Apr ११, २०१६ १५:२९ Asia/Kolkata
  • नबी-नबी-नबी-नबी

चमन-चमन की दिलकशी गुलों की है वो ताज़गीहै चाँद जिससे शबनमी, वो कहकशां की रोशनीफ़ज़ाओं की वह रागिनी हवाओं की वह नग़मगीहै कितना प्यारा नाम भी नबी-नबी-नबी-नबी।

चमन-चमन की दिलकशी गुलों की है वो ताज़गीहै चाँद जिससे शबनमी, वो कहकशां की रोशनीफ़ज़ाओं की वह रागिनी हवाओं की वह नग़मगीहै कितना प्यारा नाम भी नबी-नबी-नबी-नबी। ये किसके रोने की सदा पहाड़ियों में शोर थासहाबियों ने पूछा तो बताया सारा माजरावो दूर एक ग़ार है सदा ये बार बार हैरब्बे हब ली उम्मती, नबी-नबी-नबी-नबी। प्रेषकः मोहम्मद इश्तियाक़ प्रेमीग्राम चौधरपुर, मुरादाबाद उत्तर प्रदेश