May ०९, २०१८ ०७:३३ Asia/Kolkata

क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-646

 

وَلَقَدْ آَتَيْنَا مُوسَى الْكِتَابَ وَجَعَلْنَا مَعَهُ أَخَاهُ هَارُونَ وَزِيرًا (35) فَقُلْنَا اذْهَبَا إِلَى الْقَوْمِ الَّذِينَ كَذَّبُوا بِآَيَاتِنَا فَدَمَّرْنَاهُمْ تَدْمِيرًا (36)

 

और निश्चय ही हमने मूसा को किताब (अर्थात तौरैत) प्रदान की और उनके भाई हारून को उनका सहायक व साथी बनाया। (25:35) फिर हमने कहा कि तुम दोनों उस जाति के (लोगों के) पास जाओ जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया है। अन्ततः हमने उन लोगों को बुरी तरह से तबाह करके रख दिया। (25:36)

 

 

وَقَوْمَ نُوحٍ لَمَّا كَذَّبُوا الرُّسُلَ أَغْرَقْنَاهُمْ وَجَعَلْنَاهُمْ لِلنَّاسِ آَيَةً وَأَعْتَدْنَا لِلظَّالِمِينَ عَذَابًا أَلِيمًا (37) وَعَادًا وَثَمُودَ وَأَصْحَابَ الرَّسِّ وَقُرُونًا بَيْنَ ذَلِكَ كَثِيرًا (38) وَكُلًّا ضَرَبْنَا لَهُ الْأَمْثَالَ وَكُلًّا تَبَّرْنَا تَتْبِيرًا (39)

 

और हमने नूह की जाति (के लोगों) को भी, जब उन्होंने पैग़म्बरों को झुठलाया, डुबा दिया और उन्हें लोगों के लिए (पाठ की) एक निशानी बना दिया, और अत्यचारियों के लिए हमने एक पीड़ादायक दंड तैयार कर रखा है। (25:37) और (इसी प्रकार हमने) आद व समूद जाति और रस्स के लोगों तथा उनके बीच की बहुत सी जातियों को भी तबाह कर दिया। (25:38) इनमें से प्रत्येक के लिए हमने (पिछले लोगों के) उदाहरण बयान किए और (जब वे फिर भी उद्दंडी बने रहे तो) हमने उन सभी को पूरी तरह ध्वस्त करके रख दिया। (25:39)

 

 

وَلَقَدْ أَتَوْا عَلَى الْقَرْيَةِ الَّتِي أُمْطِرَتْ مَطَرَ السَّوْءِ أَفَلَمْ يَكُونُوا يَرَوْنَهَا بَلْ كَانُوا لَا يَرْجُونَ نُشُورًا (40)

 

और वे (मक्के के अनेकेश्वरवादी) उस बस्ती से गुज़र चुके हैं जिस पर दंड की वर्षा हो चुकी है, तो क्या वे उसे देख नहीं रहे थे? (क्यों नहीं, वे उसे देखते थे किंतु पाठ नहीं लेते थे) क्योंकि वे दोबारा जीवित होकर उठाए जाने पर ईमान नहीं रखते थे। (25:40)