राष्ट्रपति रईसी ने सीरिया के बुद्धिजीवियों और धर्मगुुरुओं दिया कामयाबी का मंत्र
इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति ने सीरिया के धर्मगुरुओं से मुलाक़ात में बल दिया कि इस्लामी जगत विशेषकर सीरिया के धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों की ज़िम्मेदारी, क्षेत्रीय जनता पर अमरीका और इस्राईल के जारी अत्याचारों को उजागर करना है।
राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने सीरिया की अपनी यात्रा के दौरान गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में इस देश के धर्मगुरुओं से मुलाक़ात की। राष्ट्रपति ने कहा कि कैंप डेविड, शरमुश्शैख़ और ओस्लो जैसे समझौते जो अन्यायपूर्ण समझौते थे, कभी भी फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के हितों को पूरा न कर सके।

राष्ट्रपति रईसी ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान, तकफ़ीरियों के साथ संघर्ष के दौर में सीरियाई जनता के साथ रहा और इस देश के पुनर्निमाण के काल में भी ईरान का कार्यक्रम में इस देश के साथ आर्थिक, व्यापारिक और सुरक्षा सहयोग है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सीरिया की अखंडता और संप्रभुता, इस देश और सारे इलाक़े की सुरक्षा का कारण है जबकि क्षेत्र के किसी भी हिस्से में अमरीका की उपस्थिति अशांति का कारण बनती है ।

राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि मुसलमानों को फ़िलिस्तीनियों के छीने अधिकारों को लौटाने और बैतुल मुक़द्दस की स्वतंत्रता के लिए अपनी सारी क्षमताओं को प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने सीरिया की यात्रा के दौरान फ़िलिस्तीनी गुटों के कमान्डरों और नेताओं से मुलाक़ात में कहा कि ईरान ने फ़िलिस्तीन के मुद्दे को हमेशा से अपनी विदेश नीति में प्राथमिकता दी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि फ़िलिस्तीन का मुद्दा और बैतुल मुक़द्दस की स्वतंत्रता का मामला आज इस्लामी जगत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। (AK)
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