ज़ायोनी विश्लेषक: नेतन्याहू और ट्रंप दोनों पतन की राह पर हैं
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पार्सटुडे – एक ज़ायोनी विश्लेषक ने बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में मुलाकात का मज़ाक उड़ाते हुए इस बैठक को "दो हारे हुए लोगों" की बैठक करार दिया।
(last modified 2026-07-30T10:26:28+00:00 )
Jul ३०, २०२६ १५:५३ Asia/Kolkata
  • ज़ायोनी विश्लेषक: नेतन्याहू और ट्रंप दोनों पतन की राह पर हैं

पार्सटुडे – एक ज़ायोनी विश्लेषक ने बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में मुलाकात का मज़ाक उड़ाते हुए इस बैठक को "दो हारे हुए लोगों" की बैठक करार दिया।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार, "मारीव" अखबार के राजनीतिक विश्लेषक "रॉन एडलिस्ट" ने ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की वाशिंगटन यात्रा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात के बारे में एक टिप्पणी में लिखा:

 

"व्हाइट हाउस में दो हारे हुए लोग एक-दूसरे से मिल रहे हैं; जाहिर तौर पर ईरान से निपटने के तरीके पर विचार-विमर्श के लिए लेकिन वास्तव में दोनों ने खुद को और अपने लोगों को भ्रमित कर दिया है।"

 

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में आगे कहा:

"हमेशा की तरह यह यात्रा और समर्पण तथा निष्ठा प्रदर्शन का समारोह भी बेनतीजा समाप्त होगा और अंत में केवल एक वीडियो जारी होगा जिसका सार होगा: 'मैं आया, मुझे चोट लगी, और मैं विजयी हुआ।' वास्तव में जो हो रहा है, वह केवल नेतन्याहू और उनकी पत्नी के डोनाल्ड ट्रंप के साथ कुछ फोटो खिंचवाना है।"

 

एडलिस्ट ने आगे कहा:

"दिखने में सब कुछ इसराइल में नेतन्याहू और अमेरिका में ट्रंप पर निर्भर है लेकिन वास्तव में युद्ध से लेकर किसी भी क्षेत्रीय समझौते तक के खेल के नियमों को निर्धारित करने वाला इनमें से कोई भी नहीं है बल्कि यह इस्लामिक क्रांति रक्षक दल है जो खेल के नियमों को निर्धारित करता है।"

 

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नेतन्याहू और उनके सहयोगी मानते हैं कि समाधान युद्ध में प्रवेश करना है जबकि ट्रंप और उनकी टीम युद्ध को अमेरिकी हितों के ख़िलाफ़ मानते हैं और ईरान, हिज़बुल्लाह और हमास के साथ बातचीत के माध्यम से नेतन्याहू को राजनीतिक मंच से हटाकर उनके स्थान पर ऐसे व्यक्ति को लाना पसंद करेंगे जो उनके अनुसार अधिक तर्कसंगत तरीके से कार्य करेगा।

 

इस ज़ायोनी विश्लेषक ने ट्रंप की राजनीतिक स्थिति की आलोचना करते हुए उन्हें "राजनीति के मैदान में एक चलता-फिरता शव" बताया और लिखा:

"ट्रंप राजा और दरबारी विदूषक का एक अजीब मिश्रण हैं।"

 

उन्होंने नेतन्याहू की वाशिंगटन यात्रा और ईरान मामले पर लौटते हुए आगे लिखा:

"मुख्य खिलाड़ियों में से कोई भी – न तो नेतन्याहू और न ही इसराइली सेना या उसकी वायुसेना – इस समीकरण में कोई निर्णायक भूमिका नहीं रखता है। स्थिति केवल तभी बदल सकती है यदि ट्रंप इस निष्कर्ष पर पहुँचें कि ईरान के ख़िलाफ़ हार का अर्थ अमेरिका में उनकी आंतरिक हार है; उस स्थिति में वे शायद नेतन्याहू को अधिक अधिकार दें, और नेतन्याहू भी यह अधिकार वायुसेना को सौंप दें।"

 

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह वाशिंगटन यात्रा मौजूदा वास्तविकताओं में कोई बदलाव नहीं लाएगी और दोनों इतिहास के कूड़ेदान में जाने की राह पर हैं। mm