Jul २७, २०१६ ०७:३३ Asia/Kolkata
  • सोमवार- 27 जुलाई

27 जुलाई सन 1772 ईसवी को तीन बड़ी शक्तियों रुस ऑस्ट्रिया और फ़्रांस के प्रतिनिधियों ने पोलैंड के पहले विभाजन के समझौते पर हस्ताक्षर किये।

  • 27 जुलाई सन 1862 को चीन के कैंटन में चक्रवाती तूफ़ान से चालीस हज़ार लोगों की मौत हो गई थी।
  • 27 जुलाई सन 1889 को इंडियन नेशनल कांग्रेस की शाखा ब्रिटिश इंडिया कमिटी को लंदन में दादाभाई नौरोजी, विलियम वेडरबर्न, डब्ल्यू एस कैन और विलियम डिग्बी के नेतृत्व में खोला गया।
  • 27 जुलाई सन 1976 को चीन के तंगशान में विनाशकारी भूकंप में दो लाख चालीस हज़ार लोग मारे गए।
  • 27 जुलाई सन 1992 को प्रसिद्ध अभिनेता अमजद ख़ान का निधन हुआ था।
  • 27 जुलाई सन 1987 को खोजकर्ताओं ने टाइटेनिक जहाज़ का मलबा खोजा था।
  • 27 जुलाई सन 2015 को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुलकलाम का निधन हुआ।

 

27 जुलाई सन 1772 ईसवी को तीन बड़ी शक्तियों रुस ऑस्ट्रिया और फ़्रांस के प्रतिनिधियों ने पोलैंड के पहले विभाजन के समझौते पर हस्ताक्षर किये। इन तीनों शक्तियों ने पोलैंड को भ्रष्टचार और विनाश से बचाने के बहाने आपस में बॉट लिया। उल्लेखीय है कि पोलैंड को अब तक विभिन्न देशों के बीच चार बार बांटा जा चुका है।

 

27 जूलाई सन 1824 ईसवी को फ़्रांस के प्रसिद्ध लेखक और साहित्यकार एलेग्ज़ेन्डर डोमास फ़िल्स कनिष्ठ का पेरिस में जन्म हुआ। वे फ्रांस के सैनिक जनरल और लेखक एलेग्ज़न्डर डोमास वरिष्ठ के पुत्र थे। उन्होंने अपना बचपन कठिन परिस्थितियों में बिताया जिसे उन्होंने अपने लेखों में प्रतिबिंबित भी किया है। उन्होंने कई ड्रामे लिखे जिनमें अच्छी सामाजिक परम्पराओं को प्रचलित करने का प्रयास किया। श्रीमती केमीलिया, आधा विश्व, पैसे का मामला आदि उनकी विख्यात साहित्यिक रचनाएं हैं। वर्ष 1895 में उनका निधन हुआ।

एलेग्ज़ेन्डर डोमास

27 जूलाई सन 1844 ईसवी को ब्रिटेन के वैज्ञानिक जान डेल्टन का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने रसायन शास्त्र और भौतिक शास्त्र के क्षेत्रों में कई अविष्कार किए। डेल्टन गैसों के मिश्रण के नियम के जनक हैं। वे रंगों की मिलावट और उन्हें एक दूसरे से अगल करने से सामने आने वाले प्रभाव के खोजकर्ता हैं।

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6 मुरदाद सन 1368 हिजरी शम्सी को ईरानी जनता ने एक जनमत संग्रह में भाग लेकर सविंधान में हुए सुधारों पर भारी बहुमत के साथ सहमति व्यक्त की। इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी ने अपने स्वर्गवास से थोड़े समय पहले संविधान में इन सुधारों के लिए आदेश दिया था। इन सुधारों में राष्ट्रपति के अधिकारों में वृद्धि और प्रधान मंत्री पद को समाप्त करना तथा इसी प्रकार उच्च न्याय परिषद को हटाकर न्यायपालिका की ज़िम्मेदारी को न्यायपालिका अध्यक्ष को सौंपा जाना भी शामिल था।

 

 

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6 ज़िलहिज्जा वर्ष 258 हिजरी क़मरी में ईरान के प्रसिद्ध इतिहासकार व धर्मगुरू अबू अली मुहम्मद बिन हमाम का जन्म हुआ। वह बग़दाद में रहते थे और उन्होंने अपने समकालिक बहुत से धर्मगुरूओं से शिक्षा प्राप्त की और पैग़म्बरे इस्लाम और इमामों के कथनों के ज्ञान में जिसे इल्मे हदीस कहा जाता है, दक्षता प्राप्त की। उन्होंने इसीप्रकार बहुत से छात्रों का प्रशिक्षण किया जिनमें से अधिकांश आगे चलकर इल्मे हदीस व अन्य इस्लामी ज्ञानों में प्रसिद्ध विद्वान बने। उन्होंने इसी प्रकार इस्लाम धर्म के मार्गदर्शकों के इतिहास के बारे में पुस्तकें लिखीं हैं।

 

6 ज़िल्हिज्जा सन 1407 हिजरी क़मरी को सैकड़ों ईरानी और दूसरे देशों के हाजी मक्के में अनेकिश्वरवादियों से विरक्तता की क्रिया के दौरान सउदी अरब के सुरक्षाकर्मियों के हाथों मारे गये। हाजी, हर वर्ष अनेकिश्वरवादियों से विरक्तता की घोषणा करते हैं जिसके दौरान मुसलमानों को एकता और एकजुटता बनाने तथा इस्लाम के शत्रओं विशेषकर अमरीका और ज़ायोनी शासन के प्रति अपने विरोध की घोषणा के लिए आमंत्रित करते हैं। हज के समय इस समारोह का आयोजन और भी प्रभावशाली हो जाता है। इसी बात के दृष्टिगत इमाम ख़ुमैनी हज के अवसर पर अपने संदेश में इस समारोह को अत्यधिक शान से मनाने पर बल दिया करते थे। और इस समय वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई भी इस समारोह को मुसलमानों की जागरुकता और शक्ति का चिन्ह मानते हैं।

 

तीन नवम्बर वर्ष 1956 में मिस्र पर ज़ायोनी आक्रमण में ग़ज़्ज़ा पट्टी में स्थित ख़ान यूनुस नगर में इस शासन के सैनिकों ने लोगों का जनसंहार किया। ज़ायोनी सैनिकों ने इस नगर के अतिग्रहण के बाद 25 मिस्री सैनिकों की हत्या कर दी और उसके बाद नगर के अस्पताल पर आक्रमण करके नर्सों और चिकित्सकों की हत्या कर दी। इसी प्रकार ज़ायोनी सैनिकों ने ख़ान यूनुस नगर के शरण स्थल को बम से उड़ा दिया जहां महिलाएं,बच्चे और वृद्धि शरण लिए हुए थे। ज़ायोनी शासन ने ख़ान यूनुस में 275 लोगों का जनसंहार करके एक फिर अपनी पाश्विक प्रवृत्ति दिखाई है।