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क़ुरआन की समीक्षा-656
Feb २८, २०१७ १०:५३इससे पहले बताया गया कि हज़रत सालेह अलैहिस्सलाम समूद जाति के मार्गदर्शन के लिए भेजे गए थे और उन्होंने अन्य पैग़म्बरों की भांति उन लोगों को ईश्वर की अवज्ञा न करने और अपना अनुसरण करने का निमंत्रण दिया किंतु वे लोग माया मोह में ग्रस्त और ऐश्वर्य एवं आंतरिक इच्छाओं की पूर्ति में लीन थे अतः उनकी बात मानने के लिए तैयार न हुए।
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ईश्वरीय वाणी-११२
Nov २२, २०१६ १३:५५नस्र सूरा पवित्र क़ुरआन का 110वां सूरा है।
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ईश्वरीय वाणी-१११
Nov ०९, २०१६ ११:३२सूरए कौसर क़ुरआने मजीद का एक सौ आठवां सूरा है जो पैग़म्बर पर मक्के में नाज़िल हुआ और इसमें तीन आयतें हैं।
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ईश्वरीय वाणी-११०
Nov ०९, २०१६ ११:२७सूरए क़ुरैश क़ुरआने मजीद का एक सौ छठा सूरा है जो मदीने में नाज़िल हुआ और इसमें चार आयतें हैं।
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ईश्वरीय वाणी-१०९
Oct १७, २०१६ ११:३३सूरे होमज़ह पवित्र क़ुरआन का 104वां सूरा है और यह मक्के में नाज़िल हुआ था और इसमें नौ आयते हैं।
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ईश्वरीय वाणी-१०८
Oct १७, २०१६ ११:१८सूरए तकासुर क़ुरान का 102वां सूरा है। यह सूरा मक्के में नाज़िल हुआ और इसमें 8 आयते हैं।
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ईश्वरीय वाणी-१०३
Sep १४, २०१६ ०९:४९सूरए लैल क़ुरआने मजीद का 92वां सूरा है जो हिजरत से पहले मक्का में उतरा।
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ईश्वरीय वाणी-८९
Jun १२, २०१६ ११:१३सूरए नूह मक्के में नाज़िल हुआ और इसकी आयतों की संख्या 28 है।
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ईश्वरीय वाणी-९०
Jun १२, २०१६ ११:३६सूरए जिन मक्के में नाज़िल हुआ और इसमें 28 आयतें हैं।
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पवित्र रमज़ान पर विशेष कार्यक्रम-२
Jun ०८, २०१६ ११:५९कुरआने मजीद की एक आयत में कहा गया है कि यह रमज़ान का महीना है कि जिस में लोगों का मार्गदर्शन करने वाला और सत्य व असत्य के मध्य अंतर प्रकट करने वाला कुरआन उतारा गया।