गुरुवार- 16 अप्रैल
16 अप्रैल वर्ष 1997 ईसवी को मक्के से दस किलोमीटर दूर मेना में एक गैस सेलेन्डर फटने से भीषण आग लग गयी जिसके परिणाम स्वरूप 343 हाजी शहीद और 1290 घायल हुए।
इसके अतिरिक्त सत्तर तंबू जलकर राख हो गये। वर्ष 1975 के बाद मेना में आग लगने की यह दूसरी बड़ी घटना की।
- 16 अप्रैल सन् 1853 में भारत में मुंबई से ठाणे के बीच पहली रेल चली थी।
- 16 अप्रैल सन् 1917 में पेट्रोग्राड में रूसी सैनिकों ने विद्रोह किया था।
- 16 अप्रैल सन् 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड में मरने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए महात्मा गांधी जी ने आज ही के दिन उपवास की घोषणा की थी।
- 16 अप्रैल सन् 1922 में जर्मनी-रूस के बीच इटली में एक समझौता हुआ जिसे Treaty of Rapallo कहा जाता है।
- 16 अप्रैल सन् 1925 में सोफिया में चर्च पर हमला किया गया था जिसमें लगभग 150 लोगों की जान गईं थी।
- 16 अप्रैल सन् 1945 में एक सोवियत पनडुब्बी के कारण जर्मन रिफ्यूजी शिप डूब गया था, जिसकी वजह से 7000 लोग मर गए थे।
- 16 अप्रैल सन् 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध में दौरान अमेरिकी सेना जर्मनी के नुरेम्बर्ग इलाक़े में घुस गयी थी।
- 16 अप्रैल सन् 1945 में रेड आर्मी ने बर्लिन की लड़ाई शुरू की थी।
- 16 अप्रैल सन् 1970 में यूरोपीय देश फ्रांस में आये बर्फीले तूफान से 70 लोगों की मौत हुई थी।
- 16 अप्रैल सन् 1980 में अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।
- 16 अप्रैल सन् 1992 में अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति नजीबुल्लाह ने इस्तीफ़ा दिया था।
- 16 अप्रैल सन् 1999 में अद्वैलाजीज बोतेफ़्लिका अल्जीरिया के नये राष्ट्रपति नियुक्त हुए।
- 16 अप्रैल सन् 2002 में दक्षिण कोरिया में एक विमान दुर्घटना में 120 यात्रियों की मौत हुई थी।
- 16 अप्रैल सन् 2008 में लंदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण हुआ।
- 16 अप्रैल सन् 2013 में ईरान में आये एक भूकंप से 37 लोगों की मौत हो गई थी।
16 अप्रैल वर्ष 1853 ईसवी को एशिया महाद्वीप में पहली बार रेलगाड़ी चली। सन 1843 ईसवी में ब्रिटेन के एक दक्ष इन्जीनीयर जी टी क्लार्क को भारत में रेलवे के आरंभ हेतु मूलभूत कार्य करने के लिए मुंबई भेजा गया किन्तु उनकी तैयार की गयी योजना को भारतीय सेना की एक समिति ने रद्द कर दिया। इसी दौरान ग्रेट इंडियन पेनिन सुला रेलवे फ़ाक लैंड के नाम से एक योजना पर कार्य आरंभ हुआ। सन 1849 ईसवी में ईस्ट इंडिया कंपनी ने 35 मील लंबी परीक्षण लाइन बिछाने की अनुमति दी। सन 1852 के अंत में मुंबई से थाना तक रेल की पटरी तैयार की गयी। 16 अप्रैल वर्ष 1853 को मुंबई में आम अवकाश की घोषणा की गयी और इस दिन दोपहर तीन बजकर तीस मिनट पर मुंबई के स्टेशन से 21 मील की दूरी पर स्थित थाणे स्टेशन के लिए एक रेलगाड़ी रवाना हुई। रेलगाड़ी को एक्कीस तोपों की सलामी दी गयी। इस रेलगाड़ी ने यह यात्रा 57 मिनट में तय की।
16 अप्रैल सन 1844 ईसवी को फ़्रांस के लेखक व कवि ऐनाटल फ्रैंकस का पेरिस में जन्म हुआ। उन्हें आरंभ से ही शायरी और सहित्य से लगाव पैदा हो गया। थोड़े ही समय में उन्होंने भारी ख्याति प्राप्त कर ली। उनकी कई काव्य रचनाएं हैं। ऐनाटल फ्रैंकस ने सन 1914 में साहित्य का नोबल पुरुस्कार भी जीता।
सन 1924 में उनका निधन हुआ।

