Apr २१, २०१६ १०:२२ Asia/Kolkata

1938, उर्दू के सुप्रसिद्ध शायर एवं विचारक अल्लामा इक़बाल का निधन हुआ।

1977, मेजर जनरल ज़ियाउर्रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति नियुक्त हुए।

2002, अमरीका ने एलटीटीई से प्रतिबंध नहीं हटाने का फैसला किया।

2003, भारत में अमरीकी राजदूत राबर्ट ब्लैकविल को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा।

2004, बसरा में रॉकेट हमले में 68 लोगों की मौत हो गई।

2006, नेपाल नरेश ने चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपने की घोषणा की।

2007, ब्रायन लारा ने एक दिवसीय क्रिकेट से सन्न्यास लिया।

2008, भारत व ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच तीसरा साझा अभ्यास गोवा के निकट कोंकण में शुरू हुआ।

 

21 अप्रैल सन 829 ईसवी को ब्रिटेन के प्रथम नरेश एगबर्ट को लंबी लड़ाई के बाद सिंहासन मिला। इससे पहले तक ब्रिटन में कई राजाओं का राज था और यह देश कई भागों में विभाजित था। एगबर्ट कि जो दक्षिणी क्षेत्र के शासक थे उन्होंने अन्य क्षेत्रीय राजाओं से युद्ध करके उन्हे अपने अधीन कर लिया और वर्ष 829 में ब्रिटेन के पहले नरेश के रूप में सिंहासन पर बैठे। उनसे आरंभ होने वाली शासन श्रंखला वर्ष 1016 तक चली।

21 अप्रैल सन 1828 ईसवी को फ्रांसीसी दार्शनिक एवं इतिहासकार हिपोलिट टेन का जन्म हुआ। उन्होंने कला साहित्य और ऐतिहासिक घटनाओं को जाति स्थान और समय के आधार पर वर्णित किया। उन्होंने कई मूल्यवान पुस्तकें लिखी। वर्ष 1893 में उनका निधन हुआ।

 

21 अप्रैल सन 1938 ईसवी को भारतीय उपमहाद्वीप के विख्यात कवि एवं विचारक अल्लामा इक़बाल का निधन हुआ। वे वर्ष 1877 में पंजाब के लाहौर नगर में जन्मे। एम ए कर लेने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी और ब्रिटेन गए। दसवीं कक्षा से ही अल्लामा इक़बाल ने शायरी आरंभ कर दी। स्वदेश लौटने के बाद इस कवि ने सुधार कार्य आरंभ किए। उन्होंने सोए हुए समाज को झिंझोड़ने और जगाने का प्रयास किया। फ़ारसी और उर्दू भाषा में उनकी कई काव्य रचनाएं आज भी सुरक्षित हैं इनमें, असरारे ख़ुदी, रमूज़े बेख़ुदी, अरमग़ाने हेजाज़ और ज़बूर अजम का नाम लिया जा सकता है।

 

21 अप्रैल सन 1792 में ब्राज़ील के प्रसिद्ध क्रांतिकारी टेराडेन्टेस को मृत्युदंड दिया गया। वह सन 1746 में पैदा हुए थे और बचपन में ही उनके माता पिता का निधन हो गया था। उन्होंने ब्राज़ील की दुखदायी स्थिति और राष्ट्रीय संपत्ति की पुर्तगालियों के हाथ लूट देखी जो उनसे सहन नहीं हुई और उन्होंने साम्राज्यवदियों के खिलाफ संघर्ष के लिए एक गुट बनाया। किंतु पुर्तगालियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उन्हें मौत की सज़ा देने के बाद उनके शरीर के टुकड़े टुकड़े करके ब्राज़ील के विभिन्न नगरों में लटका दिया ताकि अन्य लोग स्वाधीनता का विचार मन से निकाल दें। इस घटना के तीस साल बाद सन 1822 ईसवी में ब्राज़ील को स्वाधीनता मिली और टेराडेन्टेस को राष्ट्रीय नायक का दर्जा मिला।  

 

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2 उरदीबहिश्त सन 1358 हिजरी शम्सी को ईरान की इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक हज़रत इमाम ख़ुमैनी ने इस्लामी क्रान्ति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के गठन का आदेश दिया। इस आदेश के अनुसार सिपाहे पासदारान का दायित्व इस्लामी क्रान्ति के बाहरी और भीतरी शत्रुओं से रक्षा करना है। इस सैन्य बल ने अपने गठन के तुरंत बाद देश के विभिन्न भागों में क्रान्ति विरोधियों की सशस्त्र कार्रवाइयों का मुकाबला किया और शत्रु के षड़यंत्रों का अंत कर दिया।

इसी प्रकार इराक़ द्वारा ईरान पर थोपे गये युद्ध के दौरान सिपाहे पासदारान ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया और अतिक्रमणकारी इराक़ी सेना को पीछे ढकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसी प्रकार इस सैन्य बल ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में अनेकों रचनात्मक काम किए हैं।

 

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27 शाबान सन 490 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के विख्यात विद्वान इब्ने फुनदुक़ का ईरान के बैहक़ नगर में जनम हुआ। उनका पूरा नाम अबुल हसन अली बिन ज़ैद था।

उन्हे साहित्य, गणित, प्राचीन चिकित्सा विज्ञान तथा हदीस जैसे विषयों में दक्षता प्राप्त थी।

उन्होंने अपने काल के विख्यात विद्वानों जैसे हकीम उमर ख़याम आदि से शिक्षा प्राप्त की। तारीख़े बैहक़ी उनकी महत्वपूर्ण फ़ार्सी पुस्तक है। यह पुस्तक इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोतों में समझी जाती है।

इसके अतिरिक्त भी इब्ने फ़ुन्दुक़ ने कई महत्वपुर्ण पुस्तकें लिखीं हैं। सन 565 हिजरी क़मरी में जनका निधन हुआ।