Pars Today

Hindi
  • होम
  • रेडियो
  • Albanian shqip
  • Armenian Հայերեն
  • Assyrian ܐܬܘܪ̈ܝܐ
  • Azeri Azəri
  • Bangla বাংলা
  • Chinese 中文
  • Dari دری
  • English English
  • French français
  • German Deutsch
  • Hausa Hausa
  • Hebrew עברית
  • Hindi हिन्दी
  • Indonesian Bahasa Indonesia
  • Italian Italiano
  • Japanese 日本語
  • Kazakh қазақ тілі
  • Kiswahili Kiswahili
  • Pashto پښتو
  • Persian فارسی
  • Russian Русский
  • Spanish Español
  • Tajik Тоҷик
  • Taleshi Tolışə
  • Turkish Türkçe
  • Turkmen Türkmen
  • Uzbek узбек
  • विश्व
  • पश्चिमी एशिया
  • ईरान
  • धर्म
  • पार्स पीडिया
  • डिस-इन्फ़ो

यूनीसेफ़

  • यूनिसेफ: इज़राइल फ़िलिस्तीनी बच्चों की शिक्षा में बाधा डाल रहा है

    यूनिसेफ: इज़राइल फ़िलिस्तीनी बच्चों की शिक्षा में बाधा डाल रहा है

    Aug १२, २०२६ १२:०८

    पार्सटुडे – संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की कार्यकारी उप निदेशक ने सियोनी शासन द्वारा वेस्ट बैंक के निवासियों के लिए पैदा की गई कठिन परिस्थितियों की आलोचना करते हुए कहा: "इज़राइल, वेस्ट बैंक में ८,००० फ़िलिस्तीनी बच्चों की शिक्षा में बाधा डाल रहा है।"

  • ग़ज़्ज़ा में शहीद होने वाले बच्चों की डरावनी संख्या का हुआ एलान, साम्राज्यवाद का पागलपन

    ग़ज़्ज़ा में शहीद होने वाले बच्चों की डरावनी संख्या का हुआ एलान, साम्राज्यवाद का पागलपन

    Apr १८, २०२४ १४:२४

    पार्सटुडेः संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़ी संस्था यूनिसेफ ने अपनी एक रिपोर्ट के ज़रिए यह एलान किया है कि ज़ायोनी शासन ने ग़ज़्ज़ा युद्ध के शुरू से अब तक कम से कम 13,800 बच्चों को शहीद किया है।

  • एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते ग़ज़्ज़ा के मासूम बच्चे, यूनीसेफ़ ने दे डाली चेतावनी!

    एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते ग़ज़्ज़ा के मासूम बच्चे, यूनीसेफ़ ने दे डाली चेतावनी!

    Dec २१, २०२३ ०५:०९

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लगातार हो रही बैठक के तीसरे दिन संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने चेतावनी दी है कि सुरक्षित जल के बिना, बड़ी संख्या में ग़ज्ज़ा में मासूम बच्चों पर प्यास और विभिन्न बीमारियों से मौत का ख़तरा गंभीरता के साथ मंडरा रहा है।

  • ग़ज़्ज़ा में महिलाओं और बच्चों की स्थिति देखक यूएन एजेंसियों की फिर निकली चीख़, अपने बच्चों की जीवित रखने के लिए माएं रह रही हैं भूखी!

    ग़ज़्ज़ा में महिलाओं और बच्चों की स्थिति देखक यूएन एजेंसियों की फिर निकली चीख़, अपने बच्चों की जीवित रखने के लिए माएं रह रही हैं भूखी!

    Nov २३, २०२३ ०८:३८

    संयुक्त राष्ट्र की तीन एजेंसियों की प्रमुखों ने, फ़िलिस्तीनी क्षेत्र ग़ज़्ज़ा में, महिलाओं और लड़कियों द्वारा भुगती जा रही ग़ैर-आनुपातिक तकलीफ़ों को बुधवार को सुरक्षा परिषद में रेखांकित किया है। उन्होंने बेहद कमज़ोर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, एक सामूहिक कार्यावही किए जाने और युद्ध की चपेट में आईं महिलाओं और लड़कियों के लिए दीर्घकालीन शान्ति के लिए प्रतिबद्धता का आग्रह भी किया है।

  • आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?

    आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?

    Nov १५, २०२३ १२:३२

    इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।

  • हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे, अमेरिका के कारण गिरती संयुक्त राष्ट्र संघ की साख!

    हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे, अमेरिका के कारण गिरती संयुक्त राष्ट्र संघ की साख!

    Nov १३, २०२३ १५:२९

    जिस प्रकार ग़ज़्ज़ा में अवैध इस्राईली शासन द्वारा अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के समर्थन से सभी मानवाधिकारों और राष्ट्र संघ के प्रस्तावों को पैरों तले रौंदा जा रहा है उसको देखते हुए अब यह कहा जाने लगा है कि अमेरिका की मनमानी और उसकी वर्चस्ववादी नीतियों के कारण जिस प्रकार उसका पतन हो रहा है उसी तरह संयुक्त राष्ट्र संघ पर अमेरिका के लगातार बढ़ते प्रभाव की वजह से इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था की साख मिट्टी में मिलती जा रही है।

  • ग़ज़्ज़ा में शर्मसार होती इंसानियत को देखकर यूएन मानवीय राहत एजेंसियों की निकली चीख़, ‘बस, अब बहुत हो चुका’

    ग़ज़्ज़ा में शर्मसार होती इंसानियत को देखकर यूएन मानवीय राहत एजेंसियों की निकली चीख़, ‘बस, अब बहुत हो चुका’

