क्यों अधिकांश अमेरिकी ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़े के विरोध में हैं?
-
ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़े पर ट्रम्प का दावा
पार्स टुडे - एक नए सर्वेक्षण से पता चलता है कि अमेरिकी ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़े के व्यापक रूप से विरोध में हैं।
पार्स टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एक नए सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि केवल १७ प्रतिशत अमेरिकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड हासिल करने के प्रयासों का समर्थन करते हैं, और डेमोक्रैट्स और रिपब्लिकन दोनों का एक बड़ा बहुमत इस द्वीप को अपने कब्जे में लेने के लिए सैन्य बल के उपयोग के विरोध में है। १४ जनवरी को जारी दो-दिवसीय रॉयटर्स/इप्सोस सर्वेक्षण के परिणाम बताते हैं कि लगभग ४७ प्रतिशत उत्तरदाताओं ने ट्रम्प के ग्रीनलैंड हासिल करने के प्रयास का विरोध किया और ३५ प्रतिशत ने कहा कि वे इस बारे में "निश्चित नहीं हैं।" पांच में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन्होंने ग्रीनलैंड हासिल करने की अमेरिकी योजनाओं के बारे में कुछ नहीं सुना है। केवल चार प्रतिशत अमेरिकियों ने कहा कि ग्रीनलैंड को डेनमार्क से अलग करने के लिए सैन्य बल का उपयोग करना "अच्छा विचार" है, लेकिन ७१ प्रतिशत ने कहा कि ग्रीनलैंड के खिलाफ सैन्य बल का उपयोग करना बुरा विचार है। इसके अलावा, ६६ प्रतिशत उत्तरदाताओं, अर्थात् ९१ प्रतिशत डेमोक्रैट्स और ४० प्रतिशत रिपब्लिकन ने कहा कि उन्हें चिंता है कि ग्रीनलैंड का क़ब्ज़े अमेरिका के यूरोप और नाटो के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाएगा।
यह तब है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को यूरोपीय देशों के साथ अमेरिकी तनातनी के बीच घोषणा की कि नाटो को डेनमार्क के अधिकार क्षेत्र वाले द्वीप ग्रीनलैंड तक अमेरिकी पहुंच के लिए रास्ता साफ करना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर दावा किया कि अगर अमेरिका इस क्षेत्र पर कब्जा नहीं करता है, तो रूस या चीन करेगा और ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। ट्रम्प का दावा है कि जब ग्रीनलैंड अमेरिकी हाथों में होगा, तो नाटो अधिक शक्तिशाली और प्रभावी हो जाएगा और इससे कम कुछ भी अस्वीकार्य है। ट्रम्प ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर भी लिखा: अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्य के लिए ग्रीनलैंड की आवश्यकता है। यह उस "गोल्डन गुंबद" के लिए महत्वपूर्ण है जो हम बना रहे हैं। गोल्डन गुंबद परियोजना एक बहु-परत प्रणाली होने वाली है जो पृथ्वी की कक्षा से लेकर अमेरिका में स्थानीय बुनियादी ढांचे तक को कवर करेगी। ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि धारणा के विपरीत, यह प्रणाली केवल इंटरसेप्टर मिसाइलों का एक समूह नहीं है, बल्कि इसमें उपग्रहों, रडार, एंटी-ड्रोन सिस्टम और यहां तक कि संभवतः निर्देशित ऊर्जा हथियारों का एक विस्तृत नेटवर्क शामिल है।
वाशिंगटन के दबाव और धमकियों के बावजूद, ग्रीनलैंड के अधिकारी इस क्षेत्र की डेनमार्क से संबद्धता की निरंतरता पर जोर देते हैं। इस संदर्भ में, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने डेनमार्क के अधिकार क्षेत्र के तहत इस लगभग स्वायत्त द्वीप की राजनीतिक स्थिति बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा: अगर हमें डेनमार्क और अमेरिका के बीच चयन करना है, तो हमारा चयन डेनमार्क है।
