-
ग़ज़्ज़ा में जातीय सफाया अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की अक्षमता हैः रईसी
Feb ०८, २०२४ १७:०८ईरान के राष्ट्रपति ने ग़ज़्ज़ा में जारी जातीय सफाए को अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की अक्षमता का संकेत बताया है।
-
ग़ज़ा में जातीय सफ़ाए का ज़िम्मेदार अमरीका
Feb ०८, २०२४ १६:५३पश्चिमी ताक़तें विशेष रूप से अमरीका ज़ायोनी शासन की हर ज़रूरी मदद करके व्यवहारिक रूप से ग़ज़ा की जंग रोके जाने और फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार का सिलसिला रुकवाने में रुकावट बन रहा है।
-
ग़ज़्ज़ा में जातीय सफाए पर फिर चिंतित हुए गुटेरस
Feb ०८, २०२४ १४:३९सात अक्तूबर से गज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनियों की अमानवीय कार्यवाहियां जारी हैं।
-
हमास का वार, इस्राईली ड्रोन का शिकार
Feb ०६, २०२४ ०६:५४फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास की सैन्य शाखा इज़्ज़ुद्दीन अल-क़स्साम ब्रिगेड इस्राईल के एक और जासूसी ड्रोन का शिकार करने में सफल रहा है।
-
फ़िलिस्तीन का समर्थन, इस्राईल पर हिज़्बुल्लाह का मीज़ाइल हमला
Feb ०६, २०२४ ०६:५१समाचार सूत्रों ने ज़ायोनी शासन के ठिकानों पर हिज़्बुल्लाह के रॉकेट और मीज़ाइल हमलों की सूचना दी।
-
इस्राईल और मिस्र के संबंधों में खटास, इस्राईली अधिकारियों की चिंता बढ़ी
Feb ०६, २०२४ ०६:४८इस्राईली मीडिया का कहना है कि मिस्र ने संबंधों को सामान्य बनाने के समझौते को ख़त्म करने की धमकी दी है।
-
हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल की ईंट से ईंट बजा दी, अब तक 961 आप्रेशन, जारी किया ब्योरा
Feb ०६, २०२४ ०६:४६ग़ज़्ज़ा युद्ध की शुरुआत के बाद से हिज़्बुल्लाह ने 961 ऑपरेशनों के दौरान मिसाइलों और ड्रोन विमानों से इस्राईली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
-
ग़ज़्ज़ा में युद्ध विराम के लिए अमरीकी छात्रों की भूख हड़ताल
Feb ०६, २०२४ ०६:३७अमेरिका में ब्राउन यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम के लिए भूख हड़ताल शुरू कर दी।
-
यमन की सैन्य शक्ति को कोई ख़त्म नहीं कर सकताः अंसारुल्लाह
Feb ०५, २०२४ १०:०४यमन के लोकप्रिय जनांदोलन अंसारुल्लाह के प्रवक्ता ने यह स्पष्ट किया है कि यमन की सैन्य शक्ति को कभी ख़त्म नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह शक्ति लंबे युद्ध और संघर्ष के बाद हासिल की गयी है।
-
अंतर्राष्ट्रीय न्यायलय के आदेश के बाद आतंकी इस्राईल ने 900 फ़िलिस्तीनियों को किया शहीद
Feb ०५, २०२४ ०९:५९अमेरिकी पत्रिका "द इंटरसेप्ट" में प्रकाशित एक लेख में यह रिपोर्ट दी गई है कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फ़ैसले के बावजूद ज़ायोनी शासन फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार नहीं रोक रहा है।