण भूकम्प में 500 से अधिक लोगों की मौत।
- 22 जून सन् 2007 में भारतीय मूल की अमरीकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपनी टीम के साथ 195 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद धरती पर लौटीं।
- 22 जून सन् 2009 को 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण भारत में दिखाई दिया।
- 22 जून सन् 2016 को इसरो ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, लॉन्च किए एक सात 20 उपग्रह।
22 जून सन 1886 ईसवी को फ़्रांस के चित्रकार एडल्फ़ मोन्टीचेली का 62 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्हें बचपन से ही रंगों की दुनिया से लगाव हो गया। उनकी कई पेंटिग्स को विश्व ख्याति प्राप्त है इनमें कुछ के नामों का अनुवाद अधूरा घर, बूढ़ा किसान, आदि है।
22 जून सन 1940 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी से फ़्रांस की निश्चित पराजय के बाद हिटलर की उपस्थिति में फ़्रांस के हथियार डालने के समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते पर उसी स्थान पर हस्ताक्षर हुए जहाँ प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी के आत्मसमर्पण के समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। जर्मनी की सेना ने हॉलैंड, नार्वे और बेल्जियम पर अधिकार कर लेने के बाद फ़्रांस पर आक्रमण आरंभ किया और ब्रिटेन तथा फ़्रांस की सेनाओ को पराजित करने के बाद 14 जून सन 1940 को पैरिस पर जर्मनी का अधिकार हो गया। मार्शल हेनरी जर्मनी की सहायता से प्रधान मंत्री बने। किंतु जनरल डीगॉल ने देश के बाहर ही बाहर गतिविधियां जारी रखते हुए मार्च सन 1945 में फ़्रांस को स्वतंत्रता दिलाई जिसके बाद वे पेरिस लौटे और फ़्रांस के राष्ट्रपति चुन लिए गये।
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2 तीर सन 1287 हिजरी शम्सी को संवैधानिक क्रान्ति के काल की पहली संसद तत्कालीन शासक मोहम्मद अली शाह क़ाजार के आदेश पर आक्रमण का लक्ष्य बनी। मोहम्मद अली शाह द्वारा संसद के विरोध की घोषणा के बाद सैनिकों ने संसद का घेराव कर लिया जिसके बाद संवैधानिक क्रान्तिकारियों से उनकी झड़पें आरंभ हो गयीं। आरंभ में क्रान्तिकारियों को सफलताएं मिलीं किंतु फिर सेना ने संसद पर तोप से गोले बरसाने आरंभ कर दिये । इस घटना में बहुत से क्रान्तिकारी मारे गये जबकि कुछ अन्य गिरफ़्तार हो गये। इसी प्रकार कुछ क्रान्तिकारी नेताओं को फांसी दे दी गयी।
इस घटना के बाद संसद भंग हो गयी।
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30 शव्वाल सन 606 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध विद्धान और धर्मगुरु फख़्रुद्दीन राज़ी का 62 वर्ष की आयु में निधन हुआ। सन 544 हिजरी क़मरी में वे तेहरान के निकट रै नगर में जन्मे थे। गणित,साहित्य, इतिहास और अपने समय के समस्त ज्ञानों से वे पूर्वत: परिचित थे। उनके चारों ओर ज्ञान के प्यासों की भीड़ लगी रहती थी। उन्होंने दर्शन शास्त्र के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है अस्पष्ट बिंदुओं की व्याख्या करने के साथ ही उन्होंने दर्शनशास्र से संबंधित नये नियम और विचार पेश किये। शिक्षा दीक्षा के साथ ही वे लेखन में भी व्यस्त रहते थे उन्होंने कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं। जिनमें तहसीलुल हक़, नेहायतुल उक़ूल आदि का नाम लिया जा सकता है।