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क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-766
Feb २३, २०२० १३:०७क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-766
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क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-765
Feb २३, २०२० १३:००क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-765
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क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-764
Feb २३, २०२० १२:४९क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-764
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क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-763
Feb २३, २०२० १२:२८क़ुरआन ईश्वरीय चमत्कार-763
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नया सवेराः फ़ातेमा ग्रैहम कहती हैं इस्लाम का अध्ययन करके मैं कलमा पढ़कर मुसलमान हो गई!
Feb १५, २०२० १५:२४फ़ातेमा ग्रैहम का जन्म ब्रिटेन में हुआ। उनके पति भी अब मुसलमान हो चुके हैं और दोनो स्काटलैण्ड में जीवन गुज़ार रहे हैं। यह दोनो वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। फ़ातेमा ग्रैहम का जन्म कैथोलिक इसाई परिवार में हुआ था।
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क़ुरआनी क़िस्सेः ईश्वर का आदेश आया और मुसलमान बैतुल मुक़द्दस के स्थान पर काबे की ओर मुंह करके नमाज़ पढ़ने लगे
Feb १३, २०२० १४:५७मुसलमान प्रतिदिन पांच बार नमाज़ पढ़ते हैं। दुनिया भर के मुसलमान काबे की ओर मुंह करके नमाज़ पढ़ते हैं जो पवित्र नगर मक्के में है। संसार में जितनी भी मस्जिदें पाई जाती हैं उन सबका रुख़ काबे की ओर होता है।
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क़ुरआनी क़िस्सेः हज़रत इब्राहीम अपनी पत्नी और बेटे को काबे के पास निर्जन स्थान पर छोड़कर चले गए!
Feb १२, २०२० १६:४०सूरे बक़रा की आयत संख्या 158 के नाज़िल होने की दास्तान बहुत दिलचस्प और पाठदायक है। इस आयत में सफा और मरवा का उल्लेख है।
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क़ुरआनी क़िस्सेः इस्लाम के जियालों के भीतर शहादत की भावना बहुत अधिक थी जो उनके चेहरों से देखी जा सकती थी..
Feb १०, २०२० १३:०७इससे पहले की पोस्ट में हमने बताया था कि जब पैग़म्बरे इस्लाम को यह सूचना मिली कि एक बड़ी सेना ने मदीने की ओर कूच किया है तो उन्होंने अंसार के सभी गुटों को एकत्रित करके उनसे युद्ध में भाग लेने के बारे में पूछा।
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नया सवेराः अमरीकी महिला Emily Creek कहती हैं मुसलमान होने के बाद मुझको यह बात समझ में आई कि वास्तविक शांति, ईश्वर की निकटता में है और सांसारिक खुशी क्षणिक होती है
Feb ०८, २०२० १४:५८एक ताज़ा अमरीकी मुसलमान महिला Emily Creek एमिली क्रीक का कहना है कि निश्चित रूप से परिपूर्ण होने के लिए लंबा रास्ता तै करना पड़ता है।
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क़ुरआनी क़िस्सेः सूरे बक़रा की आयत संख्या 89 और 90 क्यों नाज़िल हुई, इसके पीछे क्या घटना है?
Feb ०६, २०२० १५:१५सूरे बक़रा पवित्र क़ुरआन का दूसरा सूरा है। यह क़ुरआन का सबसे बड़ा सूरा है। सूरे बक़रा में कई विषयों के बारे में चर्चा की गई है। इसकी आयत संख्या 89 व 90 का अनुवाद इस प्रकार हैः