Apr २२, २०१६ ०६:१८ Asia/Kolkata

1870, रूस के मार्क्सवादी विचारक व्लादिमीर लेनिन का जन्म हुआ।

1906, यूनान के एथेंस में 10वें ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई।

1915, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने पहली बार ज़हरीली गैस का इस्तेमाल किया।

1921, नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने इंडियन सिविल सर्विस से त्यागपत्र दिया।

1931, मिस्र और इराक़ ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।

1970, दुनिया में पहली बार पृथ्‍वी दिवस मनाया गया।

1983, अंतरिक्ष यान सोयूज टी-8 पृथ्वी पर लौटा।

1992 मैक्सिको में सीवर गैस विस्फोट में करीब 200 लोगों की मौत हुई।

2004, उत्तरी कोरिया के रिंगचोन में पेट्रोलियम से लदी ट्रेनों की टक्कर हो जाने से 150 से अधिक लोगों की मौत हुई।

2012, लंदन मैराथन के दौरान एक 30 वर्षीय महिला प्रतिभागी की अचानक गिरकर मौत हुई।

 

22 अप्रैल वर्ष 2010 को लंबे समय से इनकार करते आ रहे चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी पर तिब्बत के पास सांग्पो में बांध बनाने की बात स्वीकार कर ली। यारलुंग सांग्पो ब्रह्मपुत्र नदी का तिब्बती नाम है, चीन नदी की धारा को मोड़कर अपने उत्तर-पूर्व या उत्तर पश्चिम में जिनजियांग प्रांत तक जल पहुंचाना चाहता है। भारत के भारी विरोध और दबाव के बाद उसने अपनी योजना को स्थगित कर दिया और 22 अप्रैल को इस नदी पर बांध बनाने की बात स्वीकार कर ली। ब्रिटेन, भारत और तिब्बत ने 1914 में शिमला समझौते के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय सीमा के रूप में मैकमोहन रेखा का निर्धारण किया था। दूसरी ओर चीनी पक्ष मैकमोहन रेखा को अवैध मानता है। भारत और चीन दोनों के मध्य सीमा और जल विवाद बहुत पहले से चला आ रहा है।

 

22 अप्रैल सन 1895 ईसवी को क्यूबा वासियों ने स्पेन के साम्राज्यवाद से छुटकारा पाने के लिए पुन: व्रिदोह किया। 19वीं शताब्दी के दूसरे पचास वर्षों के दौरान क्यूबा वासियों का स्वतंत्रता के लिए यह तीसरा प्रयास था। स्पेन ने क्रान्तिकारियों का मुकाबला करने के लिए अपने तीन लाख सैनिक क्यूबा भेजे। इस अशांति और उहापोह की स्थिति से अमरीका ने लाभ उठाया। सन 1898 ईसवी में क्यूबा के तट के निकट अपने एक युद्धपोत में विस्फ़ोट के बहाने वह स्पेन के विरुद्ध युद्ध में कूद पड़ा और स्पेन के जहाज़ों को नष्ट करके क्यूबा पर अपना अधिकार जमा लिया इस प्रकार से क्यूबा एक साम्राज्यवादी शक्ति के हाथ से दूसरी साम्राज्यवादी शक्ति के हाथ में चला गया। जिसके बाद क्यूबा की जनता ने अमरीका के विरुद्ध अपने आंदोलन को संगठिन करना आरंभ किया।

 

22 अप्रैल सन 1904 ईसवी को अमरीका के भौतिक शास्त्री और परमाणु बम बनाने वाले वैज्ञानिक रॉबर्ट ओपेन हाइमर का जन्म हुआ। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध से पहले अणु को तोड़ कर उसके भीतर की अपार शक्ति को स्वतंत्र करने के बारे में गहन अध्ययन किया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्हें अमरीका के युद्ध मंत्रालय के अनुसंधान केंद्र का प्रमुख बना दिया गया। और उनके निरीक्षण में पहले तीन परमाणु बम बनाए गये। सन 1945 में जब अमरीका ने जापान के नगरों पर परमाणु बम गिराकर लाखों लोगों को मौत की नींद सुला दिया तो ओपेनहाइमर को बड़ा दुख हुआ। और उन्होंने परमाणु उर्जा को शांतिपूर्ण उददेश्यों के लिए प्रयोग किए जाने का अनुरोध किया।

