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ज़ायोनी बस्तियो में रहने वालों के लिए अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों से बाहर यात्रा एक दुःस्वप्न बन गई है
Aug ०७, २०२५ १६:०३हाल के वर्षों में, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल की निंदा और कानूनी कार्रवाईयों में वृद्धि के कारण ज़ायोनी बस्तियों में रहने वालों के लिए इस्राइल से बाहर की यात्रा करना एक जोखिम भरा काम व अनुभव बन गया है।
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इज़राइल के प्रति अमेरिकियों के समर्थन में अभूतपूर्व कमी: कारण और परिणाम
Aug ०७, २०२५ १४:४१पार्सटुडे - दशकों से अमेरिकी विदेश नीति के मूल स्तंभ के रूप में, राजनीतिक, ऐतिहासिक और सामरिक कारकों के चलते इज़राइल को अमेरिका का सबसे क़रीबी सहयोगी माना जाता रहा है।
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समाचार/ इराक़ची: अमेरिकियों को समझ आ गया है कि सैन्य विकल्प कारगर नहीं है / स्लोवेनिया द्वारा इज़राइली सामानों पर प्रतिबंध
Aug ०७, २०२५ १४:२६पार्सटुडे: ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता की संभावना पूरी तरह से ईरान के हितों पर निर्भर करती है।
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ईरान ने जंगी विमानों और मिसाइलों की जंग जीत ली, इज़राइल के साथ 12 दिन के युद्ध का अनकहा सच
Aug ०७, २०२५ १२:४६पार्सटुडे - इतालवी लेखक और प्रतिष्ठित "बैंकारेला पुरस्कार" विजेता एलेसेंड्रो ओर्सिनी ने अपनी पुस्तक "ईरान-इज़रायल युद्ध: एक विश्लेषण" में 12 दिनों तक चले इस संघर्ष का गहन अध्ययन करते हुए दावा किया है कि पश्चिमी मीडिया के दावों के विपरीत, ईरान ने मिसाइल और हवाई युद्ध में रणनीतिक बढ़त हासिल कर इज़राइल को हार के कगार पर पहुँचा दिया था। केवल अमेरिका के सीधे हस्तक्षेप ने तेल अवीव को पूरी तरह ध्वस्त होने से बचाया।
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दस घटनाएं, दस तस्वीरें / हिरोशिमा परमाणु बम हमले के पीड़ितों की स्मृति से लेकर किर्गिज़स्तान के पारंपरिक शिकार उत्सव तक
Aug ०६, २०२५ १३:४०पार्स टुडे के इस लेख में, हम विश्व मीडिया के नज़रिए से 10 महत्वपूर्ण घटनाओं पर एक नज़र डाल रहे हैं।
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ग़ज़ा नरसंहार में अमेरिका की कितनी भूमिका है?
Aug ०५, २०२५ १५:३०ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने एक विस्तृत विश्लेषण में पर्दा फ़ाश किया है कि "अमेरिका के बिना शर्त समर्थन के बिना, इज़राइल ग़ज़ा की जनता को भूखा नहीं मार सकता था, उनके बुनियादी ढांचे को नष्ट नहीं कर सकता था और इस व्यवस्थित नरसंहार को जारी नहीं रख सकता था।
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दुनियाभर में इज़राइल विरोधी प्रदर्शनों का तूफान: सिडनी से एथेंस तक, ग़ज़ा के साथ एकजुटता
Aug ०५, २०२५ १३:५८पार्सटुडे - ऑस्ट्रेलिया की विदेशमंत्री पेनी वोंग ने एक बयान जारी कर ग़ज़ा में मानवीय सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की मांग की और फिलिस्तीनी लोगों के दर्द को तुरंत खत्म करने की अपील की। यह बयान ठीक उसी समय आया जब ऑस्ट्रेलिया के 1 लाख से अधिक लोगों ने ग़ज़ा की जनता के समर्थन में विशाल प्रदर्शन किया।
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इज़राइली सेना बुरी तरह कमज़ोर हुई है
Aug ०४, २०२५ १३:२९पार्स टुडी - जायोनी अखबार 'मआरीव' ने इज़राइली सेना की फौजी ताक़त के कमज़ोर होने की बात स्वीकार की है।
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ग़ाज़ा से इस्लाम तक: एक अमेरिकी कार्यकर्ता जिसने इज़राइल के अत्याचार देखकर इस्लाम अपना लिया
Aug ०४, २०२५ ११:०७पार्सटुडे - फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध से प्रभावित होकर एक अमेरिकी कार्यकर्ता ने इस्लाम धर्म अपना लिया।
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नेतन्याहू सरकार की युद्धनीति ने मक़बूज़ा इलाक़ों की जनसंख्या पर क्या प्रभाव डाला है?
Aug ०३, २०२५ १४:१८पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार: ज़ायोनी शासन द्वारा बार-बार छेड़े गए युद्धों, विशेष रूप से ईरान के विरुद्ध 12 दिवसीय युद्ध ने (जिसमें ईरान ने मिसाइल प्रहारों से मुंहतोड़ जवाब दिया) अवैध अधिकृत मक़बूज़ा क्षेत्रों की जनसांख्यिकी पर गंभीर प्रभाव छोड़ा है।