मंगलवार - 23 जून
23 जून सन 1757 ईसवी को पूर्वी भारत के बंगाल क्षेत्र में भारत और ब्रिटेन की सेनाओं के बीच पहली लड़ाई हुई।
पिलासी के नाम से प्रसिद्द इस लड़ाई में ब्रिटेन को सफलता मिली और इस क्षेत्र पर ब्रिटेन का अधिकार हो गया।
ब्रिटेन ने 18वीं शताब्दी के आरंभ से ईस्ट इंडिया कम्पनी के माध्यम से भारत में अपना प्रभाव बढ़ाना आरंभ किया बाद की लड़ाइयों में उसने भारत को पराजित करने के साथ फ़्रांस जैसे अपने यूरोपीय प्रतिस्पर्धियों को भी भारत से निकाल दिया और अंतत: सन 1765 में ब्रिटेन ने भारत पर इलाहाबाद समझौता थोप दिया। उस समय से लगभग दो शताब्दियों तक भारत ब्रिटेन का महत्वपूर्ण उपनिवेश रहा और ब्रिटेन ने भारतीय स्रोतों को ख़ूब लूटा।
- 23 जून सन् 1757 में प्लासी की लड़ाई ब्रिटिश सेना और सिराज उद-दौला के बीच शुरू होती है, जहां बंगाल के ब्रिटिश कब्ज़े का नियंत्रण होता है
- 23 जून सन् 1810 को बाम्बे के डंकन डॉक का निर्माण कार्य पूरा हुआ।
- 23 जून सन् 1868 में क्रिस्टोफ़र एल शोल्स को टाइपराइटर के लिए पेटेंट मिला।
- 23 जून सन् 1888 में फ्रेडरिक डगलस अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकित होने वाले पहले अफ्रिकी-अमेरिकी बने।
- 23 जून सन् 1894 को बैरन पियरे डी कुबर्टिन की पहल पर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की पेरिस के सोरबोन में स्थापना हुई।
- 23 जून सन् 1956 में जमाल अब्दुल नासिर मिस्र के राष्ट्रपति चुने गए।
- 23 जून सन् 1960 में आर्कटिक संधि संपन्न हुई। इसके तहत आर्कटिक महाद्वीप को वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया।
- 23 जून सन् 1960 में जापान और अमेरिका के बीच सुरक्षा समौझाता हुआ।
- 23 जून सन् 1969 में वॉरेन ई बर्गर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
- 23 जून सन् 1981 में पोलैंड में सामाजिक तनाव को देखते हुए मार्शल लॉ घोषित कर दिया गया था और उसके बाद से ही सॉलिडैरिटी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
- 23 जून सन् 1985 को एयर इंडिया का एक यात्री विमान आयरलैंड तट के क़रीब हवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 यात्री मारे गए थे।
- 23 जून सन् 1991 में अफ़्रीक़ी देश माल्दोवा ने आज़ादी की घोषणा की।
- 23 जून सन् 1994 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने दक्षिण अफ़्रीक़ा की सदस्यता को मंज़ूर किया, उत्तरी कोरिया द्वारा परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाये जाने की घोषणा।
23 जून सन 1834 को ब्रिटेन के दार्शनिक और साहित्यकार सैमुएल टाइलर कैलरिज का निधन हुआ वे सन 1772 में जन्में। कैलरिज ने जर्मनी की यात्रा की जिसके दौरान वे इस देश के दार्शनिकों के विचारों से बहुत प्रभावित हुए। ब्रिटेन लौटने के बाद वे जर्मन दार्शनिकों के विचारों और सिद्धांतों के प्रचार में लग गये। वे एक अच्छे आलोचक और कुशल कवि भी थे। उन्होंने अपने दर्शनशास्त्र संबंधी विचारों और साहित्य संबंधी सिद्धांतों को एक पुस्तक में एकत्रित किया है।
23 जून सन 1939 ईसवी को फ़्रांसीसियों ने भूमध्यसागर के तट पर स्थित इस्कन्दरून नामक महत्वपूर्ण बंदरगाह, जो सीरिया का भाग थी, तुर्की को दे दी। पहले विश्व युद्ध
के बाद ब्रिटेन और फ़्रांस के बीच होने वाले समझौते के अनुसार यह बंदरगाह सीरिया को लौटा दी गयी किंतु उसमानी शासक के मरने और मुस्तफ़ा कमाल अतातुर्क नाम के पश्चिम की ओर रूझान रखने वाले नेता के सत्ता में आ जाने के बाद इसकन्दरून बंदरगाह पुन: तुर्की को मिल गयी। जिसके बाद स्थानीय जनता में आक्रोश बढ़ गया और सीरिया पर ब्रिटेन के अधिकार के विरुद्ध कार्रवाइयां आरंभ हो गयीं।