 

22 अप्रैल सन 1948 ईसवी को अवैध इस्राईल के गठन के दौरान ज़ायोनियों ने पश्चिमोत्तरी फ़िलिस्तीन के तटवर्ती नगर हैफ़ा पर आक्रमण किया जिसमें 500 फ़िलिस्तीनी शहीद और 200 घायल हो गये। इस आक्रमण से भय भीत फ़िलिस्तीनी बच्चे और महिलाएं बंदरगाह के क्षेत्र में भाग गए किंतु ज़ायोनियों ने उन पर भी आक्रमण किया और 100 अन्य निर्दोष फ़िलिस्तीनियों को मौत के घाट उतार दिया। यह सारी अमानवीय कार्यवाहियां मई सन 1948 में अवैध ज़ायोनी शासन के गठन की घोषणा के लिए भूमिका तैयार करने के लिए की गई थीं।

 

22 अप्रैल सन 1961 ईसवी को अलजीरिया की राजधानी में फ़्रांस की विशेष सेना ने कम से कम 1200 लोगों की हत्या का दी।

अलजीरिया में फ़्रांसीसी साम्राज्यवाद के विरोध में निरंतर संघर्ष को देखते हुए फ़्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल डोगाल ने अलजीरिया को स्वायतता देने पर सहमति व्यक्त की।

किंतु अलजीरिया के लोग जो स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे थे अपने संघर्ष में लगे रहे। फ़्रांस के राष्ट्रपति के उक्त कदम पर अलजीरिया में तैनात कुछ फ़्रांसीसी सेना कमांडरों ने आपत्ति जताई और उन्होंने जनवरी सन 1961 में एक विशेष सेना बना ली। इस सेना ने अलजीरिया में बहुत बड़े बड़े अपराध किए। किंतु बाद में इस सेना के कमांडर पकड़े गये और इसका अंत हो गया।

 

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3 उर्दीबहिश्त 1363 हिजरी शम्सी को फ़ार्स खाड़ी में ईरान के विरुद्ध इराक़ की बास सरकार ने तेल टैंकरों का युद्ध आरंभ किया। ईरान पर इराक़ की ओर से थोपे गए 8 वर्षीय युद्ध को चार साल बीत जाने के बाद इराक़ ने बड़ी शक्तियों की मदद से ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से ईरान का तेल निर्यात बंद कर देने का प्रयास किया। इराक़ ने क्षेत्र के अन्य देशों को तैयार कर लिया था कि वह विश्व मंडियों में ईरान के तेल की कमी को पूरा  कर दें ताकि ईरान के तेल प्रतिष्ठानों पर इराक़ के हमल से विश्व मंडियों में तेल की क़ीमत न बढ़े। इराक़ियों ने फ़्रांस निर्मित सुपर स्टैंडर्ड विमानों से ख़ार्क द्वीप पर हमला कर दिया और आज के दिन ईरान के तेल टैंकर को निशाना बनाया। इराक़ी अधिकारियों ने इस हमले के बारे में यह तर्क दिया कि इस तरह युद्ध समाप्त हो जाएगा क्योंकि जब ईरान के पास तेल की आमदनी नहीं रहेगी तो वह ब्लैक मार्किट से हथियार नहीं ख़रीद पाएगा। जब ईरान ने जवाबी कार्यवाही शुरू की तो ईरान पर आपत्ति की जाने लगी और सुरक्षा परिषद ने ईरान के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किया।

 

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28 शाबान सन 630 हिजरी क़मरी को इस्लामी जगत के विख्यात इतिहासकर और धर्मगुरु इब्ने हाजिब का निधन हुआ। वे सन 593 हिजरी क़मरी में दमिश्क़ में जन्मे थे। उन्होंने ज्ञान प्राप्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों की यात्राएं की। उन्होंने कई लाभप्रद पुस्तके लिखीं हैं।