अमरीका, वास्तविकता के इन्कार पर मजबूर हैः जवाद ज़रीफ़
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने ट्वीटर संदेश में कहा कि दुनिया मानती है कि ईरान ने अपन वादों पर अमल किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun ३०, २०१७ १८:४५ Asia/Kolkata
  • अमरीका, वास्तविकता के इन्कार पर मजबूर हैः जवाद ज़रीफ़

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने ट्वीटर संदेश में कहा कि दुनिया मानती है कि ईरान ने अपन वादों पर अमल किया है।

इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ईरान के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की स्थाई प्रतिनिधि निक्की हेली के गुरुवार के निराधार आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वाशिंग्टन, ईरान से घृणा की वजह से वास्तविकता से इन्कार पर मजबूर है।

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की स्थाई प्रतिनिधि निक्की हेली ने सुरक्षा परिषद की एक बैठक में क्षेत्र में वाशिंग्टन की विफलताओं पर पर्दा डालते हुए हस्तक्षेपपूर्ण बयान में ईरान की क्षेत्रीय भूमिका के बारे में निराधार बयान दिए। इसी के साथ इस बैठक में मौजूद सुरक्षा परिषद के बहुत से सदस्यों, जर्मनी और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने परमाणु समझौते के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता की सराहना की और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा जेसीपीओए के समर्थन की मांग की।

विदेशमंत्री ने इसी प्रकार अपने ट्वीटर संदेश में जर्मनी, इटली और फ़्रांस की अपनी यात्राओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि बर्लिन, रोम और पेरिस में इन देशों के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंटवार्ताएं हुईं और अमरीका की अज्ञानता भरी दुश्मनी के बावजूद यूरोपीय संघ, जेसीपीओए और तेहरान के साथ सार्थक सहयोग पर प्रतिबद्ध है।

दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि ईरान जेसीपीओए का पालन कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने ईरान के परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के बारे में सुरक्षा परिषद को पेश की गयी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि परमाणु समझौते के क्रियान्वयन से अब तक ईरान अपने वादों और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सुरक्षा परिषद के डिप्टी सेक्रेट्ररी जनरल जेफ़री फ़िलिट ने गुरुवार को महासचिव की हालिया रिपोर्ट सुरक्षा परिषद में पेश की थी। उन्होंने इस रिपोर्ट में कहा कि ईरान ने परमाणु गतिविधयों में सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के विरुद्ध एेसी कोई कार्यवाही नहीं की और न ही प्रस्ताव से हटकर परमाणु उपकरणों या स्थांतरण का कोई काम किया है। (AK)