आरएसएस की बड़ी इफ़्तार पार्टी जबकि कांग्रेस तोड़ सकती है पंरपरा
पवित्र रमज़ान महीने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मुसलमानों को इफ़्तार पर बुलाने का इरादा किया है।
भारतीय समाचार सूत्रों से प्राप्त ख़बरों के मुताबिक़ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अल्पसंख्यक मोर्चे के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने 2 जुलाई को एक बड़ी इफ़्तार पार्टी आयोजित करने का फ़ैसला किया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी इफ़्तार पार्टी में पाकिस्तान जैसे मुस्लिम राष्ट्रों समेत कई देशों के राजदूतों को निमंत्रण दिया है। आरएसएस के नेताओं का कहना है कि इस इफ़्तार पार्टी का उद्देश्य पूरे विश्व में एकता और सौहार्द का संदेश फैलाना है और साथ ही भारत को ‘दंगा-मुक्त’ देश बनाना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मानना है कि इस वर्ष आरएसएस की इफ़्तार पार्टी काफ़ी बड़े स्तर की होगी।
साथ ही आरएसएस ने अपने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सदस्यों को देशभर में छोटी-छोटी इफ़्तार पार्टियां आयोजित करने का आदेश दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि इफ़्तार पार्टियों का उद्देश्य दुनिया को भारतीय संस्कृति के बारे में बताना और सभी समुदायों के लोगों को शांति और सौहार्द के साथ रहने में मदद करना है।
उन्होंने कहा कि भारत, मुस्लिम जगत के लिए उम्मीद और शांति की एक किरण है।
दूसरी ओर भारत की विपक्षी पार्टी कांग्रेस हर साल रमज़ान के दौरान इफ़्तार पार्टी की अपनी पंरपंरा को तोड़ रही है। भारतीय समाचार सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस साल इफ़्तार की पार्टी नहीं देगी और उसके स्थान पर वह आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के बीच राशन बांटेगी। राशन कब बांटा जाएगा, अभी यह तय नहीं हुआ है, लेकिन ज़ोर उपनगरीय इलाकों पर रहेगा।
उल्लेखनीय है कि हर साल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से इफ़्तार की दावत दी जाती रही है, जिसमें उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मेज़बान होते हैं। इसमें तमाम नेताओं समेत कई हस्तियों और पत्रकारों को बुलाया जाता रहा है। इसके माध्यम से कांग्रेस अपनी सेक्यूलर छवि को पेश करती रही है। (RZ)