Jun २५, २०१६ ०९:२२ Asia/Kolkata
  • रविवार - 28 जून

28 जून सन 323 ईसा पूर्व को मेसीडोनिया के सम्राट एलेग्ज़ेन्डर या सिकन्दर महान का निधन हुआ।

वे सन 356 ईसा पूर्व जन्में और 20 साल की आयु में उन्होंने सत्ता संभालीं, यूनान में अपना शासन मज़बूत कर लेने के बाद एलेग्ज़न्डर ने पूरब का रूख किया। सिकन्दर ने तुर्की सीरिया और मिस्र पर अधिकार कर लेने के बाद ईरान के राजा दारयूश त्रितीय से संघर्ष आरंभ किया और उन्हें पराजित करके ईरान पर भी अधिकार कर लिया। सिकंदर अपने शासन को भारत में पंजाब दर्रे तक विस्तृत करने में सफल हुए किंतु इसके बाद सिकन्दर के सैनिक थकन बीमारी और गर्मी के कारण आगे नहीं बढ़ पाए और फिर सिकन्दर की वापसी आरंभ हो गयी। बीमारी के कारण सिकन्दर का इराक़ के बाबिल नगर में निधन हो गया  और उनके द्वारा जीते गये क्षेत्रों को उनके सरदारों ने आपस में बॉट लिया।

  • 28 जून सन् 1748 को एम्सटरडेम में दो लोगों को सार्वजनिक रूप से फांसी दिए जाने के विरोध में भडके दंगो में 200 से अधिक लोग मारे गए।
  • 28 जून सन् 1820 में टमाटर को बिना ज़हर वाली सब्ज़ी साबित किया गया।
  • 28 जून सन् 1919 में वर्साय शांति संधि पर दस्तख़त के साथ प्रथम विश्वयुद्ध ख़त्म हो गया।
  • 28 जून सन् 1922 में आयरिश नागरिक युद्ध शुरू हुआ।
  • 28 जून सन् 1941 में जर्मनी की सेना ने पोलैंड के गैलिसिया पर कब्ज़ा जमाया।
  • 28 जून सन् 1952 में दक्षिण अफ़्रीक़ा नेता नेल्सन मंडेला को पहली बार जेल में डाला गया।
  • 28 जून सन् 1976 को अमेरिका के एयरफोर्स एकेडमी में पहली महिला का प्रवेश हुआ।
  • 28 जून सन् 1981 को ईरान में एक हमले में 74 सरकारी अधिकारियों की मौत हो गई।
  • 28 जून सन् 1981 में चीन ने कैलाश और मानसरोवर के लिए सड़क मार्ग खोला।
  • 28 जून सन् 2005 में रूस द्वारा ईरान के लिए छह परमाणु रिएक्टर बनाने की घोषणा।
  • 28 जून सन् 2007 को आईफ़ोन के नाम से जाना जाने वाला ऐप्पल का पहला स्मार्टफ़ोन बाज़ार में आया।

28 जून सन 1873 ईसवी को फ़्रांस के विख्यात जीव वैज्ञानिक डॉक्टर एलेक्सेस कार्ल का पेरिस में जन्म हुआ। वे सन 1900 ईसवी में डाक्टर बने। उन्होंने शरीर के सजीव अंगो को शरीर से अलग सुरक्षित रखने के बारे में व्यापक अध्ययन किए। उन्होंने सन 1913 में नोबल पुरुस्कार प्राप्त किया। उनकी विख्यात पुस्तक का नाम मनुष्य अज्ञात रचना है। सन 1924 ईसवी में एलेक्सेस कार्ल की मृत्यु हुई।

28 जून सन 1914 ईसवी को ऑस्ट्रिया के शासक फ़्रांन्टस फ़रडीनन्ड और उनकी पत्नी को एक सर्ब छात्र ने बोसनिया में एक यात्रा के दौरान आक्रमण का निशाना बनाया। इस घटना के बाद ऑस्ट्रिया की सरकार ने जॉंच कार्रवाही में अपनी प्रत्यक्ष भूमिका की मांग की। किंतु सर्बिया ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसी कारण एक महीने बाद ऑस्ट्रिया ने सर्बिया पर आक्रमण कर दिया और इसी वर्ष के अगस्त महीने से प्रथम विश्व युद्ध आरंभ हो गया।

 

28 जून सन 1919 ईसवी को पेरिस में वॉर्सा महल में संयुक्त और घटक देशों के प्रतिनिधियों के बीच वार्सा शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते पर हस्ताक्षर से प्रथम विश्व युद्ध औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।

 

28 जून वर्ष 1712 को प्रसिद्ध फ़्रान्सीसी विचारक व लेखक जॉन जैक रूसो का जन्म हुआ। उन्होंने अपना बचपन और जवानी का काल अत्यंत दरिद्रता की स्थिति में बिताया। चालीस साल की आयु में उन्होंने एक दार्शनिक के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली और धीरे धीरे अपने विचारों और दृष्टिकोणों का प्रचार आरंभ कर दिया। अठ्ठारहवीं शताब्दी में उनके विचारों और दृष्टिकोणों ने फ्रांस के समाज पर गहरे प्रभाव डाले। इसलिए कहा जाता है कि फ़्रान्स की क्रांति उन्हीं के विचारों और दृष्टिकोणों का परिणाम थी। रूसो का निधन 1778 में हुआ। मृत्यु के समय उनकी आयु 66 वर्ष थी।

28 जून सन 2006 को ज़ायोनी शासन ने ग़ज़्ज़ा पर बहुत बर्बर ढंग से ज़मीनी और हवाई आक्रमण कर दिया। विदित रूप से इस आक्रमण का उद्देश्य अपने उन दो लोगों बदला लेना था जिन्हें फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ताओं ने कार्यवाही करके मार दिया था। इस कार्यवाही के दौरान फ़िलस्तीनी संघर्षकर्ताओं ने एक ज़ायोनी सैनिक को बंदी भी बना लिया था। ज़ायोनी सेना के आक्रमण के पहले दिन जिसे ग्रीष्मकाल की वर्षा का नाम दिया गया था, हमास सरकार के दर्जनों सांसदों, प्रतिनिधियों, मंत्रियों और सक्रिय नेताओं का अपहरण कर लिया गया, जबकि ज़ायोनी अतिक्रमण के दौरान सैकड़ों फ़िलिस्तीनी शहीद और घायल हो गए।

 

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6 ज़ीक़ादा सन 533 हिजरी क़मरी को ईरान के प्रसिद्ध गणितज्ञ व धर्मगुरु अबुल हसन सोहरवर्दी का निधन हुआ। वे महान धर्मगुरु थे किंतु उन्हें गणित संबंधी मामलों में व्यापक जानकारी के कारण ख्याति मिली। उन्होंने उस समय के विख्यात विद्वान इमाम मोहम्मद ग़ज़ाली से ज्ञान प्राप्त किया था।

 

6 ज़ीक़ादा सन 733 हिजरी क़मरी को स्पेन के प्रसिद्ध लेखक व शायर इब्ने हानी का निधन हुआ। उन्होंने उस समय के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों और विद्वानों से शिक्षा ग्रहण की और थोड़े ही समय में प्रसिद्ध हो गये। वे एक कुशल शिक्षक और अच्छे शायर थे। उनकी कई रचनाएं आज भी मौजूद हैं जिनमें शरहुत्तसहील नामक पुस्तक को विशेष महत्व प्राप्त है।

इब्ने हानी एक युद्ध के दौरान मारे गये थे।