इससे पहले, यूरोपीय देशों ने भी ग्रीनलैंड के क़ब्ज़े के अमेरिकी फैसले के खिलाफ अपना विरोध स्पष्ट रूप से व्यक्त किया था। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने मंगलवार को "कुछ बहुत करीबी सहयोगियों" की ओर से "अस्वीकार्य दबाव" की निंदा की।
ग्रीनलैंड के क़ब्ज़े के लिए ट्रम्प की मांग के खिलाफ डेनमार्क के साथ-साथ यूरोपीय देशों का दृढ़ विरोध, अमेरिका के भीतर समान विरोधों के समानांतर है। वास्तव में, रॉयटर्स/इप्सोस के दो-दिवसीय सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी ग्रीनलैंड हासिल करने के प्रयास के विरोध में हैं और यह विरोध राजनीतिक, ऐतिहासिक, नैतिक और रणनीतिक कारकों के एक समूह में निहित है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, केवल लगभग १७ प्रतिशत अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड प्राप्त करने के प्रयास का समर्थन करते हैं, और डेमोक्रैट्स और रिपब्लिकन दोनों का बहुमत इसके विरोध में है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इस विचार का विरोध एक पक्षपातपूर्ण मुद्दा नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय सहमति है।
विरोध का एक प्रमुख कारण अन्य क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए बल या धमकी के उपयोग के प्रति अमेरिकी जनमत की संवेदनशीलता है। सर्वेक्षण से पता चलता है कि दोनों पार्टियों के अधिकांश लोग ग्रीनलैंड के क़ब्ज़े के लिए सैन्य बल के उपयोग के विरोध में हैं। यह मुद्दा अमेरिका के ऐतिहासिक अनुभवों और महंगे और लंबे युद्धों पर सार्वजनिक दृष्टिकोण में निहित है। अमेरिकी लोग सामान्य तौर पर विदेशी संघर्षों के प्रति अधिक संदेहास्पद हो गए हैं और कोई भी कार्रवाई जो हस्तक्षेप या विस्तारवाद की ओर इशारा करती है, नकारात्मक प्रतिक्रिया का सामना करती है।
एक अन्य महत्वपूर्ण कारक अमेरिका के पारंपरिक सहयोगियों के प्रति सम्मान है। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और डेनमार्क नाटो का एक प्रमुख सदस्य और वाशिंगटन के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है। डेनमार्क पर दबाव डालने या इस देश के साथ तनाव पैदा करने की धमकी कई अमेरिकियों के लिए अनावश्यक और यहां तक कि हानिकारक मानी जाती है। सर्वेक्षण से पता चलता है कि डेनमार्क के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचने की चिंता व्यापक विरोध के कारणों में से एक है।
दूसरी ओर, कई अमेरिकी किसी क्षेत्र को खरीदने या हासिल करने के विचार को उपनिवेशवाद के युग का मानते हैं। इक्कीसवीं सदी में, ऐसी कार्रवाई नैतिक और राजनीतिक रूप से अमेरिकी समाज के एक बड़े हिस्से के लिए अस्वीकार्य है। यह रवैया राष्ट्रों के आत्मनिर्णय के अधिकार के बारे में अमेरिका के घोषित मूल्यों के साथ भी विपरीत है।
इसके अलावा, भू-राजनीतिक महत्व के बावजूद, ग्रीनलैंड सामान्य अमेरिकी नागरिकों के लिए दैनिक जीवन से दूर का विषय है। बुनियादी ढांचे के विकास, विशाल और ठंडे क्षेत्र के प्रबंधन और करदाताओं के लिए इसके आर्थिक परिणामों की संभावित लागत, कुछ ऐसी चिंताएं हैं जो विरोध को मजबूत करती हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि ग्रीनलैंड के क़ब्ज़े के खिलाफ अमेरिकियों का व्यापक विरोध राजनीतिक यथार्थवाद, नैतिक संवेदनशीलता, आर्थिक चिंताओं और सहयोगियों के साथ संबंध बनाए रखने की इच्छा के संयोजन को दर्शाता है। रॉयटर्स/इप्सोस का नया सर्वेक्षण दर्शाता है कि विदेश नीति में ट्रम्प के साहसिक विचारों, विशेष रूप से ग्रीनलैंड पर कब्जा करने या इसे डेनमार्क से खरीदने के लिए बल के उपयोग के संदर्भ में, अमेरिकी समाज सतर्क और तर्कसंगत प्रतिक्रिया देता है। (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए