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ईरान की इस्लामी व्यवस्था और नेतृत्व पुरी इस्लामी दुनिया के लिए आदर्शः मौलाना कल्बे जवाद
Feb १२, २०२१ ०९:३३ईरान की इस्लामी क्रांति की कामयाबी की 42वीं वर्षगांठ के अवसर पर मजलिसे ओलमाए हिन्द के महासचिव इमामे जुमा लखनऊ मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने सभी मुसलमानों और ख़ास कर ईरानी राष्ट्र को बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं।
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भारत सरकार की ईरान को बधाई
Feb १०, २०२१ १८:०८भारत सरकार ने, इस्लामी क्रान्ति की सफलता की 42वीं सालगिरह पर इस्लामी गणतंत्र ईरान की जनता व सरकार को बधाई दी।
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विशेष कार्यक्रमः इस्लामी क्रांति की सफलता की 42वीं वर्षगांठ, एक बड़ा अहम और निर्णायक दिन
Feb ०९, २०२१ १६:११22 बहमन वर्ष 1387 हिजरी शमसी बराबर 11 फ़रवरी सन 1979 संसार की घटनाओं के इतिहास के कैलेंडर का एक बड़ा अहम और निर्णायक दिन है। इसी दिन संघर्षकर्ता धर्मगुरू इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में ईरान की इस्लामी क्रांति सफल हुई थी।
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ईश्वरीय धर्मों की एकजुटता का आदर्श है ईरानः ईसाई धर्मगुरू
Feb ०५, २०२१ १३:५९आर्च बिशप मारनेरसाई ने कहा है कि स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी (र.ह) के विचार, धर्मों के बीच एकता का कारण बने हैं।
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वीडियो रिपोर्टः इराक़ी जनता का इमाम ख़ुमैनी (र.ह) और इस्लामी क्रांति से ऐसा मज़बूत रिश्ता जिसको युद्ध भी कमज़ोर न कर पाया
Feb ०४, २०२१ १६:०९आज इराक के विभिन्न प्रांतों के कबायली सरदार व नेता बगदाद में जमा हुए हैं ताकि ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की 42वीं वर्षगांठ के अवसर पर इराक में 14 वर्षों तक स्वर्गीय इमाम खुमैनी की उपस्थिति की यादों को ताज़ा करें। इराक के पवित्र नगर नजफ में स्वर्गीय इमाम खुमैनी की उपस्थिति से इराकी जनता के साथ उनके संबंध और घनिष्ठ हो गये थे और इराकी लोग अपने देश में स्वर्गीय इमाम खुमैनी की उपस्थिति को कदापि नहीं भुलेंगे। ईरान और इराक के संबंध मित्रतापूर्ण और घनिष्ठ हैं और दुश्मनों ने इन संबंधों को ...
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इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता पहुंचे, इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के रौज़े पर, महाक्रांति के महानायक को दी श्रृद्धांजलि
Jan ३१, २०२१ १०:०४इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने, इस्लामी क्रान्ति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह को श्रृद्धांजलि दी।
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विशेष कार्यक्रम स्वतंत्रता प्रभातः ख़ुमैनी नामक सूरज का जब ईरान की ज़मीन पर हुआ उदय, पूरे ईरान में एक नया जोश और उत्साह था
Jan ३१, २०२१ १४:२७यह ईरानी कैलेंडर के सन 1357 हिजरी शम्सी के ग्यारहवें महीने बहमन की बारहवीं तारीख़ की बात है जब 2 फ़रवरी 1979 का दिन था और पूरे ईरान में एक नया जोश और उत्साह था। वर्षों के निर्वासन और देश निकाले के बाद इमाम ख़ुमैनी पूरे सम्मान और गौरव के साथ स्वदेश वापस लौट रहे थे। उनके हज़ारों चाहने वाले तेहरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपने लोकप्रिय नेता का स्वागत करने के लिए पहुंचे थे। लोगों के जज़्बात क्या थे यह एक गीत ने बड़ी ख़ूबसूरी से बयान किया।
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आज आधुनिक ईरान के इतिहास का बहुत अहम दिन, स्वतंत्रता प्रभात
Jan ३१, २०२१ ०८:०२आज इस्लामी गणतंत्र ईरान के आधुनिक इतिहास का बहुत अहम दिन है जिसे ईरान में स्वतंत्रता प्रभात कहा जाता है।
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वीडियो रिपोर्टः इमाम ख़ुमैनी (र.ह) की किन बातों को फ्रांस के लोग कभी नहीं भूल सकते? इस वर्ष यूरोपीय देशों में मौजूद इमाम ख़ुमैनी के चाहने वाले क्यों हैं निराश!
Jan ३०, २०२१ १५:३०42 साल पहले पेरिस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से महान हस्ती ने प्रस्थान किया। उस महान हस्ती ने, जो नोफेल नोशातो नामक छोटे से गांव में रहती थी, दुनिया की एक तानाशाही सरकार का अंत कर दिया। अमेरिकी सरकारों ने हम पर जो सबसे बड़ा अत्याचार किया है वह यह है कि पहलवी शासन श्रंखला को हम पर थोप दिया। एक अत्याचार जो शाह ने हम पर किया है यह है कि शाह ने वे समझौते किये जो ईरानी राष्ट्र के हितों के खिलाफ हैं और हम उन समझौतों को कोई महत्व नहीं देते हैं जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हैं। न केवल नोफ़ेल नोशातो ...
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दुश्मन ईरान की शक्ति से हैरान है, उसके सारे समीकरण बिगड़ गये, दुश्मनों में यह हिम्मत नहीं है कि वह ईरान की ओर मैली नज़र से देख सकें...
Jan ०८, २०२१ ०८:५८इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने क़ुम की जनता को संबोधित करते हुए हालिया कुछ दिनों में होने वाली अहम घटनाओं पर प्रकाश डाला।