इस्लामी क्रांति के नेता का शोक संदेश: आयतुल्लाह शुबैरी के निधन पर
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पार्सटुडे – इस्लामी क्रांति के नेता ने एक संदेश जारी करके हज़रत आयतुल्लाह-ए-उज़्मा शुबैरी के निधन पर, जो एक उच्च पदस्थ फ़क़ीह और शिया के प्रथम श्रेणी के शोधकर्ताओं में से थे, संवेदना व्यक्त की है।
(last modified 2026-09-22T14:56:26+00:00 )
Sep २२, २०२६ २०:२३ Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रांति के नेता हज़रत आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनई
    इस्लामी क्रांति के नेता हज़रत आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनई

पार्सटुडे – इस्लामी क्रांति के नेता ने एक संदेश जारी करके हज़रत आयतुल्लाह-ए-उज़्मा शुबैरी के निधन पर, जो एक उच्च पदस्थ फ़क़ीह और शिया के प्रथम श्रेणी के शोधकर्ताओं में से थे, संवेदना व्यक्त की है।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार हज़रत आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनई इस्लामी क्रांति के नेता का संदेश इस प्रकार है:

 

बिस्मिल्लाह अर-रहमान अर-रहीम

 

महान शिक्षक, उच्च पदस्थ फ़क़ीह हज़रत आयतुल्लाह-ए-उज़्मा शुबैरी के निधन की दुःखद ख़बर मिली। इस प्रतिष्ठित विद्वान ने अपने बचपन के कुछ पहले वर्षों के अलावा अपना पूरा मूल्यवान जीवन सीखने, सिखाने और अनुसंधान के मार्ग में बिताया और हमेशा अपने समकालीनों और शिक्षकों द्वारा एक शोधकर्ता और गहन दृष्टि वाले व्यक्ति के रूप में माने जाते थे। धार्मिक नियमों की व्युत्पत्ति से संबंधित विभिन्न विषयों पर उनकी महारत बारीकियों और सूक्ष्मताओं के साथ थी। उन महान व्यक्ति की पाठशालाएँ तब भी जब उपस्थित लोगों की संख्या कुछ लोगों से अधिक नहीं होती थी, अनुसंधान और सूक्ष्मता की सभाओं के रूप में जानी जाती थीं और यह सच था।

 

ईश्वर का शुक्र है कि पिछले तीन दशकों से थोड़ा अधिक समय में, बहुत से लोगों ने यह सौभाग्य प्राप्त किया कि वे उनकी मूल्यवान उपस्थिति से अपनी क्षमता के अनुसार लाभ उठा सकें और अपनी वैज्ञानिक सभाओं और अध्यापन के लिए रसद एकत्र कर सकें। उनकी उपस्थिति लाभ देने और लेने की उपस्थिति थी, तब भी जब वे पाठ के बाद पैदल चलते हुए अपने घर की ओर जाते थे। निर्विवाद वैज्ञानिक प्रतिष्ठा के अलावा छात्रों और विद्वानों के साथ उनका विनम्र और पितृवत व्यवहार भी स्पष्ट और शिक्षाप्रद था।

 

निस्संदेह इस प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की कमी ने वर्तमान युग में शिया के प्रथम श्रेणी के शोधकर्ताओं की पंक्ति में एक अंतराल पैदा किया है जिसकी भरपाई में संभवतः लंबा समय लगेगा। मैं इस दुख को हमारे स्वामी (अल्लाह उनके ज़ुहूर में जल्दी करे) और धार्मिक विद्यालयों व शिक्षाकेन्द्रों तथा विशेष रूप से उनके छात्रों और शुभचिंतकों और ख़ास तौर पर उनके विद्वान-पालक पवित्र परिवार को संवेदना व्यक्त करता हूँ और सर्वोच्च ईश्वर से उस महान व्यक्ति के लिए उच्च पदों की प्रार्थना करता हूँ।

 

सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनई

 

31/शहरीवर/1405