विश्लेषण | अमेरिका: बाहर से शक्तिशाली, भीतर से खोखला
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जेपी मॉर्गन बैंकिंग होल्डिंग
पार्सटुडे – ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने अमेरिका की वास्तविक स्थिति का ज़िक्र करते हुए कहा कि अमेरिका अपने बाहरी रूप के विपरीत भेद्य और ख़तरे के संपर्क में है।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार हाल के दिनों में जेपी मॉर्गन बैंकिंग होल्डिंग ने अपनी साप्ताहिक तेल बाजार पूर्वानुमान रिपोर्ट की शुरुआत एक अप्रत्याशित वाक्य से की: ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार हमारे पास कोई आधारभूत परिदृश्य नहीं है। हम वास्तव में नहीं जानते कि इस स्थिति के अंत को कैसे मॉडल और पूर्वानुमानित किया जाए।
वित्तीय बाजारों के बड़े विश्लेषकों की इस अभूतपूर्व स्थिति पर प्रतिक्रिया में, ईरान की इस्लामी सलाहकार परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ़ ने एक्स नेटवर्क पर अपने व्यक्तिगत पेज पर लिखा कि यह स्थिति बिल्कुल श्रोडिंगर के विरोधाभास जैसी है: अमेरिकी साम्राज्य श्रोडिंगर की उसी अलमारी की तरह है जिसमें गिरती हुई प्लेटें हैं, बाहर से यह अपनी प्रभुत्व और सर्वोच्च शक्ति का प्रदर्शन करता है लेकिन वास्तविकता में यह पूरी तरह भेद्य और खतरे के संपर्क में है और ईरान को बिना किसी परिणाम और कीमत के दबाने की कोशिश कर रहा है जो असंभव है।
क़ालीबाफ़ ने जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों की उस अभूतपूर्व स्थिति का हवाला देते हुए, जिन्होंने ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार घोषणा की कि उनके पास तेल बाजार के पूर्वानुमान के लिए कोई आधारभूत परिदृश्य नहीं है, अमेरिका की स्थिति की तुलना श्रोडिंगर के विरोधाभास से की: एक अलमारी जिसमें बड़ी संख्या में प्लेटें हैं जो स्पष्ट रूप से सुरक्षित हैं लेकिन गिरने और टूटने के गंभीर खतरे में हैं और अलमारी खोलते ही वे सब गिर जाती हैं। उनका मानना है कि यह स्थिति अमेरिका की वर्तमान स्थिति का उदाहरण है, जो बाहर से अपना प्रभुत्व और श्रेष्ठता प्रदर्शित करता है, लेकिन वास्तविकता में अत्यधिक भेद्य और पतन के कगार पर है। यह रूपक चित्र उन वस्तुनिष्ठ और देखने योग्य वास्तविकताओं में निहित है जिन्होंने अमेरिकी शक्ति संरचना को भीतर से क्षीण कर दिया है।
आर्थिक आयाम में आधिकारिक आँकड़े इस क्षरण की गहराई को उजागर करते हैं। सितंबर 2026 में अमेरिका का सकल राष्ट्रीय ऋण 40 ट्रिलियन डॉलर के आँकड़े को पार कर गया और सार्वजनिक ऋण 32.42 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया। संघीय ऋण का सकल घरेलू उत्पाद से अनुपात लगभग 101 प्रतिशत तक पहुँच गया है और अनुमान है कि 2036 तक यह 120 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। अकेले ब्याज भुगतान की लागत संघीय बजट का तीसरा सबसे बड़ा मद बन गई है और केवल 2026 की पहली छमाही में यह 529 अरब डॉलर से अधिक थी।
