एक्स उपयोगकर्ता | ईरान, यूक्रेन नहीं है, नकली क्रांति सफ़ल नहीं होगी
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पार्स-टुडे- सोशल मीडिया नेटवर्क एक्स के उपयोगकर्ताओं ने ईरान में आतंकवादियों की मदद करने संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति के संदेश पर प्रतिक्रिया दी।
(last modified 2026-01-16T08:13:32+00:00 )
Jan १५, २०२६ १५:५५ Asia/Kolkata
  • आतंकवादियों के अपराधों की निंदा में तेहरान में जनता की व्यापक मौजूदगी
    आतंकवादियों के अपराधों की निंदा में तेहरान में जनता की व्यापक मौजूदगी

पार्स-टुडे- सोशल मीडिया नेटवर्क एक्स के उपयोगकर्ताओं ने ईरान में आतंकवादियों की मदद करने संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति के संदेश पर प्रतिक्रिया दी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल नेटवर्क ट्रुथ सोशल पर आतंकवादियों से ईरान में असुरक्षा और अराजकता फ़ैलाने को जारी रखने का आग्रह किया और वादा किया: मदद रास्ते में है। ट्रंप के इस संदेश पर सोशल मीडिया नेटवर्क एक्स के उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं जिन पर इस पार्स-टुडे रिपोर्ट में नज़र डाली गई है।

 

एक्स पर जैसी नामक यूज़र ने ईरान में आतंकवादियों को अमेरिका और इज़राइल का एजेंट बताया। उसने लिखा: ईरान की जनता को समझना चाहिए कि आतंकवादी अमेरिका और इज़राइल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। ईरान की जनता उनके एजेंडे के जाल में न फँसे वरना आपका देश दूसरा फ़िलिस्तीन बन जाएगा।

 

क्रिस्टियन बाइटन विल्का नामक एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा: अमेरिका का लक्ष्य ईरान में अमेरिका-समर्थक कठपुतली शासन थोपना है जैसा कि यूक्रेन में हुआ लेकिन ईरान, यूक्रेन नहीं है और नकली क्रांति सफल नहीं होगी।

 

इसी तरह ट्रैविस ज़ेली नामक एक्स यूज़र ने लिखा: ईरान में आतंकवादियों के लिए ट्रंप का समर्थन अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के अनुसार स्पष्ट रूप से अवैध कृत्य को अंजाम देने की खुली स्वीकारोक्ति है।

 

एक अन्य एक्स उपयोगकर्ता शामा जांजू ने सोमवार को आतंकवादियों के अपराधों की निंदा में ईरानी जनता की रैली का उल्लेख करते हुए लिखा: अपने नेता के समर्थन में लाखों ईरानी सड़कों पर उतरे। इतनी बड़ी भीड़ को किसी रैली में जबरन नहीं लाया जा सकता। यह वास्तविक समर्थन है जिसे ट्रंप समझ नहीं पाए।

 

एक्स पर सक्रिय प्रसान नराम नामक उपयोगकर्ता ने स्वतंत्र सरकारों के ख़िलाफ़ प्रभुत्ववादी देशों की साज़िशों की ओर इशारा करते हुए लिखा: ट्रंप द्वारा इस बात को खुले तौर पर कहना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे पता चलता है कि विदेशी शक्तियाँ कितने लंबे समय से ईरान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। इतिहास देर-सवेर सब कुछ उजागर कर देगा।

 

एक ईरानी उपयोगकर्ता महदख़्त ने भी इस बारे में लिखा: जुआरी और पेडोफ़ाइल ट्रंप जान ले कि हर एक ईरानी अपनी जान देकर अपनी सरज़मीं की रक्षा करेगा और देश की एक इंच ज़मीन भी दुश्मन के हाथ नहीं लगने देगा। MM