    Nov ०७, २०२३ ११:०५

    संयुक्त राष्ट्र की 10 से अधिक एजेंसियों ने इस्राईल द्वारा ग़ज़्ज़ा पर किए जाने वाले पाश्विक हमलों के दूसरे महीने में प्रवेश करने से ठीक पहले, ग़ाज़ा में तत्काल मानवतावादी युद्धविराम लागू करने की अपील दोहराई है, ताकि ज़रूरतमन्दों तक जीवनरक्षक सहायता पहुंचाई जा सके।

  • जर्मनी ने ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम का किया विरोध

    जर्मनी ने ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम का किया विरोध

    Oct १४, २०२३ ०९:४६

    ग़ज़्ज़ा मेंं फ़िलिस्तीनी बच्चों की सुरक्षा के यूनीसेफ के प्रस्ताव को जर्मनी ने ठुकरा दिया है।

  • अफ़ग़ानिस्तान को गंभीर संकट का सामना, हज़ारों लोगों के मरने का डर

    अफ़ग़ानिस्तान को गंभीर संकट का सामना, हज़ारों लोगों के मरने का डर

    Jul २९, २०२३ १४:५३

    पिछले कुछ महीनों से अफ़ग़ानिस्तान से एसी ख़बरे आ रही हैं जो यह बताती है कि इस देश को वर्तमान समय में किसी गंभीर मानवीय संकट का सामना है।

  • पिछले दो महीने में यमन में 47 बच्चे या तो मारे गए हैं या फिर ज़ख़्मी हो गए हैं, यूनिसेफ़

    पिछले दो महीने में यमन में 47 बच्चे या तो मारे गए हैं या फिर ज़ख़्मी हो गए हैं, यूनिसेफ़

    Mar १२, २०२२ १५:५८

    नूनिसेफ़ ने एक बयान जारी करके कहा है कि पिछले दो महीने में यमन में 47 बच्चे या तो मारे गए हैं या फिर ज़ख़्मी हो गए हैं।

अधिक...
टॉप न्यूज़
  • इराक़ची: अमेरिका को एक साधारण सत्य समझना चाहिए; दबाव काम नहीं करता

    इराक़ची: अमेरिका को एक साधारण सत्य समझना चाहिए; दबाव काम नहीं करता

    ६ hours ago
  • कोलंबियाई सीनेटर: इज़राइली सैनिकों की राहत-बहाने उपस्थिति ग़ज़ा के अपराधों पर एक पर्दा है

  • एशियाई महिला वॉलीबॉल चैम्पियनशिप; ईरानी बेटियों का सेमीफाइनल में ऐतिहासिक प्रवेश

  • असोसिएटेड प्रेस: अमेरिका की मिसाइल भंडार स्थिति गंभीर संकट में

  • नारिश्किन: रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी आक्रमण ब्रिक्स के विस्तार का मुख्य कारण था

संपादक की पसंद
  • इराक़ची: हुर्मुज़ स्ट्रेट को 28 फ़रवरी से पहले की स्थिति में लौटाना संभव नहीं है

    इराक़ची: हुर्मुज़ स्ट्रेट को 28 फ़रवरी से पहले की स्थिति में लौटाना संभव नहीं है

    १० hours ago
  • अंडर-17 विश्व वॉलीबॉल चैम्पियनशिप; ईरान का सेमीफाइनल में प्रवेश

    अंडर-17 विश्व वॉलीबॉल चैम्पियनशिप; ईरान का सेमीफाइनल में प्रवेश

    १० hours ago
  • ब्रिगेडियर जनरल मोहसिन रेज़ाई: हुर्मुज़ स्ट्रेट का पुनः खुलना ईरान की शर्तों के अमेरिका द्वारा कार्यान्वयन पर निर्भर है

    ब्रिगेडियर जनरल मोहसिन रेज़ाई: हुर्मुज़ स्ट्रेट का पुनः खुलना ईरान की शर्तों के अमेरिका द्वारा कार्यान्वयन पर निर्भर है

    १० hours ago
अधिक देखी गई ख़बरें
  • विश्लेषण | चीन अमेरिका के ईरान के ख़िलाफ़ नए आर्थिक युद्ध का विरोध क्यों करता है?

  • असोसिएटेड प्रेस: अमेरिका की मिसाइल भंडार स्थिति गंभीर संकट में

  • राष्ट्रपति पिज़िश्कियान: कोई भी इस्लामी भूमि किसी दूसरे इस्लामी देश पर आक्रमण का अड्डा नहीं बननी चाहिए 

  • रूस: ईरान के साथ मिलकर प्रतिबंधों के दबाव को खत्म करने का प्रयास करेंगे

  • श्री पाकनेजाद: ईरान का तेल ग्राहकों तक पहुँचाने की प्रक्रिया जारी है

  • ईरान और क़तर के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात

  • विश्लेषण | बहुआयामी युद्ध ज़ायोनी शासन की अर्थव्यवस्था कहर बने

  • इराक़ची: अमेरिका को एक साधारण सत्य समझना चाहिए; दबाव काम नहीं करता

  • तुर्की रक्षा मंत्रालय: ज़ायोनी शासन क्षेत्र में शांति की सबसे बड़ी बाधा है

  • बक़ाई का यूएसएस अब्राहम लिंकन के क्षेत्र से निकलने पर व्यंग्य: "बॉस, मैं थक गया हूँ!

Pars Today

© 2026 PARS TODAY. All Rights Reserved.

समाचार
    विश्व
    पश्चिमी एशिया
    ईरान
    धर्म
    पार्स पीडिया
    डिस-इन्फ़ो
Pars Today
    हमारे बारे में
    हमसे संपर्क करें
    आरएसएस