23 जून वर्ष 1980 को भारत के चौथे राष्ट्रपति वी.वी. गिरी का देहान्त हुआ। उनका पूरा नाम वराहगिरी वेंकटगिरी था। वे 10 अगस्त वर्ष 1894 ईसवी को ब्रम्हपुर ओडिशा में पैदा हुए थे । उनका जन्म एक तेलगू परिवार में हुआ था। 1913 में उन्होंने डबलिन विश्वविद्यालय में क़ानून की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1916 में आयरलैंड में एक आयरिश आंदोलन दल से जुड़ने के बाद उन्हें वहां से निकाल दिया गया। भारत लौटने पर वे श्रम आंदोलन के महासचिव बने। गिरि 1934 में इम्पीरियल विधान सभा के सदस्य बने। 1936 के आम चुनाव में मद्रास से उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया गया और उन्होंने यह चुनाव जीत लिया। वे वर्ष 1957 से 1960 तक उत्तर प्रदेश के, वर्ष 1960 से 1965 तक केरल के और वर्ष 1965 से 1967 तक मैसूर के राज्यपाल रहे। उन्हें 1975 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न से सम्मान किया गया। वह विपुल लेखक और एक अच्छे वक्ता थे। उन्होंने भारतीय उद्योग, औद्योगिक संबंध और श्रम समस्याओं के विषय पर महत्त्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं।
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3 तीर सन 1374 हिजरी शम्सी को प्रसिद्ध ईरानी बुद्धिजीवी और लेखक उस्ताद सैयद मुसलेहुद्दीन महदवी इस्फ़हानी का निधन हो गया। सैयद मुसलेहुद्दीन महदवी इस्फ़हानी सन 1295 हिजरी शम्सी को इस्फ़हान के एक पढ़े लिखे घराने में पैदा हुए थे। उन्होंने बचपन से हौ प्राचीन और आधनिक शिक्षा एक साथ प्राप्त करना आरंभ की और ईरान के बड़े विद्वानों और बुद्धिजीवियों से ज्ञान प्राप्त किया और फिर पचास वर्षों तक लेखन और अध्ययन में अपना जीवन व्यतीत किया और बहुत सी किताबें लिखीं। अल्लामा मजलिसी की जीवनी, इस्फ़हान के बुद्धिजीवी, हाई स्कूल के लिए धार्मिक शिक्षा आदि उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।
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1 ज़ीक़ादा सन 173 हिजरी क़मरी को पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमान मूसा काज़िम अ की भेथे हज़रत फ़ातेमा मासूमा का जन्म हुआ। वे महिला वर्ग के लिए महान आदर्श, कुशल वक्ता और उपदेशक थीं। वे ईरान के खुरासान नगर मे अपने भाई इमाम अली रज़ा अ.से मिलने जा रही थीं। रास्ते में क़ुम नगर में बीमार पड़ गयीं और 17 दिन के बाद सन 201 हिजरी क़मरी में उनका स्वर्गवास हो गया। क़ुम नगर में उनका मज़ार दर्शन करने वालों से भरा रहता है। उनके मज़ार के समीप विश्व का एक महान धार्मिक शिक्षा केंद्र स्थित है जो विश्व में इस्लामी शिक्षा और विचारों के प्रचार एवं प्रसार का केनद्र माना जाता है। साथ ही यह स्थान अत्याचार और अन्याय के मुक़ाबले में कड़े प्रतिरोध का प्रतीक भी है।
हज़ारों लोग इस पवित्र स्थान पर शिक्षा में लीन दिखाई पड़ते हैं। यहॉ से हज़ारों विद्धानों ने अपनी ज्ञान की प्यास बुझाई है।
1 ज़ीक़ादा सन 177 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के प्रसिद्ध विद्वान व इतिहासकार सेनान नख़्ई कूफ़ी का निधन हुआ। वे सन 95 हिजरी क़मरी में तत्कालीन ईरान के बुख़ारा नगर में पैदा हुए थे। वे हज़रत अली अ के निष्ठवान साथी मालिके अशतर के पौत्र थे। उन्होंने कूफ़ा नगर के नयायाधीश के रुप में भी जनता की सेवा की।