ईरान तीसरा क़दम कार्यक्रम के अनुसार उठाएगाः विदेशमंत्री
https://parstoday.ir/hi/news/iran-i78924-ईरान_तीसरा_क़दम_कार्यक्रम_के_अनुसार_उठाएगाः_विदेशमंत्री
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि तेहरान की ओर से परमाणु समझौते के कुछ अनुच्छेदों पर अमल को स्थगित करने का तीसरा चरण, कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा, कहा कि यदि यूरोपीय देश परमाणु समझौते के बारे में अपने वचनों पर अमल नहीं करेंगे तो ईरान तीसरा क़दम उठा लेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०३, २०१९ ०३:५५ Asia/Kolkata
  • ईरान तीसरा क़दम कार्यक्रम के अनुसार उठाएगाः विदेशमंत्री

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि तेहरान की ओर से परमाणु समझौते के कुछ अनुच्छेदों पर अमल को स्थगित करने का तीसरा चरण, कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा, कहा कि यदि यूरोपीय देश परमाणु समझौते के बारे में अपने वचनों पर अमल नहीं करेंगे तो ईरान तीसरा क़दम उठा लेगा।

ईरान के विदेशमंत्री डाक्टर मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने मास्को में रूसी विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस में ईरान के कूटनयिक प्रतिनिधि मंडल के फ़्रांस दौरे में परमाणु समझौते के यूरोपीय पक्षों की ओर से वचनों पर अमल के मार्गों की समीक्षा किए जाने की ओर संकेत करते हुए कहा कि फ़्रांस के राष्ट्रपति अपने अमरीकी साथियों के साथ जो कुछ हर रहे हैं वह फ़्रांसीसी अधिकारियों और यूरोपीय संघ से संबंधित है और जो चीज़ ईरान के लिए महत्वपूर्ण है वह परमाणु समझौते पर यूरोपीय देशों की ओर से अमल है।

उन्होंने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा के बारे में ईरान और रूस का दृष्टिकोण एक दूसरे से निकट है, कहा कि अमरीका फ़ार्स की खाड़ी में अपनी उपस्थिति द्वारा क्षेत्र में तनाव को हवा दे रहा है।

ईरान के विदेशमंत्री ने सीरिया में तुलनात्मक सुरक्षा की स्थापना के लिए रूस और तुर्की के साथ मिलकर तेहरान के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीरिया में अमरीका की उपस्थिति ग़ैर क़ानूनी, विध्वंसक और सीरिया की संप्रभुता के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि सीरिया में अमरीका की इस ग़ैर क़ानूनी उपस्थिति से आगे चलकर सीरिया में जातीय और धार्मिक मतभेद होंगे।

रूसी विदेशमंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने भी इस प्रेस कांफ़्रेंस में कहा कि ईरान ने परमाणु समझौते से संबंधित अपने कुछ वचनों पर अमल को जो रोका है वह अमरीका की अकारण नीतियों का परिणाम है।

उनका कहना था कि अमरीकी अधिकारी परमाणु समझौते से निकलने के बाद भी दावा कर रहे हैं कि ईरान को चाहिए कि वह इस समझौते पर अमल करे जबकि रूस इस चीज़ को सही नहीं समझता। (AK)