साथ ही वर्ग अंतर अभूतपूर्व स्तर तक पहुँच गया है: राष्ट्रीय आय में श्रमिकों के वेतन और लाभ का हिस्सा 1950 के दशक के बाद से निम्नतम स्तर पर गिर गया है जबकि कॉर्पोरेट मुनाफ़ा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिका के एक प्रतिशत धनी लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का लगभग 30 प्रतिशत है जबकि समाज के निचले आधे हिस्से को केवल 5 प्रतिशत से थोड़ा अधिक मिलता है। यह आर्थिक स्थिति दिखाती है कि आर्थिक विकास के फल केवल ऊपरी तबकों को मिलते हैं और समाज का मुख्य भाग दिन-ब-दिन संपत्ति से अधिक खाली होता जा रहा है।
सामाजिक और राजनीतिक आयाम में भी क्षरण स्पष्ट है। अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को इस देश के सिविल इंजीनियर्स सोसाइटी के मूल्यांकन के अनुसार केवल C ग्रेड मिला है और स्थिर बिजली तथा हाई-स्पीड संचार नेटवर्क की आपूर्ति में असमर्थता ने उद्योगों की अमेरिका वापसी को भी गंभीर बाधा का सामना कराया है। स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर कम से कम सात राज्यों ने राष्ट्रीय प्रदर्शनी ग्रेट अमेरिका में भाग लेने से इनकार कर दिया और विश्लेषक गहरी ध्रुवीकरण और राजनीतिक संस्थानों में जनता के विश्वास की कमी की बात कर रहे हैं जिसने वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने की वाशिंगटन की क्षमता को कमजोर कर दिया है। ये दरारें दिखाती हैं कि श्रोडिंगर की अलमारी न केवल बाहर से, बल्कि भीतर से भी टूट रही है।
रणनीतिक और सैन्य आयाम में अफगानिस्तान का अनुभव और उसके परिणाम अमेरिकी शक्ति की सीमाओं की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं। बीस साल का युद्ध, जिसमें 2.26 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए गए और 77 हजार से अधिक सैन्यकर्मी मैदान में भेजे गए जिनमें से लगभग 2500 मारे गए लेकिन अंततः तालिबान की सत्ता में वापसी हुई और इसे एक पूर्ण विफलता के रूप में दर्ज किया गया।
अब ईरान के मामले में, जेपी मॉर्गन ने स्वीकार किया है कि उसे यह भी नहीं पता कि अंतिम चरण को कैसे मॉडल किया जाए क्योंकि सभी आर्थिक लाल रेखाएँ, अर्थात तेल का 100 डॉलर से ऊपर जाना पेट्रोल का 5 डॉलर के करीब पहुँचना और ट्रेजरी बॉन्ड की उपज का 5 प्रतिशत से ऊपर जाना, तोड़ दी गई हैं और निकास की रणनीति स्पष्ट नहीं हुई है। ईरान ने अपनी विषम क्षमताओं, मिसाइल, ड्रोन और साइबर क्षेत्रों में, पर निर्भर रहते हुए अमेरिका पर भारी लागतें थोपने में सफलता प्राप्त की है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के नियंत्रण को एक रणनीतिक लीवर के रूप में अपने हाथ में ले लिया है। नव-रूढ़िवादी इतिहासकार रॉबर्ट कागन ने भी स्वीकार किया है कि यह संघर्ष अमेरिकी प्रभुत्व के पतन का संकेत हो सकता है और पिछली विफलताओं के विपरीत, यह अपूरणीय और अनदेखा करने योग्य नहीं है।
इसलिए, श्रोडिंगर की प्लेटों की तस्वीर जो क़ालीबाफ़ ने इस्तेमाल की, अमेरिका की वर्तमान स्थिति के लिए एक स्पष्ट रूपक है: एक ऐसी शक्ति जो बाहर से स्वस्थ और प्रभावी दिखती है लेकिन विशाल ऋण, बढ़ता वर्ग अंतर, जर्जर बुनियादी ढाँचा, राजनीतिक ध्रुवीकरण और क्षेत्र में रणनीतिक गतिरोध ने इसे टूटने के कगार पर खड़ा कर दिया है। जिस प्रकार जेपी मॉर्गन इस स्थिति के अंत का पूर्वानुमान नहीं कर पा रहा उसी प्रकार शक्ति के पारंपरिक मॉडल भी इस विरोधाभास की व्याख्या करने में असमर्थ हैं। जो निश्चित है वह यह है कि ईरान का हाथ इस अलमारी के हैंडल पर है और अमेरिका को ही उस पल की चिंता करनी चाहिए जब दरवाज़ा खुलेगा। mm