बक़ाई: हमलावर झूठ की हर तख़्ती से लटक जाते हैं
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पार्स टुडे- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पिछले सात दशकों में अमेरिका और ज़ायोनी शासन के "झूठे झंडे" (फ़्लैग फ़ॉल्स) अभियानों के इतिहास के बारे में ज़ोर दिया: हमलावर ऐसी स्थिति में जब उनके पास अपनी सैन्य आक्रामकता को सही ठहराने का कोई रास्ता नहीं होता, झूठ की हर तख़्ती से लटक जाते हैं।
(last modified 2026-10-08T07:07:20+00:00 )
Oct ०८, २०२६ १२:३५ Asia/Kolkata
  • इस्माईल बक़ाई, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
    इस्माईल बक़ाई, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

पार्स टुडे- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पिछले सात दशकों में अमेरिका और ज़ायोनी शासन के "झूठे झंडे" (फ़्लैग फ़ॉल्स) अभियानों के इतिहास के बारे में ज़ोर दिया: हमलावर ऐसी स्थिति में जब उनके पास अपनी सैन्य आक्रामकता को सही ठहराने का कोई रास्ता नहीं होता, झूठ की हर तख़्ती से लटक जाते हैं।

पार्स टुडे के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने पिछले ७ दशकों में अमेरिका और सहयूनी शासन के झूठे झंडे के अभियानों के इतिहास के बारे में एक छोटा वीडियो प्रकाशित करते हुए एक संदेश में लिखा: झूठा झंडा एक पुरानी चाल है: पहले दृश्य रचो, फिर इल्ज़ाम की उंगली किसी और की ओर उठाओ और अंत में उसके नतीजों का फ़ायदा उठाओ।

 

उन्होंने आगे कहा: ऐसी स्थिति में जब अमेरिका और दुनिया की जनता ईरान के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी और आक्रामक युद्ध से थक चुकी है और हमलावरों के पास अपनी सैन्य आक्रामकता को सही ठहराने का कोई रास्ता नहीं है, वे "अल-ग़रीक़ यतशब्बसु बि-कुल्लि हशीश" (डूबता हुआ व्यक्ति हर सूखी घास को पकड़ता है) की तरह अपनी नजात के लिए झूठ की हर तख़्ती से लटक जाते हैं। mm