16 अप्रैल सन 1889 ईसवी को लंदन के निकट एक स्थान पर विश्व विख्यात कमेडी अभिनेता चार्लज़ का जन्म हुआ। वे चार्ली चैपलिन के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर हैं। बचपन में उन्होंने ड्रामे में काम किया और धीरे धीरे ख्याति की सारी सीमाएं पार करते चले गये। चैपलिन जवानी में अमरीका चले गये और 1915 से फ़िल्मों का लेखन और निर्दोशन आरंभ कर दिया। समाज के वंचित और दरिद्र वर्ग की सहानुभूति पर आधारित और आलोचक फ़िल्में बनाने के कारण चैपलिन को अमरीकी सरकार के क्रोध का सामना करना पड़ा सन 1952 ईसवी में अमरीकी सरकार ने उन्हें देशनिकाला देने का आदेश जारी कर दिया। चैपलिन ने अमरीका में अपना काम कठिनाइयों में पड़ता देखकर अपनी पत्नी के साथ स्वीटज़रलैंड का रुख़ किया। उन्होंने अपनी फ़िल्मों को पश्चिम की अशलीलता से सुरक्षित रखा। उनकी फ़िल्मों में समाज की असमानता पर साहसिक टिप्पणी दुख आदि पहलुओं को स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है। सन 1977 में जब चैपलिन ख्याति की चोटी पर पहुंच चुके थे उनका निधन हो गया।

16 अप्रैल सन 1948 ईसवी को फ़िलिस्तीन में सशस्त्र ज़ायोनियों ने तेल लेतफ़िन्सकी शरणार्थी शिविर पर आक्रमण करके 90 फ़िलिस्तीनियों को मार डाला और दसियों अन्य को घायल कर दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई कि एक ओर ब्रिटिश सेनाए फ़िलिस्तीन से निकल रही थीं और दूसरी ओर ज़ायोनी फ़िलिस्तीन में अवैध इस्राईल बनाने की चेष्टा में फ़िलिस्तीनियों का जनसंहार कर रहे थे। ज़ायोनियों और ब्रिटिश अधिकारियों की साठ गांठ से होने वाले इस अमानवीय कृत्य के परिणाम स्वरुप भारी संख्या में फ़िलिस्तीनी मारे गये और शरणार्थी हुए। और एक महीने के भीतर अर्थात 14 मई सन 1948 ईसवी को ज़ायोनी शासन ने अपने अवैध अस्तित्व की घोषणा कर दी।

16 अप्रैल सन 1988 ईसवी को ख़लीलुल वज़ीर नामक विख्यात फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ता की ज़ायोनी शासन के कारिन्दों ने टयूनिशिया में हत्या कर दी। वे बड़े ही देशभक्त फ़िलिस्तीनी थे। अतिग्रहणकारी ज़ायोनियों के मुकाबले के लिए सशस्त्र संघर्ष को एक मात्र मार्ग के रुप में आभास करने के बाद उन्होंने मिस्र की राजधानी काहेरा में अपने साथियों के साथ मिलकर फ़िलिस्तीन स्वतंत्रता आंदोलन नामक एक सशस्त्र संगठन बनाया। और बाद में इस संगठन की सैनिक शाखा के प्रमुख चुने गये। वे अबू जेहाद के नाम से प्रसिद्ध थे। ज़ायोनी शासन ने उनकी प्रभावी गतिविधियों को देखते हुए टयूनेशिया में अपनी जासूसी संस्था मोसाड द्वारा उन्हें शहीद करवा दिया।
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28 फ़रवरदीन सन 1365 हिजरी शम्सी को कुर्द लेखक व शायर मोहम्मद अमीन शैख़ुल इस्लामी मुक्री का निधन हुआ। वे सन 1300 हिजरी शम्सी में पश्चिमी ईरान के एक गांव में जन्में। सन 1321 हिजरी शमसी में शैख़ुल इस्लामी ईरान के नीशमतान समाचार पत्र की लेखक समिति के सदस्य बन गये। यह समाचार पत्र गुप्त रुप से शाह के अत्याचारी शासन के विरुद्ध काम करता था और शाह की धांधलियों तथा विश्वास घातों का पर्दाफ़ाश करता रहता था।
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22 शाबान सन 773 हिजरी क़मरी को मिस्र के विख्यात धर्मगुरु और इतिहासकार इब्ने हजर अस्क़लानी का काहेरा नगर में जन्म हुआ। पांच वर्ष की आयु में उनके पिता का निधन हो गया और इसी वर्ष से उन्होंने कुरआन और धर्म की शिक्षा आरंभ की।
दस वर्ष के होने तक असक़लानी ने क़ुरआन का स्मरण कर लिया और फिर शिक्षा के लिए विभिन्न क्षेत्रों की यात्राओं में लग गये। उन्होंने 150 से अधिक पुस्तकों का संकलन किया। लेसानुल मीज़ान, फ़त्हुल बारी फ़ी शरहे हदीसिल बुख़ारी, अलइशरा फ़ी तमईज़िस्सहाबा आदि उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।
सन 852 हिजरी क़मरी में इब्ने हजर असकलानी का निधन हुआ।
22 शाबान सन 1354 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के विख्यात धर्मगुरु शैख़ मोहम्मद जवाद बलाग़ी का निधन हुआ। वे महान धर्म गुरु दक्ष शिक्षक और निपुण लेखक थे।
बलागुल मुबीन उनकी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम है।