सादिक आज़मी
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नज़ीर अब्दुल्ला महोबा जी
नज़ीर अब्दुल्ला महोबा जी
आदाब इस सप्ताह भी अपना पसंदीदा और रेडियो तेहरान का लोकप्रिय कार्यक्रम पत्र संसार के अंतर्गत एक बहुत ही प्यारे एवं कर्मठ श्रोता नज़ीर अब्दुल्ला महोबा जी जिनका संबंध नाइजीरिया से है साक्षात्कार सुनवाया गया जो बहुत रोचक लगा, नाइजीरिया मूल के निवासी और हिन्दी के प्रति उनका लगाव वाकई हैरान करने योग्य बात है मैं उनके द्वारा टीवी देखकर हिन्दी सीखने के जज़बे को सलाम करता हूं,उन्होंने इस कहावत को झूठा कर दिया कि बिना गुरु के ञान नहीं सिर्फ सुनकर इतना अच्छा हिन्दी बोलना सच मे एक चमत्कार कहा जाएगा, और पूरे इनटरव्यू के बीच कहीं से नहीं लगा कि महेबा जी हिन्दी से अंजान थे, आपसे एक अनुरोध करता हूं क्या आप मुझे उनकी फेसबुक आईडी दे सकते हैं? कार्यक्रम ज़िन्गी की बहार की आज की कड़ी भी लाजवाब लगी, मैं हृदय से आपका आभार व्यक्त करता हूं जो आप ज़िंदग़ी की बहार में युवाओं की भूमिका की समीक्षा करते हैं एवं,उनके द्वारा बदलाव का उल्लेख करते हैं, इस प्रकार की रिपोर्ट प्रेरणादायी होती है जिन्को आपके माध्यम से सुनने का सौभाग्य मिलता रहता है और सबसे सुंदर और प्यारा लगता है आप दोनों के पेश करने का अंदाज, धन्यवाद स्वीकार करें एक अच्छी प्रस्तुति हेतु,