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ईरान की इस्लामी क्रांति की शानदार सफलता की वर्षगांठ के कार्यक्रम दुनिया के अनेक देशों, क्षेत्रों और शहरों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाई गई।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १२, २०२३ १४:१७ Asia/Kolkata

ईरान की इस्लामी क्रांति की शानदार सफलता की वर्षगांठ के कार्यक्रम दुनिया के अनेक देशों, क्षेत्रों और शहरों में पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाई गई।

भारत नियंत्रित कश्मीर  के करगिल क्षेत्र के हज़ारों लोगों ने ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ का जश्न मनाते हुए सड़कों पर मार्च किया और अपनी उमंगों और आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह और क्रांति के शहीदों के मार्ग को जारी रखने पर ज़ोर दिया।

उन्होंने इस्लामी क्रांति की सफलता की 44वीं वर्षगांठ का जश्न पिछले वर्षों की तरह अवर्णनीय गौरव के साथ मनाया।

ईरान की इस्लामी क्रांति की सफलता की सालगिरह जिसे "स्वतंत्रता प्रभात" कहा जाता है, हर साल 1 फरवरी से 11 फरवरी तक मनाया जाता है। कई देशों के मुसलमान स्वतंत्रता प्रभात और इस्लामी क्रांति की कामयाबी की सालगिरह ईरानी जनता के साथ ही मनाते हैं।

1979 में इमाम खुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के नेतृत्व में ईरानी जनता ने शाह और पहलवी शाही परिवार को उखाड़ फेंक कर ईरान में अमेरिकी राजनीतिक प्रभाव को व्यावहारिक रूप से समाप्त कर दिया। यह महान और ऐतिहासिक घटना, दुनिया के सभी स्वतंत्रताप्रेमियों के लिए एक आदर्श है जिन्होंने वैश्विक साम्राज्यवाद से एक अथक संघर्ष में प्रवेश किया है, इसीलिए कश्मीरी जनता ने इस्लामी क्रांति के नारों के साथ मार्च निकालकर नरभक्षी अमेरिका के खिलाफ ईरानी जनता के प्रतिरोध का जश्न मनाया।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के विशेषज्ञ मोहसिन रोई सेफत कहते हैं कि कश्मीर सहित भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों का हमेशा इस्लामी क्रांति के प्रति विशेष समर्पण रहा है और वे इसे विभिन्न राजनीतिक और यहां तक ​​कि धार्मिक मामलों में अपना समर्थक मानते हैं और साथ ही उपमहाद्वीप के युवा साम्राज्यवाद से संघर्ष में ईरान की इस्लामी क्रांति पर भरोसा करते हैं।

भारतीय उपमहाद्वीप के अलावा पूर्वी और दक्षिण पूर्वी एशिया में भी इस्लामी क्रांति के प्रेमियों ने भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करके इस्लामी क्रांति की सफलता की सालगिरह मनाई। मलेशिया में होने वाले इस वर्ष के समारोह में पूर्व प्रधान मंत्री और 97 वर्षीय राजनेता डॉ. महातीर मुहम्मद  सांस्कृतिक तथा धार्मिक हस्तियों, कंपनियों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों सहित उच्च रैंकिंग वाले मलेशियाई अधिकारियों ने भाग लिया। राजधानी कुआलालंपुर में रहने वाले ईरानियों के साथ मनाए जाने वाले कार्यक्र में शामिल डॉ. महातीर मोहम्मद ने मलेशिया में आईआरआईबी के पत्रकार से बात करते हुए कहा कि

हमारी आशाएं ईरान से है जो एक स्वतंत्र और स्वाधीन इस्लामी देश के रूप में अपने पैरों पर खड़ा है और तमाम क्रूर प्रतिबंधों के बावजूद प्रगति कर रहा है। (AK)

 

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